बैंक के बजाय कॉरपोरेट एफडी करा ली, अब पैसा बरसेगा या डूबेगा?
जब हम किसी बैंक में एक निश्चित समय के लिए पैसा जमा कराते हैं तो उसे बैंक एफडी कहते हैं. वहीं, कॉरपोरेट एफडी का मतलब कंपनी की एफडी से होता है. इसके तहत कोई कंपनी या नॉन बैकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) एफडी जारी करती है.

आजकल ज्यादा रिटर्न के लालच में लोग कॉरपोरेट एफडी (Corporate FD) की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसा इसलिए हो रहा है कि कॉरपोरेट एफडी में बैंकों की FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) के मुकाबले ज्यादा ब्याज मिल रहा है. लेकिन बड़ा सवाल ये है कि ज्यादा रिटर्न पाने के चक्कर में कहीं निवेशक फंस तो नहीं रहे हैं? आइए जानते हैं कि बैंक की एफडी और कॉरपोरेट एफडी क्या होती हैं और कहां पैसा ज्यादा सुरक्षित रहता है.
बैंक एफडी और कॉरपोरेट एफडी में क्या फर्क है?जब हम किसी बैंक में एक निश्चित समय के लिए पैसा जमा कराते हैं तो उसे बैंक एफडी कहते हैं. वहीं, कॉरपोरेट एफडी का मतलब कंपनी की एफडी से होता है. इसके तहत कोई कंपनी या नॉन बैकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) एफडी जारी करती है.
कॉरपोरेट एफडी में आप अपना पैसा कंपनी के पास जमा करते हैं और कंपनी आपको तय ब्याज देती है. लेकिन कॉरपोरेट एफडी में पैसा डूबा तो सरकार गारंटी नहीं लेती है. लेकिन अगर किसी बैंक में आपका पैसा जमा है और वह बैंक डूब गया है तो 5 लाख तक रुपया आपका सुरक्षित है. सरकार डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन के तहत बैंक जमाओं को इतनी सुरक्षा देती है.
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बेहतर कॉरपोरेट एफडी कैसे चुनें?बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट बताती है कि कॉरपोरेट एफडी आमतौर से रेटिंग के आधार पर अच्छी या बुरी मानी जाती है. क्रेसिल, केयर और इक्रा जैसी कई रेटिंग एजेंसियां समय -समय पर इनकी रेटिंग देती रहती हैं. जिस कंपनी की एफडी की रेटिंग जितनी बढ़िया होती है पैसे डूबने की संभावना उतनी कम रहती है.
कई प्रमुख नॉन बैकिंग फाइनेंस कंपनियां जैसे कि श्रीराम फाइनेंस, महिंद्रा फाइनेंस, सुंदरम होम फाइनेंस और आईसीआईसीआई होम फाइनेंस जैसी कंपनियों को AAA रेटिंग मिली है. इस रेटिंग को सबसे बेहतर माना जाता है. वहीं, मुथूट कैपिटल सर्विसेज इस सेगमेंट में सबसे ज्यादा ब्याज रेट देती है. यह एनबीएफसी अपनी कुछ एफडी पर 8.95% तक सालाना रिटर्न दे रही है.
मणिपाल हाउसिंग फाइनेंस सिंडिकेट 8.25% और श्रीराम फाइनेंस की ब्याज दरें 7.25% तक हैं. आमतौर NBFC बैंक सीनियर सिटीजंस को 0.25% से 0.50% तक का अतिरिक्त ब्याज देते हैं.
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एक्सपर्ट्स की क्या सलाह है?बैकिंग एक्सपर्ट अश्विनी राणा ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि देश में फिलहाल ज्यादातर सरकारी और निजी बड़े बैंकों की सामान्य नागरिकों के लिए अधिकतम ब्याज दरें 6 से लेकर 7-7.5 पर्सेंट के बीच हैं. वहीं सीनियर सिटीजंस को बैंक 0.25 पर्सेंट से 0.50 पर्सेंट के बीच अतिरिक्त ब्याज ऑफर कर रहे हैं. लेकिन ये दरें समय-समय पर बदलती रहती हैं.
ऐसे में उनका कहना है कि कॉरपोरेट एफडी पर दरें इसके मुकाबले एक से दो पर्सेंट ज्यादा रह सकती हैं लेकिन जोखिम भी है. हालांकि , उनका कहना है कि जो निवेशक ज्यादा रिटर्न चाहते हैं वे बेहतर रेटिंग वाली कॉरपोरेट एफडी में निवेश कर सकते हैं.
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