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महंगाई में सबसे आगे कौन से राज्य, सबसे पीछे कौन, सरकारी रिपोर्ट में खुलासा हुआ!

जुलाई में खुदरा महंगाई दर रेकॉर्ड स्तर पर थी, अगस्त में क्या हाल निकला?

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13 सितंबर 2023 (अपडेटेड: 13 सितंबर 2023, 07:05 PM IST)
Inflation rate for Food price remained at 9.94% in august 2023
खाद्य पदार्थों की महंगाई दर अगस्त में 9.94 फीसदी रही है. (साभार- India Today)
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मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लिकेशन (MoSPI) की एक रिपोर्ट आई है. महंगाई को लेकर. वो मुद्दा जो हर वक्त आम आदमी के बीच गर्माया रहता है. MoSPI की इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ राज्यवार तरीके से महंगाई दर की जानकारी दी गई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि महंगाई के मामले में सबसे आगे कौन सा राज्य है और कहां महंगाई सबसे कम है. 

रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त में महंगाई से सबसे ज्यादा राहत गोवा और दिल्ली के लोगों को मिली है. पिछले महीने गोवा की महंगाई दर 2.95 फीसदी रही है, जबकि दिल्ली की महंगाई दर 3.09 फीसदी रही है. दिल्ली की आबादी गोवा के मुकाबले काफी ज्यादा है. अधिक आबादी के बाद भी महंगाई दर 3.09 फीसदी पर आना दिल्ली के लोगों के लिए वाकई राहत की बात है. दिल्ली, गोवा के बाद महंगाई दर के मामले में अरुणाचल प्रदेश (3.18%), असम(4.01%) और पश्चिम बंगाल (4.79%) है.

दूसरी तरफ, राजस्थान, तेलंगाना और हरियाणा के लोगों पर मंहगाई की सबसे ज्यादा मार पड़ी है. MoSPI की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में महंगाई दर अगस्त में 8.60 फीसदी पर रही. जबकि, तेलंगाना और हरियाणा में यह 8.27 फीसदी रही है. इसके बाद उड़ीसा में यह 8.23%, झारखंड में 7.91% और कर्नाटक में 7.85% रही है. सभी राज्यों के महंगाई दर के आंकड़ों पर गौर करने पर एक और चीज सामने आती है. उसके मुताबिक ज्यादातर बड़े राज्यों में महंगाई दर अगस्त 2023 में 6-8 फीसदी के बीच रही है. ये भी बता दें कि राज्यों के महंगाई दर के आंकड़े पिछले साल अगस्त के आंकड़ों से तुलना करके निकाले गए हैं.

सस्ती हुई हैं खाने पीने की चीजें

MoSPI की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय स्तर पर खुदरा महंगाई की दर अगस्त में 6.83 फीसदी रही है. जुलाई में यह दर 7.44 फीसदी रही थी, जो 15 महीनों का उच्चतम स्तर भी था. अगस्त में भले महंगाई दर हल्की नीचे आई है. मगर इसके बाद भी यह रिजर्व बैंक के तय दर से ऊपर ही है. आरबीआई महंगाई दर को 2-6 फीसदी के बीच रखना चाहती है. अगस्त में महंगाई नीचे आने का कारण है खाने-पीने की चीजों का दाम घटना.

दरअसल खाद्य पदार्थों की कीमतों के आधार पर फूड प्राइस इंडेक्स निकाला जाता है. खुदरा महंगाई दर के इंडेक्स में फूड प्राइस इंडेक्स की 50 फीसदी हिस्सेदारी होती है. चूंकि, अगस्त में खाने-पीने की चीजों के दाम नीचे आए हैं. इसीलिए बीते महीने ओवरऑल खुदरा महंगाई दर भी नीचे आई है.

जुलाई में खुदरा महंगाई दर के रेकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने की वजह भी खाद्य पदार्थों की महंगाई थी. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि खाद्य पदार्थों की महंगाई दर अगस्त में 9.94 फीसदी रही है. जबकि, जुलाई में यह दर 11.51 फीसदी थी. खाद्य पदार्थों में भी खासकर सब्जी और मसालों के दाम आसमान पर थे. अगस्त में सब्जियों की महंगाई दर 26 फीसदी और मसालों की 23.19 फीसदी थी. जबकि, जुलाई में इन दोनों चीजों की महंगाई दर क्रमशः 37.34 फीसदी और 21.63 फीसदी रही थी.

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