गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट 3 साल तक वैलिड रहेगा?
सरकार PUCC रिन्यू करवाने का टाइम एक साल से बढ़ाकर तीन साल कर सकती (PUCC may be valid for 3 years for new vehicles) है. हालांकि ये व्यवस्था सिर्फ BSVI वाले निजी वाहनों के लिए होगी. माने 1 अप्रेल 2020 से बाद के निजी वाहन इस प्रोसेस के दायरे में आएंगे.

गाड़ी का पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट' (PUCC) अगर नहीं हो या उसकी वैलिडिटी खत्म हो जाए तो क्या होता है? कम से कम 1 हजार रुपये का और अधिकतम 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. बार-बार ऐसा होने पर हर बार 2 हजार का फटका लग सकता है. तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस भी सस्पेंड हो सकता है. माने 80 रुपये का सर्टिफिकेट नहीं होने पर दर्द ही दर्द है. एक ‘दर्द’ इसको हर साल रिन्यू करवाने का भी है. पुराने वाहनों में तो ये प्रोसेस हर 6 महीने में दोहराना पड़ता है. पर शायद आगे से ऐसा नहीं होगा (PUCC may be valid for 3 years for new vehicles).
PUCC 3.0 आ सकता हैसरकार PUCC रिन्यू करवाने का टाइम एक साल से बढ़ाकर तीन साल कर सकती है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार निजी वाहनों के PUCC रिन्यू की टाइम लाइन बढ़ा सकती है. हालांकि ये व्यवस्था सिर्फ BSVI वाले निजी वाहनों के लिए होगी. माने 1 अप्रेल 2020 से बाद के निजी वाहन इस प्रोसेस के दायरे में आएंगे. उसके पहले के वाहनों पर ये नियम लागू नहीं होगा.
इस नियम के अंदर भी नियम हैं. छह साल तक की पुरानी BSVI प्राइवेट गाड़ियों के मालिकों को हर साल 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट' (PUCC) रिन्यू कराने की ज़रूरत नहीं होगी. लेकिन छह से 10 साल पुरानी BSVI गाड़ियों के लिए हर साल PUCC रिन्यू कराना ज़रूरी होगा. और 10 साल से ज़्यादा पुरानी गाड़ियों के लिए हर छह महीने में ऐसा करना होगा.
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BSIV के लिए टाइम आधा रह जाएगामार्च 2020 से पहले बनी पुरानी BSIV प्राइवेट गाड़ियों के मालिकों को शायद हर छह महीने में अपना PUCC रिन्यू करवाना पड़ सकता है, जबकि अभी इसे साल में एक बार रिन्यू करवाना होता है. BS-I से BS-III गाड़ियों के लिए PUCC रिन्यूअल हर तीन महीने में अनिवार्य हो सकता है, जबकि अभी यह हर छह महीने में एक बार करवाना होता है. बता दें कि BSIV साल 2010 में इंडिया के 13 शहरों में लागू हुआ था. इसे साल 2017 में पूरे इंडिया में लागू किया गया. सरकार ने BS5 को स्किप करके 2020 में सीधे BSVI लागू किया जो आजतक चल रहा है.
BSVI साफ-सुथरा हैBSVI यानी Bharat Stage 6 वाली गाड़ियां अपने पुराने वर्जन की तुलना में काफ़ी ज़्यादा साफ़-सुथरी होती हैं. BS-VI गाड़ियां, BS-IV गाड़ियों की तुलना में 82% तक कम पार्टिकुलेट मैटर (PM) और 25% कम नाइट्रोन ऑक्साइड (NOx) उत्सर्जित करती हैं.
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