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इनकम टैक्स रिफंड अब तक नहीं आया? वजह और आगे के स्टेप जानें

संसद में साझा किए गए आंकड़ों के हवाले से लिखा गया है कि एसेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए करीब 8.80 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किए गए. इनमें से करीब 24 लाख रिटर्न पिछले 90 दिनों से अधिक समय से पेंडिंग हैं.

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16 सितंबर 2025 थी रिटर्न भरने की आखिरी तारीख (फोटो क्रेडिट: Business Today)
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प्रदीप यादव
19 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 08:16 PM IST)
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अगर आपका इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) अब भी अटका है तो आप अकेले नहीं हैं. इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख बीत जाने के 5 महीने बाद भी लाखों टैक्सपेयर्स ऐसे हैं जिन्हें रिफंड नहीं मिला है. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में संसद में साझा किए गए आंकड़ों के हवाले से लिखा गया है कि एसेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए करीब 8.80 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किए गए. इनमें से करीब 24 लाख रिटर्न पिछले 90 दिनों से अधिक समय से पेंडिंग हैं.

16 सितंबर थी रिटर्न भरने की आखिरी तारीख

एसेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर 2025 थी. सरकार ने इसे दो बार बढ़ाया. पहले इसे 31 जुलाई से 15 सितंबर तक बढ़ाया गया, और फिर 16 सितंबर तक कर दिया गया. अब तक आपका रिफंड क्यों नहीं आया? क्या आपने कोई गलती कर दी? इन सब सवालों के जबाव तलाशेंगे.

कुछ ITR प्रोसेस होने में लगता है लंबा वक्त

इंडिया टुडे की रिपोर्ट में बताया गया है कि रिफंड में देरी के कुछ सामान्य कारण हो सकते हैं. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 143(1) के तहत रिटर्न की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही रिफंड जारी किया जाता है. अगर आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर अंडर प्रोसेसिंग (Under Processing) दिखाई देता है. इसका मतलब है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अभी तक एसेसमेंट पूरा नहीं किया है. जब तक रिटर्न की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक रिफंड नहीं दिया जा सकता.

कुछ ITR प्रोसेस होने में लंबा वक्त लगता है. इसकी कई वजहें हैं. मसलन डेटा की जांच में देरी. कमाई से जुड़े डिटेल्स में अंतर होता है. इसके अलावा कटौतियों (deductions ) और टैक्स क्रेडिट्स की पुष्टि करनी होती है. कटौतियों का मतलब है वो रकम जो आपकी कुल इनकम में से घटाई जाती है, ताकि आपका टैक्स बचे.

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मोटा रिफंड बन रहा है तो देर लगती है

टैक्स एक्सपर्ट विनोद रावल ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि 20,000 रुपये से ज्यादा रिफंड में थोड़ा वक्त लगता है. इनकम टैक्स विभाग धोखाधड़ी को रोकने के लिए बड़े रिफंड दावों की ज्यादा अच्छे से जांच करता है. उनका कहना है कि सभी रिफंड एक समान तरीके से प्रोसेस होते हैं. लेकिन बड़े रिफंड के लिए अतिरिक्त वेरीफिकेशन भी किया जा सकता है. इसलिए रिफंड में देरी हो सकती है.

आमतौर पर ITR वेरिफिकेशन के बाद 4-5 हफ्तों में टैक्सपेयर्स के बैंक अकाउंट में रिफंड का पैसा क्रेडिट हो जाता है. लेकिन बड़े रिफंड में समय ज्यादा लग सकता है. देरी होने पर टैक्सपेयर्स को 6% वार्षिक ब्याज भी मिल सकता है.

बैंक की डिटेल्स में अंतर 

अगर आपका रिटर्न ‘Processed with refund due’ दिखा रहा है तो भी आपके बैंक अकाउंट में पैसे तभी आएंगे जब बैंक डिटेल्स सही हों. कभी-कभी IFSC कोड गलत दर्ज होने की वजह से रिफंड अटक जाता है. कई बार रिफंड की राशि तो जारी हो जाती है, लेकिन बैंक तक पहुंचने में 15 से 30 दिन लग सकते हैं. 

रिफंड केवल उसी बैंक अकाउंट में जाएगा जो आपके पैन (PAN) से पहले से जोड़ा और वेरिफाई किया हुआ हो. यदि आपका खाता वेरीफाइड नहीं है या निष्क्रिय है या उसमें दी गई जानकारी गलत है तो आपके खाते में रिफंड का पैसा नहीं आएगा. ऐसे मामलों में, आपको बैंक की जानकारी अपडेट करनी होगी. साथ ही रिफंड के लिए दोबारा अनुरोध  करना होगा.

फॉर्म 26AS, AIS में अंतर तो लटक सकता है रिफंड

मिंट की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर टैक्सपैयर्स की इनकम फॉर्म 26AS, AIS यानी Annual Information Statement और Taxpayer Information Summary से मेल नहीं खाती है तो आयकर विभाग इसे चिह्नित कर लेता है. इसकी वजह से रिफंड में देरी होती है. 

ITR दाखिल करने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरीफाइड जरूरी

बिजनेस टुडे की एक खबर के मुताबिक रिटर्न दाखिल करने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरीफिकेशन अनिवार्य है. ऐसा न करने पर इनकम टैक्स रिटर्न अधूरा माना जाएगा और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट रिफंड की प्रक्रिया नहीं करेगा. 

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कैसे चेक करें रिफंड स्टेटस

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रिफंड प्रोसेस हुआ है या अटका पड़ा है, ये चेक करने के लिए,

- incometax.gov.in पर जाएं.
- अपने पैन और पासवर्ड से लॉग इन करें.
- ई-फाइल पर जाएं. आयकर रिटर्न टैब पर क्लिक करें और अपने भरे गए रिटर्न पर क्लिक करें
- ताजा रिटर्न का चयन करें और रिफंड स्थिति की जांच करने के लिए ‘View Details’ पर क्लिक करें.

एक और तरीका है जिससे आप अपना रिफंड NSDL रिफंड पोर्टल से चेक कर सकते हैं.

- NSDL रिफंड स्थिति पर जाएं.
- अपना पैन और Assessment Year दर्ज करें.
- इस साइट पर ताजा refund status दिखाई देगा.

रिफंड में देरी होने पर आपको क्या करना चाहिए?

- इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपने बैंक अकाउंट को अपडेट और प्री-वैलिडेटेड रखें.
- जांचें कि आपका ITR ई-वेरिफाई हुआ है या नहीं. अगर नहीं हुआ है, तो तुरंत ई-वेरिफाई करें.
- अगर आपको विवरण में मिसमैच को लेकर कोई नोटिस मिले तो जल्दी से जवाब दें.
- अगर रिफंड स्टेटस में लिखा है “Processed with refund due” लेकिन पैसा अकाउंट में नहीं आया, तो पोर्टल पर ग्रिवांस या रिफंड री-इश्यू का आवेदन करें.

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