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क्या है आदिवासियों के लिए लाई गई नई योजना, जिसके लिए बजट में 15 हजार करोड़ दिए गए?

सिकल सेल एनीमिया को दूर करने के लिए सरकार ने क्या वादा किया?

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1 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 1 फ़रवरी 2023, 07:50 PM IST)
Budget allocation for tribal group
सांकेतिक तस्वीर (फाइल फोटो- रॉयटर्स)
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आम बजट (Budget) से पहले समाज के हर तबके को सरकार से नई घोषणाओं की उम्मीद होती है. चाहे वह मिडिल क्लास हो, अमीर वर्ग या गरीब समुदाय हों. हर कोई अपनी बचत को बढ़ाने और जीवन स्तर में सुधार के लिए सरकार से राहत की उम्मीद करते हैं. सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए बजट की घोषणा कर दी है. इस खबर में आपको बताएंगे कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने आदिवासी समुदाय के लिए क्या घोषणाएं की है. आदिवासी समुदाय देश की कुल आबादी का 8.9 फीसदी है.

PMPVTG विकास मिशन शुरू होगा

केंद्र सरकार ने कहा है कि असुरक्षित आदिवासी समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए PMPVTG विकास मिशन शुरू किया जाएगा. इसका उद्देश्य इन आदिवासियों के लिए मूलभूत सुविधाओं की स्थिति सुधारनी है. मूलभूत सुविधा यानी मकान, सफाई, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा और कनेक्टिविटी जैसी चीजें. इसके लिए सरकार ने अगले तीन सालों में 15 हजार करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की है. वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना से साढ़े तीन लाख आदिवासियों को फायदा पहुंचेगा.

PVTG यानी काफी पिछड़े और कमजोर आदिवासी समुदाय. साथ ही जिनकी आबादी लगातार कम हो रही हो. देश के 15 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कम से कम 75 ऐसे आदिवासी समुदाय आते हैं. 

एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल के लिए क्या?

आदिवासी छात्रों के लिए इसकी घोषणा की गई है. वित्त मंत्री के मुताबिक, अगले तीन सालों में एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल के लिए 38 हजार 800 शिक्षकों और स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी. सुदूर इलाकों के इन स्कूलों में करीब साढ़े तीन लाख छात्र पढ़ाई करते हैं.

एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल की स्थापना 1997-98 में की गई थी. उद्देश्य था कि देश के सुदूर इलाकों में रह रहे आदिवासी बच्चों की शिक्षा का स्तर सुधारा जाए. अनुसूचित जनजाति मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक ऐसे स्कूल की क्षमता 480 छात्रों की है. इसमें छठी क्लास से बारहवीं तक के बच्चे पढ़ते हैं.

सिकल सेल एनीमिया को दूर करने का वादा

सिकल सेल एनीमिया को दूर करने के लिए योजना शुरू की जाएगी. वित्त मंत्री ने कहा कि साल 2047 तक सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए एक मिशन शुरू किया जाएगा. इसके तहत प्रभावित आदिवासी इलाकों में शून्य से 40 साल के उम्र के 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी. केंद्र और राज्य सरकारों की साझेदारी से इस समस्या को दूर किया जाएगा. हालांकि सरकार ने इसके लिए बजट की घोषणा नहीं की है.

एनीमिया यानी खून की कमी. थोड़ा और डिटेल में बोलें तो खून में पाए जाने वाले लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की कमी. लेकिन ये सिकल सेल एनीमिया क्या है? डॉक्टरों के मुताबिक इस तरह की बीमारी लाल रक्त कोशिकाओं में डिफेक्ट से होता है. इस स्थिति में लाल रक्त कोशिकाएं दराती के आकार के हो जाते हैं इसलिए सिकल सेल भी बोलते हैं. आकार बदलने से ये कोशिकाएं ब्लड वेसेल को ब्लॉक कर देता है जिससे ब्लड फ्लो रुकता है. डॉक्टर इसे जेनेटिक समस्या मानते हैं. हाथ, पैर और जोड़ों की हड्डियों में दर्द इसके आम लक्षण हैं. जनजाति मंत्रालय के मुताबिक, आदिवासी समुदाय में जन्म लेने वाले 86 में से एक बच्चे सिकल सेल से ग्रसित होते हैं.

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