Indigo बड़े संकट में, पायलटों की कमी वाले खेल की जांच होगी, CCI का आदेश
CCI ने अपने 16 पन्नों के आदेश में कहा है कि IndiGo ने अचानक से बड़ी तादाद में अपनी फ्लाइट्स रद्द कर दी थीं. ये उड़ानें एयरलाइन की कुल शेड्यूल फ्लाइट्स का एक बड़ा हिस्सा थीं.
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देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) नई मुश्किल में फंसती दिख रही है. इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक बुधवार 4 फरवरी को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने IndiGo के खिलाफ अनुचित व्यावसायिक कार्यप्रणाली (यानी संचालन) की व्यापक जांच का आदेश दिया है. इंडिगो की पैरेंट कंपनी का नाम इंटरग्लोब एविएशन है.
CCI ने अपने 16 पन्नों के आदेश में कहा है कि IndiGo ने अचानक से बड़ी तादाद में अपनी फ्लाइट्स रद्द कर दी थीं. ये उड़ानें एयरलाइन की कुल शेड्यूल फ्लाइट्स का एक बड़ा हिस्सा थीं. CCI ने कहा है कि एयरलाइन ने इस तरह से अपनी सेवाओं को रोका जिससे यात्रियों को टिकट बुकिंग के समय सीटें नहीं मिल पाईं. इस तरह एयरलाइन ने कृत्रिम यानी बनावटी कमी पैदा की .
CCI ने आदेश में कहा है कि जब मांग सबसे ज्यादा थी तब यात्रियों की हवाई यात्रा तक पहुंच को सीमित कर दिया गया. CCI ने 20 जनवरी को जारी बयान में कहा कि 3 दिसंबर से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो की 2,507 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं. इसके अलावा 1,852 फ्लाइट्स ने तय समय से देरी से उड़ान भरी. इसके चलते देश के अलग-अलग हवाई अड्डों पर 3 लाख से भी ज्यादा हवाई यात्रियों को दिक्कतें उठानी पड़ी थीं.
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क्या है मामला ?पिछले साल दिसंबर की शुरुआत में, इंडिगो ने बड़ी तादाद में अपनी फ्लाइट्स कैंसिल कर दी थीं. इसकी वजह ये थी कि सरकार ने एयरलाइन कंपनियों के लिए नए नियम बनाए थे. इन नियमों के तहत सभी एयरलाइन कंपनियों को अपने पायलटों को आराम देने के लिए Flight Duty Time Limitation (FDTL) का पालन करना था. इंडिगो पर आरोप लगा कि उसने ये दिखाने की कोशिश की कि इन नियमों के कारण उड़ानों के लिए पायलटों की कमी हो गई और इसी वजह से फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ीं. नतीजा, 3 लाख से ज्यादा हवाई यात्रियों को परेशानी हुई.
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