कौन हैं क्लेयर मजूमदार जिन्हें मिली करोड़ों की कंपनी बायोकॉन की कमान?
बायोकॉन की एमडी किरण मजूमदार-शॉ ने बिजनेस न्यूज मैगजीन फॉर्च्यून इंडिया को बताया कि वे अपनी भतीजी को इस कंपनी की कमान सौंपने जा रही हैं. 73 साल की किरण मजूमदार -शॉ ने करीब 40 साल पहले बायोकॉन कंपनी की नींव रखी थी.

बायोकॉन की एमडी किरण मजूमदार-शॉ ने बिजनेस न्यूज मैगजीन फॉर्च्यून इंडिया को बताया कि वे अपनी भतीजी को इस कंपनी की कमान सौंपने जा रही हैं. 73 साल की किरण मजूमदार शॉ ने करीब 40 साल पहले बायोकॉन कंपनी की नींव रखी थी. बॉयोकॉन भारत की एक प्रमुख बायो-फार्मास्यूटिकल (बायोटेक) कंपनी है. यह कंपनी डायबिटीज, कैंसर समेत कई बीमारियों के इलाज के लिए दवाइयां, बायोसिमिलर बनाती है.
उन्होंने कहा, "मैं बायोकॉन की एकमात्र मालिक हूं और मुझे यह सुनिश्चित करना होगा कि मैं इसे योग्य हाथों में सौंपूं. मैंने अपनी भतीजी क्लेयर मजूमदार को अपना उत्तराधिकारी बनाया है, क्योंकि मुझे लगता है कि उसने मुझे साबित कर दिया है कि वह एक कंपनी चला सकती है.
हालांकि, मजूमदार-शॉ ने संकेत दिया कि यह बदलाव धीरे-धीरे होगा. उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा कि वह "अभी कुछ समय के लिए रिटायर होने की योजना नहीं बना रही हैं. उन्होंने आगे लिखा कि क्लेयर “धीरे-धीरे समय के साथ मेरी भूमिका में आ जाएंगी.”
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इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक क्लेयर मजूमदार फिलहाल बिकारा थेरेप्यूटिक्स (Bicara Therapeutics) की फाउंडर और सीईओ हैं. यह कंपनी अमेरिकी शेयर बाजार (नैस्डैक) में लिस्टेड है. इस कंपनी में बॉयोकॉन ने पैसा लगाया है. उन्होंने एमआईटी (MIT) और स्टैनफोर्ड से कैंसर बायोलॉजी में पीएचडी की पढ़ाई की है.
इससे पहले थर्ड रॉक वेंचर्स और रियोस मेडिसिन्स के साथ काम कर चुकी हैं. बिकारा साल 2024 में लिस्टेड हुई थी. इनकी कंपनी का मार्केट कैप 1.6 अरब डॉलर (लगभग 15 हजार 250 करोड़ रुपये ) है. क्लेयर के पति थॉमस रॉबर्ट्स पेशे से डॉक्टर हैं और मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल में ऑन्कोलॉजिस्ट हैं.
वहीं, बॉयोकॉन ने अपने जेनेरिक और बायोलॉजिक्स कारोबार को एक साथ मिला दिया है. कंपनी ने अपना कर्ज घटाया है . अब कंपनी का मुख्य फोकस बायोसिमिलर्स पर है. कंपनी की कुल कमाई का करीब 60% हिस्सा बायोसिमिलर्स से आता है. बॉयोकॉन के 12 बायोसिमिलर उत्पाद बाजार में मौजूद हैं, जबकि लगभग 20 नए प्रोडक्ट पाइपलाइन में हैं. कंपनी अब ज्यादा तेजी से ग्रोथ वाले बायोसिमिलर बिजनेस पर दांव लगा रही है.
बायोसिमिलर ऐसी दवाइयां होती हैं जो पहले से मौजूद महंगी बायोलॉजिक दवाओं जैसी ही असरदार और सुरक्षित होती हैं. ये आमतौर पर कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाती हैं. जैसे जेनेरिक दवाएं सामान्य दवाओं के सस्ते विकल्प होती हैं, वैसे ही बायोसिमिलर कैंसर, डायबिटीज या ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज वगैरा के सस्ते विकल्प होते हैं.
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