इंवेस्टर्स की दुआओं से लगेंगे हर बरस मेले, स्टार्ट-अप करने वालों का यही आख़िर रिज़ॉर्ट होगा
अंतिम भाग: स्टार्टअप से जुड़ी वो बातें जो वित्त वर्ष 2021-22 में बदल जाएंगी
Advertisement

'उत्तर प्रदेश आदर्श विचार मंडल' और 'FICCI' के सदस्य वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के केंद्रीय बजट 2021-22 के भाषण को देखते हुए. (तस्वीर: PTI/नंद कुमार)
Quick AI Highlights
Click here to view more
पहले एपिसोड में हमने स्टार्टअप के बेसिक्स के बारे में समझा. हमने समझा कि स्टार्ट-अप क्या होता है, हम अपने किरदार लल्लन बिष्ट से मिले, जो स्टार्टअप खोलने की चाह रखता है. हमने स्टार्टअप से जुड़े कुछ ज़रूरी टर्म्स समझे. जैसे: 'प्रोटोटाइप', 'इनक्यूबेटर फर्म', 'बूटस्ट्रैपिंग और सीड फ़ंडिंग'. यदि आपने वो पहला पार्ट नहीं पढ़ा है, तो हम आपसे अनुरोध करेंगे कि पहले वो ज़रूर पढ़ें, तभी आपको आगे की कथा समझ में आएगी. क्यूंकि कथा ठीक वहीं से शुरू करेंगे, जहां पर पिछली बार ख़त्म की थी.

.webp?width=60)
.webp?width=60&quality=30)