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बच्चों के लिए कैसे जुटाएं पैसा? ये 5 स्कीम सब टेंशन दूर कर देंगी

आपकी छोटी-छोटी, लेकिन नियमित बचत और निवेश समय के साथ मिलकर एक मजबूत फंड तैयार कर सकते हैं.

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20 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 10:21 PM IST)
financial planning for children
बच्चों के भविष्य की वित्तीय योजना बनानी बहुत जरूरी हो गया है (फोटो क्रेडिट: Business Today)
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ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं. हर मां-बाप का सपना होता है कि उनका बच्चा अच्छी शिक्षा हासिल करे और सफल बने. इसके लिए माता-पिता खूब मेहनत करते हैं. लेकिन पढ़ाई-लिखाई पहले से काफी खर्चीली होती जा रही है. खासतौर से उच्च शिक्षा (हायर एजुकेशन) पहले की तुलना में काफी महंगी हो चुकी है. ऐसे में सही समय पर सही वित्तीय योजना बनाना भी काफी जरूरी हो गया है.

यहीं पर एक समझदारी भरा निवेश नजरिया काम आता है. आपकी छोटी-छोटी, लेकिन नियमित बचत और निवेश समय के साथ मिलकर एक मजबूत फंड तैयार कर सकते हैं.

नाबालिग बच्चों का PPF अकाउंट खोलें 

बच्चों का पब्लिक प्रॉविडेंट फंड  (PPF) खाता उनकी भविष्य की जरूरतों के लिए लंबी अवधि में मोटा पैसा जोड़ने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है. कोई भी माता-पिता नाबालिग संतान की ओर से पीपीएफ खाता खोल सकते हैं. पब्लिक प्रॉविडेंट फंड एक स्मॉल सेविंग्स स्कीम है. यह निवेश साधन सरकार समर्थित है.

पीपीएफ में कम से कम 500 रुपये जमा करके खाता खोल सकते हैं. जो लोग बिना जोखिम के लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं उनके लिए यह स्कीम काफी बेहतर है. आप किसी भी सरकारी बैंक में पीपीएफ खाता खोलकर निवेश शुरू कर सकते हैं. आजकल ज्यादातर निजी बैंक भी पीपीएफ खाता खोलने की सुविधा देते हैं. पोस्ट ऑफिस में भी खाता खोला जा सकता है. कोई भी व्यक्ति पीपीएफ खाता खोल सकता है. हालांकि जब तक नाबालिग 18 साल का नहीं हो जाता, तब तक खाते की देखभाल अभिभावक के हाथ में रहती है. 

इस सेविंग स्कीम्स की सबसे खास बात ये है कि इसमें सरकार की तरफ से तयशुदा रिटर्न मिलता है. सरकार ने PPF पर फिलहाल 7.1% सालाना का ब्याज तय कर रखा है. लेकिन एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है. इस स्कीम का लॉक इन पीरियड 15 साल है. इस स्कीम में मैच्योरिटी पीरियड (15 साल) के बाद 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है. साथ ही मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम मूलधन और ब्याज दोनों पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है. PPF में मिलने वाले टैक्स-फ्री ब्याज और कंपाउंडिंग की ताकत इस स्कीम को और खास बनाती है. मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि का इस्तेमाल बच्चे की शिक्षा, स्वास्थ्य या दूसरे जरूरी खर्चों के लिए किया जा सकता है.

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NPS वात्सल्य योजना 

एनपीएस वात्सल्य योजना नाबालिगों के लिए तैयार की गई है. इस योजना में माता-पिता या अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों के लिए खाता खोल सकते हैं. यह योजना राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत आती है. इस योजना के तहत माता-पिता या अभिभावक अपने बच्चों के नाम पर एक रिटायरमेंट सेविंग्स अकाउंट खोल सकते हैं. इसका मकसद है कि बच्चे के लिए कम उम्र से ही निवेश शुरू किया जा सके.

निवेश सलाहकार विनोद रावल ने लल्लनटॉप से बातचीत में बताया कि इसमें निवेश करने से लंबे समय तक चक्रवृद्धि (compounding) का फायदा मिलता है. जब बच्चा 18 साल का हो जाता है, तो यह खाता अपने आप एक सामान्य NPS टियर-I अकाउंट में बदल जाता है. इसके बाद बच्चा खुद इस खाते को आगे बढ़ा सकता है और अपने रिटायरमेंट के लिए बचत जारी रख सकता है. इस योजना की एक खास बात यह है कि इसमें न्यूनतम निवेश सिर्फ 1,000 रुपये से शुरू किया जा सकता है. निवेश की कोई ऊपरी सीमा तय नहीं है.

रिकरिंग डिपॉजिट स्कीम्स 

कई बैंक बच्चों के लिए रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) खोलने की सुविधा देते हैं. बैंकिंग एक्सपर्ट अश्विनी कुमार राणा ने लल्लनटॉप से कहा कि यह निवेश की सबसे अनुशासित स्कीम्स में से एक है. आरडी खाते में एक निश्चित अवधि के लिए हर महीने एक तय राशि जमा करनी होती है. खाताधारकों को अपनी बचत पर एक निश्चित ब्याज दर प्राप्त होती है. यह ब्याज दर अलग अलग बैंकों में अलग-अलग हो सकती है. बच्चों के लिए आरडी स्कीम्स का एक बड़ा फायदा यह भी है कि इसमें छोटी रकम से निवेश शुरू किया जा सकता है. इससे कम कमाई वाले माता-पिता भी आसानी से अपने बच्चों के लिए बचत कर सकते हैं.

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चिल्ड्रेन म्यूचुअल फंड

बच्चों के लिए म्यूचुअल फंड नियमित म्यूचुअल फंड की तरह ही काम करते हैं. लेकिन इन्हें इस तरह से तैयार किया जाता है कि माता-पिता अपने बच्चे के भविष्य के खर्चों के लिए पैसे निवेश कर सकें. कुछ म्यूचुअल फंड योजनाओं में एचडीएफसी चिल्ड्रन्स फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल चाइल्ड केयर फंड, टाटा यंग सिटिजन्स फंड, यूटीआई चिल्ड्रन्स इक्विटी फंड, एसबीआई मैग्नम चिल्ड्रेन बेनीफिट फंड और एक्सिस चिल्ड्रेन गिफ्ट फंड वगैरा शामिल हैं.

सुकन्या समृद्धि योजना

सुकन्या समृद्धि योजना केन्द्र सरकार समर्थित एक बचत स्कीम है. यह स्कीम लड़कियों के भविष्य के लिए वित्तीय सुरक्षा और शिक्षा/शादी के खर्च के लिए साल 2015 में लॉन्च की गई थी. सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश शुरू करने के लिए बेटी के जन्म के समय या बाद में 10 साल की उम्र तक खाता खोला जा सकता है.

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुकन्या समृद्धि योजना माता-पिता के बीच इसलिए अच्छी खासी लोकप्रिय है क्योंकि यह स्थिर और सुरक्षित रिटर्न के साथ टैक्स भी बचाती है. इस स्कीम में निवेश करने वाले माता-पिता को 8.2% ब्याज दर और इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है. कोई भी व्यक्ति अपनी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि खाता खोल सकता है. इसमें 250 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है. इस योजना का मैच्योरिटी पीरियड खाता खोलने की तारीख से 21 साल है.

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