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बिना प्रॉपर्टी के चाहिए रियल एस्टेट के बेनेफिट, REIT से बनाएं मोटा पैसा

REIT (रीट) का पूरा नाम है रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (Real Estate Investment Trust). यह ऐसा निवेश साधन है जिसमें आप बिना पूरा घर/ऑफिस खरीदे, बड़े-बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स जैसे मॉल, ऑफिस वगैरा में हिस्सेदारी ले सकते हैं.

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27 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 08:26 PM IST)
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REIT में निवेश करना शेयर खरीदने जितना आसान है (फोटो क्रेडिट: Business Today)
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आपके पास बड़ी रकम नहीं है फिर भी रियल एस्टेट से मिलने वाले रिटर्न (किराया + प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने) का फायदा लेना चाहते हैं, तो रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) में निवेश से अपनी ये हसरत पूरी कर सकते हैं. REIT क्या होता है, इसमें कैसे निवेश किया जा सकता है, इन बातों को समझते हैं.

REIT क्या है?

REIT (रीट) का पूरा नाम है रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (Real Estate Investment Trust). यह ऐसा निवेश साधन है जिसमें आप बिना पूरा घर/ऑफिस खरीदे, बड़े-बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स जैसे मॉल, ऑफिस वगैरा में हिस्सेदारी ले सकते हैं. REITs स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होते हैं और वहां खरीदे-बेचे जा सकते हैं. शेयर मार्केट की तरह इन्हें भी बाजार नियामक सेबी रेगुलेट करता है.

REITs में निवेश से कैसे फायदा होता है?

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ये प्रॉपर्टी आवासीय या कॉमर्शियल दोनों तरह की हो सकती है. इनसे होने वाली आय या तो किराए के रूप में आती है या फिर बिक्री से होने वाले मुनाफे (capital gains) के रूप में. यह आय निवेशकों के बीच डिविडेंड , ब्याज या मूलधन की वापसी के रूप में बांटी जाती है.

निवेशकों को म्यूचुअल फंड की तरह यूनिट्स दी जाती हैं, जिन्हें वे अपनी जरूरत के अनुसार कभी भी रिडीम (बेच) कर सकते हैं. जैसे जैसे प्रॉपर्टी के दाम ऊपर जाते हैं REITs की यूनिट्स की कीमतें बढ़ती हैं और इस तरह से फायदा होता है. बिजनेस टुडे की एक खबर बताती है कि भारत में नियम है कि REITs को अपनी कमाई का लगभग 90% निवेशकों में बांटना होता है.

रियल एस्टेट कंपनी बूट्स रियलिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक राय का कहना है, “हर कोई रियल एस्टेट में निवेश नहीं कर सकता क्योंकि इसमें बड़ी रकम लगती है. लेकिन REITs निवेशकों को छोटी रकम निवेश करके प्रॉपर्टीज के कुछ हिस्से के मालिक बनने की सुविधा देते हैं. REITs की एक और खास बात ये है कि स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टेड होने से इन्हें आसानी से खरीदा या बेचा जा सकता है.”

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REIT में निवेश कैसे करें?

REITs में निवेश करना शेयर खरीदने जितना आसान है. डीमैट खाता खोलकर जैसे आप शेयर खरीदते हैं वैसे ही REITs भी स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होते हैं. इन्हें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज या बॉम्बे स्टॉक एक्सटेंज से खरीदा जा सकता है. आप ब्रोकरेज ऐप जैसे Zerodha, Groww वगैरा से भी REIT खरीद सकते हैं. REIT में निवेश करते समय कुछ अहम जोखिमों को समझना जरूरी है.

सबसे बड़ा जोखिम यह है कि इसका प्रदर्शन सीधे रियल एस्टेट मार्केट पर निर्भर करता है. अगर प्रॉपर्टी की कीमतें गिरती हैं या किराए में कमी आती है, तो REIT की आय और रिटर्न दोनों पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा, ब्याज दरों में बढ़ोतरी भी REITs निवेशकों के लिए नुकसानदायक हो सकती है. वहीं, अगर ऑफिस स्पेस या कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग घटती है तो REIT की कमाई और निवेशकों को मिलने वाला रिटर्न कम हो सकता है.

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खूब आ रहा निवेश 

इकोनॉमिक टाइम्स के पत्रकार कैलाश बाबर की एक रिपोर्ट में सीबीआरई दक्षिण एशिया (CBRE South Asia) के आंकड़ों हवाले से बताया गया है कि साल 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही में भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में 5.1 अरब डॉलर (48 हजार करोड़ रुपये) तक रिकॉर्ड निवेश आया. यह पिछले साल की तुलना में 72% ज्यादा है. इस दौरान REITs के निवेश ने 2 अरब डॉलर (18,826 करोड़ रुपये) का आंकड़ा पार कर लिया.

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