The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Business
  • DGCA introduces 48-hour free cancellation window for flight ticket, tightens refund timelines for airlines

फ्लाइट टिकट 48 घंटे में कैंसिल किया तो फुल रिफंड मिलेगा, DGCA के ऐलान में ट्विस्ट भी है

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने 24 फरवरी को हवाई जहाज के टिकट वापसी के नियमों में संशोधन किया है. DGCA ने ये कदम हवाई यात्रा करने वाले लोगों की सुविधा के लिए उठाया है. कई लोग शिकायत कर रहे थे कि एयरलाइंस कंपनियां मनमानी कर रही हैं.

Advertisement
flight ticket cancellation rules
हवाई यात्रा करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है (फोटो क्रेडिट: Business Today)
pic
प्रदीप यादव
26 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 09:00 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है. अब फ्लाइट का टिकट बुकिंग के 48 घंटे के भीतर कैंसिल करने पर फुल रिफंड मिलेगा. इसके अलावा 48 घंटे के भीतर बिना जुर्माना चुकाए यात्रा की तारीख में बदलाव करने की सुविधा भी दी गई है. 

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने 24 फरवरी को हवाई जहाज के टिकट वापसी के नियमों में संशोधन किया है. DGCA ने ये कदम हवाई यात्रा करने वाले लोगों की सुविधा के लिए उठाया है. कई लोग शिकायत कर रहे थे कि एयरलाइंस कंपनियां मनमानी कर रही हैं. 

नई नियमों के मुताबिक एयरलाइंस को बुकिंग के समय से 48 घंटे का 'लुक इन पीरियड' देना जरूरी है. इसका मतलब ये हुआ कि यात्री के पास अब सोच-विचार का समय रहेगा. अगर उन्हें जरूरत पड़ी तो इस इस अवधि के दौरान यात्री बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के अपने टिकट रद्द या संशोधित कर सकते हैं. 

हालांकि, अगर कोई यात्री किसी दूसरी फ्लाइट में यात्रा करना चाहता है, तो किराये में जो भी अंतर होगा वह देना होगा.

Image embed

ये भी पढ़ें: हिडेन चार्ज के नाम पर नहीं लगेगा चूना, RBI ने इंतजाम कर दिया

इन शर्तों का पालन जरूरी

48 घंटे वाली शर्तों का फायदा उठाने के लिए कुछ शर्तों का भी पालन जरूरी होगा. अगर किसी यात्री ने एयरलाइन कंपनी की वेबसाइट से घरेलू उड़ान का टिकट बुक किया है और यात्रा की तारीख बुकिंग की तारीख से 7 दिन के भीतर है तो आपको 48 घंटे वाले नियम का फायदा नहीं मिल पाएगा. अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए 15 दिन के भीतर फ्लाइट शेड्यूल है तो भी 48 घंटे वाले नियम का फायदा नहीं मिलेगा. अगर 48 घंटे का समय निकल जाता है तो टिकट रद्द करने या बदलने पर एयरलाइन के सामान्य कैंसिलेशन या री-शेड्यूलिंग चार्ज चुकाने ही होंगे.

ये भी पढ़ें: 50 हजार सैलरी पाने वाले 2 करोड़ बना सकते हैं, बस निवेश का ये फॉर्मूला अपना लें

नाम में करेक्शन का अब कोई चार्ज नहीं

एक दूसरे जरूरी बदलाव में DGCA ने एयरलाइनों को यात्री के नाम में किसी तरह का बदलाव करने पर अतिरिक्त चार्ज लेने से रोक दिया है. लेकिन ये चार्ज केवल तब नहीं लगेगा जब एयर टिकट बुक होने के 24 घंटों के भीतर एयरलाइन को इसकी सूचना दी जाए और टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से खरीदा गया हो. 

वहीं, अब यात्रियों को रिफंड देना एयरलाइंस की जिम्मेदारी होगी न कि एजेंट की. DGCA का कहना है कि ये एजेंट एयरलाइंस के लिए ही काम करते हैं इसलिए एयरलाइंस की ही रिफंड की जिम्मेदारी बनती है. इतना ही नहीं, एयरलाइंस कंपनियों को 14 वर्किंग डेज के भीतर रिफंड प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है.

इसके अलावा यात्रा अवधि के दौरान यात्री या उसी PNR में शामिल परिवार के किसी सदस्य को अस्पताल में भर्ती कराया जाता है, तो एयरलाइन या तो पूरा पैसा लौटाएगी या भविष्य की यात्रा के लिए क्रेडिट जारी कर सकती है. DGCA के आंकड़ों से पता चलता है कि दिसंबर 2025 में ही एयरलाइनों को यात्रियों से जुड़ी 29,212 शिकायतें मिलीं.

वीडियो: असम में लड़की से गैंगरेप के मामले में लोगों ने पुलिस से क्या मांग की?

Advertisement

Advertisement

()