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हर दिन नए रिकॉर्ड बना रहा है शेयर बाजार, क्या ये पैसा लगाने का बेस्ट टाइम है?

19 जुलाई को BSE के सेंसेक्स ने पहली बार 67000 का स्तर पार किया. कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 67117.05 के नए रिकॉर्ड स्तर को छुआ. NSE के निफ्टी ने भी 19841.65 का नया रिकॉर्ड बनाया.

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20 जुलाई 2023 (अपडेटेड: 20 जुलाई 2023, 09:45 PM IST)
Share market fluctuates on two factors- fundamental and technical.
शेयर बाजार दो कारणों से बढ़ता है- फंडामेंटल और टेक्निकल. ( Image credit- Bussinesstoday & Unsplash)
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घरेलू शेयर बाजारों में बीते कुछ दिनों से निवेशक जमकर खरीदारी कर रहे हैं. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर हर दिन नए रिकॉर्ड बन रहे हैं. बुधवार, 19 जुलाई को BSE के सेंसेक्स ने पहली बार 67000 का लेवल पार किया. कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 67117.05 के नए रिकॉर्ड स्तर को छुआ. NSE के निफ्टी ने भी 19841.65 का नया रिकॉर्ड बनाया.

दरअसल बाजार दो कारणों से बढ़ता है- फंडामेंटल और टेक्निकल. फंडामेंटल यानी आर्थिक और वित्तीय फैक्टर. टेक्निकल तरीके में आंकड़ों का आकलन किया जाता है. केडिया फिनकॉर्प के फाउंडर नितिन केडिया ने दी लल्लनटॉप को बताया,

"बाजारों के लिए इस समय सबसे बड़ा फंडामेंटल कारण है, भारत में राजनीतिक स्थिरता. मौजूदा ओपिनियन पोल के मुताबिक 2024 चुनावों में भी बीजेपी ही केंद्र में सरकार बनाने वाली है. घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए ये बेहद पॉजिटिव संकेत है. इसलिए वे पूरे भरोसे के साथ बाजार में पैसे लगाए जा रहे हैं."

अब बात करते हैं अर्थव्यवस्था की तो डिमांड लगातार बनी हुई है. सुस्ती जैसी स्थिति बनती नहीं दिख रही है. GST कलेक्शन औसतन हर महीने डेढ़ लाख करोड़ रुपये से ऊपर जा रहा है. GST कलेक्शन बढ़ने का मतलब है कि दुकानदारों के पास सामान और सेवाओं की जमकर खरीदारी हो रही है. तिमाही नतीजों का दौर शुरू हो चुका है. कंपनियों के नतीजों से ये बात साफ हो जाएगी.

शेयर बाजारों में ये स्तर जायज है? 
इस सवाल पर नितिन ने कहा कि भारतीय बाजारों में रिकॉर्ड हाई बनने के पीछे वजहे हैं. जिन पर हम ऊपर बात कर चुके हैं. मगर, विदेशी बाजारों में स्थिति कुछ अलग है. वहां कुछ बड़ी कंपनियां के दाम जरूरत से ज्यादा ऊपर नजर आ रहे हैं. अगर उनमें कुछ गिरावट आती है तो भारतीय बाजारों पर भी इसका असर दिख सकता है. तब शेयर बाजार कुछ ऊपर नीचे जा सकते हैं.

घरेलू बाजारों के लिए आगे कौन सी मंजिल नजर आ रही है?
केडिया ने कहा कि 2023 के आखिर तक निफ्टी 20700 या 23000 का लेवल छू सकता है. 2024 में एक बार फिर यही सरकार बनती है तो निफ्टी पर 23500 या 24000 का लेवल भी देखने को मिल सकते हैं. 2024 तक सरकार के पास खर्च करने के लिए अभी काफी बजट है. उसका खर्च बढ़ेगा तो शेयर बाजारों में भी तेजी दिखेगी. ऐसा रहा तो लगभग सभी सेक्टर्स में तेजी जारी दिख सकती है. बाजार में साइकोलॉजिकल लेवल काफी मायने रखते हैं. यानी 10000 से 20000 तक पहुंचने का सफर. इस समय बाजार 20000 लेवल के पास घूम रहे हैं. इसलिए कुछ प्रॉफिट बुकिंग भी दिख सकती है. 

नए रिकॉर्ड को देखकर निवेश करने के बारे में क्या राय है? 
इस पर नितिन केडिया ने कहा कि अगर नया निवेश करना है तो निफ्टी के 19200 या 19300 के स्तर पर आने का इंतजार करें. अगले महीने में ये लेवल नजर आ सकते हैं. इसके अलावा कंपनियां तिमाही नतीजे जारी करना शुरू कर चुकी हैं. जिस सेक्टर का प्रदर्शन अच्छा न दिखे उसमें पैसे न लगाएं. बारिश से अभी तक कोई नुकसान की खबर आई नहीं है. कुछ राज्यों में बारिश कम होने की खबर आ रही है. अगस्त के पहले सप्ताह में स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी कि बारिश की वजह से किस सेक्टर पर सबसे बुरा असर पड़ रहा है. इन चीजों को ध्यान में रखते हुए ही निवेश का कोई फैसला करें.

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