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भारत पर 500% टैरिफ लगाएगा अमेरिका? रूस से तेल खरीदने की सजा!

Trump on Tariff: इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक ऐसे विधेयक को मंजूरी दे दी है. इसके तहत अमेरिका उन देशों को सजा दे सकेगा, जो जानबूझकर रूस से तेल खरीदते हैं.

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Trump tariff
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसे विधेयक को मंजूरी दे दी है (फोटो क्रेडिट: Aaj Tak)
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प्रदीप यादव
8 जनवरी 2026 (Updated: 8 जनवरी 2026, 01:23 PM IST)
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भारत एक नई मुसीबत में फंसता दिख रहा है. अमेरिका भारत पर 500 परसेंट तक का टैरिफ लगा सकता है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक ऐसे द्विदलीय प्रतिबंध विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अमेरिका उन देशों को सजा दे सकेगा जो रूस से जानबूझकर तेल खरीदते हैं. द्विदलीय प्रतिबंध विधेयक का मतलब ये है कि ऐसा कानून (बिल) जिसे अमेरिका की दोनों बड़ी राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला हो. अमेरिका में दो प्रमुख राजनीतिक पार्टियां हैं एक रिपब्लिकन पार्टी और दूसरी  डेमोक्रेट पार्टी.

सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा,

7 जनवरी को राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई बैठक के बाद इस विधेयक को मंजूरी मिल गई है . इसे अगले सप्ताह तक मतदान के लिए पेश किया जा सकता है. यह विधेयक राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को चीन, भारत और ब्राजील जैसे देशों पर “बेहद प्रभावी दबाव” बनाने का अधिकार देगा, ताकि वे रियायती रूसी तेल की खरीद बंद करें जिससे यूक्रेन युद्ध के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को वित्तीय मदद मिलती है.

ग्राहम दक्षिण कैरोलिना से रिपब्लिकन सीनेटर हैं. उन्होंने आगे लिखा, 

यह सही समय पर आएगा, क्योंकि यूक्रेन शांति के लिए रियायतें दे रहा है और पुतिन सिर्फ बातें कर रहे हैं, जबकि निर्दोष लोगों की हत्या जारी है. यह विधेयक राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों को दंडित करने की अनुमति देगा जो सस्ता रूसी तेल खरीदकर पुतिन की युद्ध मशीन को ईंधन दे रहे हैं.

 

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सीनेट और हाउस के नेताओं ने इस विधेयक पर मतदान टाल दिया है. इस विधेयक में रूस को अमेरिकी ऊर्जा उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध और रूसी ऊर्जा क्षेत्र में निवेश पर रोक का भी प्रावधान है. मतदान इसलिए टाला गया क्योंकि ट्रंप ने संकेत दिया कि वे भारत से आयात होने वाले सामान पर टैरिफ लगाने को प्राथमिकता देते हैं. भारत, चीन के बाद रूसी तेल का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है.

पिछले साल ट्रंप ने अमेरिका में आने वाली भारतीय सामानों पर 25 परसेंट ‘रिसिप्रोकल टैरिफ’ लगाया था. साथ ही रूस से तेल खरीदने पर अतिरिक्त 25 परसेंट का जुर्माना भी लगाया गया था. इस वजह भारत को अमेरिका में अपना ज्यादातर सामान बेचने पर 50% टैरिफ चुकाना पड़ रहा है.  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वजह से भारतीय निर्यातकों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

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पिछले महीने के अंत में अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय चावल पर नए टैरिफ की धमकी दी थी, जब अमेरिकी राष्ट्रपति प्रशासन की तरफ हुई एक राउंडटेबल बैठक में एक किसान प्रतिनिधि ने भारत, चीन और थाईलैंड द्वारा डंपिंग की शिकायत की थी. बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच अब भी ट्रेड डील अटकी हुई है. अमेरिका भारत पर अपने कृषि उत्पादों पर ऊंचे आयात शुल्क रोकने के लिए जोर डाल रहा है. हालांकि, भारत सरकार कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर अब तक अडिग बनी हुई है. 
 

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