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Zerodha के म्यूचुअल फंड में कब होगा ज्यादा फायदा? स्कीम को लेकर सब पता लग गया

Zerodha Mutual Fund में निवेश करने से पहले ये डिटेल जरूर जान लीजिए

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Both mutual fund schemes of zerodha falls under very high rish category.
जीरोधा की दोनों स्कीम 'बेहद अधिक रिस्क' कैटेगरी में आती हैं. (तस्वीर साभार- Business today)
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8 सितंबर 2023 (Updated: 8 सितंबर 2023, 19:07 IST)
Updated: 8 सितंबर 2023 19:07 IST
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असेट मैनेजमेंट कंपनी जीरोधा (Zerodha AMC) अब म्यूचुअल फंड बाजार में उतर रही है. वो दो म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) लॉन्च करेगी. कंपनी ने स्कीम लॉन्च करने के लिए सेबी से इजाजत मांगी है. पॉपुलर स्टॉक ब्रोकर कंपनी जीरोधा के फाउंडर और सीईओ नितिन कामथ(Nitin Kamath) इस AMC के मालिक हैं. इसलिए निवेशकों के बीच जीरोधा के म्यूचुअल फंड को लेकर काफी उत्साह है.

सेबी(Sebi) के पास जमा कागजों के मुताबिक जीरोधा AMC की पहली स्कीम है- जीरोधा निफ्टी लार्जमिडकैप 250 इंडेक्स फंड(Zerodha Nifty Largemidcap 250 index fund). दूसरी है- जीरोधा टैक्स सेवर ELSS निफ्टी लार्जमिडकैप 250 इंडेक्स फंड(ELSS Nifty Largecap 250 index fund). आइए निवेश करने से पहले दोनों स्कीमों की खासियतें जान लेते हैं.

जीरोधा निफ्टी लार्जमिडकैप 250 इंडेक्स फंड

यह एक ओपन एंडेड स्कीम होगी. यानी निवेशक जब चाहे तब स्कीम में निवेश कर सकते हैं, निवेश बेच सकते हैं. यह स्कीम निफ्टी के लार्जमिडकैप 250 इंडेक्स को ट्रैक करेगी. इस इंडेक्स में जिस हिसाब से उतार-चढ़ाव होगा, स्कीम की परफॉर्मेंस भी उसी हिसाब से घटेगी और बढ़ेगी. निवेशक किसी भी दिन स्कीम में निवेश कर सकते हैं और किसी भी समय निवेश भुना सकते हैं. अगर कोई निवेशक रिडेम्प्शन यानी पैसे निकालने के लिए आवेदन डालता है तो 3 कारोबारी दिनों के अंदर उसके खाते में पैसे आ जाएंगे. एक यूनिट की फेस वैल्यू 10 रुपये होगी.

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मौजूदा जानकारी के हिसाब से चूंकि यह डायरेक्ट प्लान है. इसलिए किसी तरह की ट्रांजैक्शन फीस नहीं होगी. यानी इस स्कीम में एंट्री और एक्जिट लोड नहीं लगेगा. डायरेक्ट प्लान का मतलब होता है निवेशक सीधे म्यूचुअल फंड कंपनी से डील कर रहा है. बीच में कोई बिचौलिया नहीं है. इसलिए किसी तरह का कमिशन नहीं देना पड़ता.

जीरोधा टैक्स सेवर (ELSS) निफ्टी लार्जमिडकैप 250 इंडेक्स कैप

जानकारी के मुताबिक इस स्कीम का लॉक इन पीरियड 3 साल का होगा. मतलब, निवेश करने के 3 सालों तक स्कीम से पैसा नहीं निकाल सकेंगे. इस फंड में निवेश करने पर इनवेस्टर्स को आयकर अधिनियम के 80सी के तहत टैक्स छूट का भी फायदा मिलेगा. ये स्कीम भी डायरेक्ट प्लान है. इसलिए स्कीम के निवेशकों को ना कोई एंट्री फीस देनी होगी और ना ही कोई एक्जिट लोड.

कौन कर सकता है निवेश?

कंपनी के दस्तावेजों के मुताबिक दोनों ही स्कीम बेहद अधिक रिस्क कैटेगरी में आती हैं. दरअसल, स्कीम के असेट का 95 फीसदी पैसा शेयर और शेयरों से जुड़े इंस्ट्रूमेंट में लगाया जाएगा. बाकि, 5 फीसदी डेट या मनी मार्केट में लगाया जा सकता है. शेयरों में ज्यादा निवेश होने के कारण इसे 'वेरी हाई रिस्क' कैटेगरी में रखा गया है. जो लोग शेयर और शेयरों से जुड़े इंस्ट्रूमेंट में निवेश करके लॉन्ग टर्म में पैसा बनाना चाहते हैं. उनके लिए जीरोधा की स्कीम सही रहेगी. दोनों ही स्कीम निफ्टी के लार्जमिडकैप 250 इंडेक्स के हिसाब से चलेंगी.

SIP कैसे होगी?

इस स्कीम को केदारनाथ मिराजकर मैनेज करेंगे. केदार पहले आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC को मैनेज करते रहे हैं. दोनों स्कीमों में निवेशक रोजाना, साप्ताहिक, 15 दिनों पर, तिमाही, छमाही और सालाना SIP जमा कर सकते हैं. स्कीम में कम से कम 500 रुपये जमा करने ही होंगे. निवेशक बीच में चाहें तो SIP की रकम बढ़ा सकते हैं. मगर निवेश 500 रुपये के गुणे में ही होगा.

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