The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Business
  • IMF predicts big drop in India’s FY27 GDP growth

IMF का अनुमान, इस साल भारत की विकास दर 7.3% रहेगी, लेकिन अगले साल का भी जानें

IMF ने भविष्यवाणी की है कि वित्त वर्ष 2026-27 यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 के बीच भारत की आर्थिक विकास दर घटकर 6.4 पर्सेंट रह सकती है.

Advertisement
IMF GDP growth rate India
IMF ने भविष्यवाणी की है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक विकास दर घटकर 6.4% रह सकती है (फोटो क्रेडिट: Unsplash.com)
pic
प्रदीप यादव
19 जनवरी 2026 (Updated: 19 जनवरी 2026, 09:30 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने अगले साल भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट में भारी गिरावट का अनुमान लगाया है. IMF ने भविष्यवाणी की है कि वित्त वर्ष 2026-27 (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027) के बीच भारत की आर्थिक विकास दर घटकर 6.4 पर्सेंट रह सकती है. वहीं चालू वित्त वर्ष (2025-26) के लिए भारत की आर्थिक विकास दर 7.3 पर्सेंट रहने का अनुमान लगाया है.

इस तरह से चालू वित्त वर्ष के मुकाबले अगले वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक तरक्की की रफ्तार घटने का अनुमान जताया गया है. इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक IMF ने अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के अपडेट में ये बातें कही हैं. उसका कहना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में चक्रीय और अस्थायी कारणों के कमजोर पड़ने से आर्थिक विकास दर धीमी पड़ने का अनुमान है.

चक्रीय कारण वे होते हैं जो अर्थव्यवस्था के सामान्य उतार–चढ़ाव के साथ बदलते रहते हैं, जैसे किसी दौर में मांग का अचानक बढ़ जाना, सरकारी खर्च में तेजी, कम ब्याज दरों के कारण कर्ज और निवेश में उछाल आ जाना. वहीं अस्थायी कारण वे होते हैं जिनका असर सीमित समय के लिए रहता है, जैसे मानसून बेहतर रहा या निर्यात बढ़ गया वगैरा. 

हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए IMF का ताजा 6.4% का अनुमान उसके अक्टूबर में लगाए गए 6.2% के अनुमान से 20 बेसिस प्वाइंट्स अधिक है. वहीं, चालू वर्ष के लिए 7.3% का अनुमान पिछले कैलेंडर वर्ष के अंत में लगाए गए 6.6% के अनुमान से 70 बेसिस पॉइंट ज्यादा है. कुछ दिन पहले ही विश्व बैंक ने भारत के लिए अपनी आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.5% पर बरकरार रखा था.

ये भी पढ़ें: GDP की जगह NDP लाएगी मोदी सरकार? लेकिन ये है क्या?

नवंबर 2025 के अंत में जारी आंकड़ों से पता चला था कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (एक जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025) में भारत की जीडीपी वृद्धि दर में शानदार इजाफा देखने को मिला. तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 8.2% पहुंच गई थी. ये ग्रोथ रेट सभी अनुमानों से कहीं ज्यादा थी. इस शानदार ग्रोथ रेट के बाद दिसंबर में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर 7.3% रहने की भविष्यवाणी की है.

जनवरी 2026 की शुरुआत में मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन (MoSPI) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि का पहला अग्रिम अनुमान 7.4% बताया. इसके अलावा 2027-28 के लिए IMF ने अक्टूबर 2025 में दिए गए अपने 6.4% के अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया है.

ये भी पढ़ें: चांदी की 'चांदी ही चांदी', 3 लाख के बाद अब 4 लाख के पार कब होगी?

हाल ही में इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी थी कि सरकार जीडीपी को लेकर एक और बड़ा बदलाव कर सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक सरकार GDP की गणना का बेस ईयर बदल रही है. अभी GDP 2011-12 के आधार पर आंकी जाती है. इसे बदलकर 2022-23 किया जा रहा है. 

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट बताती है कि नई सीरीज के तहत पहला आर्थिक विकास दर का आंकड़ा 27 फरवरी 2026 को जारी हो सकता है. MoSPI अक्टूबर-दिसंबर 2025 के लिए जीडीपी अनुमान और 2025-26 के लिए अपना दूसरा अग्रिम अनुमान भी जारी करेगा. ऐसे में नई सीरीज के आंकड़े आने के बाद कई एजेंसियों के अनुमान में संशोधन होना तय माना जा रहा है.

ये तो हो गई भारत की बात. दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के लिए भी IMF ने 2026 के विकास दर के अनुमान को 30 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाकर 4.5% कर दिया है. हालांकि, 2027 के लिए चीन की विकास दर थोड़ी कम होकर 4% रहने का अनुमान लगाया गया है.

वीडियो: भोपाल में मंच से कथावाचकों के खिलाफ क्या बोल गए भाजपा के पूर्व विधायक?

Advertisement

Advertisement

()