चांदी 15 हजार उछल गई और सोना 3500 रुपये, आगे क्या हाल हो सकता है?
इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने के दाम खूब उछले हैं. कॉमेक्स पर सोने की कीमतें 2% से ज्यादा की तेजी के साथ 5189.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार पर पहुंच गई हैं. इसी तरह से चांदी 6 परसेंट की तेजी के साथ 87.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी. लेकिन सोने-चांदी की चाल आगे कैसी रहेगी?
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सोमवार 23 फरवरी को शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक आज शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर सोने का अप्रैल वायदा करीब 3700 रुपये की तेजी के साथ 1 लाख 60 हजार 600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. वहीं, मार्च सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट 6% या 15,200 रुपये के उछाल के साथ करीब 2 लाख 68 हजार 120 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था.
इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने के दाम खूब उछले हैं. कॉमेक्स पर सोने की कीमतें 2% से ज्यादा की तेजी के साथ 5189.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार पर पहुंच गई हैं. इसी तरह से चांदी 6 परसेंट की तेजी के साथ 87.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी.
रिकॉर्ड ऊंचाई से कीमतों में भारी गिरावटआज भले ही सोने-चांदी में तेजी देखने को मिली है लेकिन रिकॉर्ड ऊंचाई से सोने-चांदी के दाम काफी लुढ़क चुके हैं. आलटाइम हाई से सोने के दाम करीब 36 हजार रुपये नीचे हैं. इसी तरह, चांदी 4 लाख 20 हजार 48 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तरों से 1 लाख 70 हजार रुपये गिर चुकी है.
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सोने-चांदी में तेजी क्यों आई?सोने-चांदी की कीमतों में तेजी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद आई है जिसमें कोर्ट ने दुनियाभर में लगाए गए ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया था. इसके चलते सोने चांदी के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ा है और वे सुरक्षित निवेश के लिए इन धातुओं पर दांव लगा रहे हैं. अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के 'लिबरेशन डे' टैरिफ को अवैध करार देते हुए कहा कि उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया है. इस फैसले के बाद, ट्रंप ने सभी देशों से आयात पर 10% टैरिफ लगाने के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए. इसके बाद शनिवार 21 फरवरी को उन्होंने टैरिफ बढ़ाकर 15% कर दिया.
सोने-चांदी की चाल आगे कैसी रहेगी?मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटीज विश्लेषक मानव मोदी ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा, “चांदी के भंडार में भारी गिरावट देखी जा रही है. यह बहुत महत्वपूर्ण है. यह चीन में लॉकडाउन के चलते सप्लाई में कमी और मांग बढ़ने का संकेत देता है. इस हफ्ते अमेरिका में कई आर्थिक आंकड़े जैसे कि अमेरिकी फैक्ट्री ऑर्डर, कंज्यूमर कांफीडेंस वगैरह आएंगे इसलिए निवेशकों का पूरा ध्यान इन आंकड़ों पर रहेगा. ”
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डिजिटल गोल्ड कारोबार से जुड़ी कंपनी ऑगमोंट गोल्ड फार ऑल की 20 फरवरी को जारी एक रिपोर्ट में बताया गया कि निवेशकों की तरफ से सोने-चांदी में सुरक्षित निवेश मांग बढ़ने से चांदी के दाम उछले हैं. साथ ही अमेरिकी डॉलर मजबूत होने से सोने-चांदी के दाम चढ़े हैं. रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि निकट अवधि में इंटरनेशनल मार्केट में चांदी का भाव 70-90 डॉलर के दायरे में रहेगा. भारतीय संदर्भ यानी एमसीएक्स की बात करें तो यहां पर चांदी के दाम 2,25,000 रुपये-2,85,000 रुपये) के दायरे में रहने का अनुमान है. अगर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चांदी 70 डॉलर से नीचे गिरती है तो चांदी का भाव 64 डॉलर ( भारतीय बाजार में 2 लाख रुपये ) तक गिर सकता है. निवेशक गिरावट आने पर चांदी खरीदें और तेजी आने पर बेचें. इस रणनीति को अपनाने से फायदा हो सकता है.
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