The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Auto
  • Nitrogen Gas for car and bike: know the real truth

गाड़ी के टायर में नाइट्रोजन भरवाए चले जा रहे, जान लीजिए कब भरवाना जरूरी है

नाइट्रोजन (Nitrogen Gas) चक्कों में भरने की सलाह दी जाती है. गर्मी के मौसम में तो स्पेशली ऐसा करने के लिए कहा जाता है. इसके लिए 100 रुपये खर्च करने पड़ते हैं. लेकिन क्या ये पैसा खर्च करना जरूरी है.

Advertisement
pic
22 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 22 अप्रैल 2026, 03:47 PM IST)
Nitrogen Gas for car and bike
चक्कों में नाइट्रोजन भरवाना चाहिए?
Quick AI Highlights
Click here to view more

गर्मियां आते ही गाड़ी में नाइट्रोजन भरवाने की बात होने लगती है. गाड़ी में नाइट्रोजन, वो कहां भरते हैं. अरे चक्कों में भाई. थोड़ा स्टोरी का मीटर बिठाने के लिए लिख दिया. तो बात ये है कि चक्कों में नाइट्रोजन भरने की सलाह दी जाती है. गर्मी के मौसम में तो स्पेशली ऐसा करने के लिए कहा जाता है. जहां आम हवा आमतौर पर मुफ़्त मिल जाती है तो इसके लिए 20 रुपये प्रति चक्के के हिसाब से 100 रुपये खर्च करने पड़ते हैं. गणित खराब नहीं है हमारा, स्पेयर वाला चक्का भी तो भरा जाएगा. लेकिन क्या ये पैसा खर्च करना जरूरी है.

# क्या नाइट्रोजन गैस से कोई फायदा होता है?

# क्या नाइट्रोजन गैस लीक नहीं होती?

# क्या रोज की ड्राइविंग में इसका कोई असर होता है?

# क्या इससे टायर ठंडा रहता है?

जवाब देते हैं लेकिन पहले जरा नाइट्रोजन गैस को समझ लेते हैं. नाइट्रोजन एक निष्क्रिय गैस है, जिसका अर्थ है कि यह कमरे के तापमान पर अन्य रसायनों के साथ आसानी से प्रतिक्रिया नहीं करती है. यह कमरे के तापमान पर एक रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन गैस है. चिप्स के पैकेट और अन्य खाद्य पदार्थों में ऑक्सीकरण रोकने और उनको ताजा रखने के लिए, पैकेजिंग में इसका उपयोग किया जाता है. Liquid Nitrogen का उपयोग चिकित्सा के साथ भोजन को फ्रीज करने के लिए किया जाता है. अब सबसे जरूरी ज्ञान. पृथ्वी के वायुमंडल में नाइट्रोजन की मात्रा लगभग 78.08 फीसदी है.

ये भी पढ़ें: कार का इंजन ऑयल, गियर ऑयल और एयर फ़िल्टर कब बदलवाना चाहिए? सब जानिए

माने जो टायर में आम हवा भरी है, उसमें 78 फीसदी तो नाइट्रोजन है. बचा सिर्फ 22 फीसदी जिसके लिए आप 100 रुपये दे रहे. मत दीजिए क्योंकि आम जिंदगी में इससे आपकी कार को कोई फायदा नहीं है. सड़क के ट्रेफिक और हाइवे पर भी स्पीड में गाड़ी चलाते हुए वो माहौल बनता ही नहीं जिसके लिए नाइट्रोजन बनी है. माने टायरों का दबाव झेलने के लिए. नॉर्मल कंडीशन में टायर बहुत ज्यादा गरम नहीं होते और दवाब भी नहीं बनता. आजकल टायरों की क्वालिटी इतनी अच्छी हो गई है कि हवा आसानी से निकलती नहीं तो नाइट्रोजन के बड़े मॉलिक्यूल का भी फायदा नहीं. इसलिए 22 फीसदी के लिए 20 रुपये क्यों देना. बस गाड़ी के टायरों का प्रेशर हमेशा ठीक रखिए. अगर इसके लिए आपकी गाड़ी में लाइट नहीं जलती तो एक टायर प्रेशर मॉनिटर जरूर ले सकते हैं. 

नाइट्रोजन किसके लिए है?

जो आपके पास खुद का हवाई जहाज है या आप रेसिंग ट्रैक पर 333 किलोमीटर की रफ्तार से गाड़ी उड़ाने वाले हैं तो. इनके टायरों में ही नाइट्रोजन भरी जाती है ताकि गर्मी और प्रेशर को संभाला जा सके. हुर्र-हुर्र घरर-घरर. ऐसी ही आवाज आती है ना रेसिंग वाली गाड़ी से. अपन ने नहीं चलाई. आप चलाना तो बताना. 

वीडियो: सेहत: दांतों पर जमे दाग हटाने की बेस्ट ट्रिक

Advertisement

Advertisement

()