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थार खरीदी और कराए चेंजेज, अब एक्सीडेंट के बाद 4 लाख का बीमा क्लेम रिजेक्ट

देश में ज्यादातर गाड़ी मालिकों को पता ही नहीं है कि गाड़ी में किसी भी किस्म का मॉडिफिकेशन बीमा क्लेम को रिजेक्ट करवा सकता है. फिर बात बड़े वाले चक्के लगाने की हो या फिर बॉडी पर कलर वाली फिल्म लगवाने से.

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22 जून 2026 (पब्लिश्ड: 10:13 AM IST)
Mahindra Thar insurance rejected due to Modifications
आपकी एक गलती गाड़ी का बीमा रिजेक्ट करवा सकती है
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आपने पास 17 लाख रुपये की महिंद्रा थार है. आपके पास 42 हजार रुपये साल का इन्श्योरेन्स भी है. आपकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाता है और आप अपनी बीमा कंपनी को फोन करते हैं. सर्वे करने वाला आता है और गाड़ी के फोटो लेकर चला जाता है. 7 दिन बाद आपको बीमा कंपनी से पता चलता है कि आपका क्लेम रिजेक्ट हो गया है. अब गाड़ी में हुआ 3.8 लाख का नुकसान आप जेब से भरेंगे. इतना पढ़कर शायद आपको लगे कि फिर कोई उपभोक्ता फोरम वाला मामला होगा. नहीं जनाब बल्कि ये तो क्लासिक केस ऑफ लापरवाही का है.

मॉडिफिकेशन ने मरवा दिया

गाड़ी के इन्श्योरेन्स क्लेम रिजेक्ट होने का केस आया है पंजाब से जहां के हरप्रीत सिंह ने महिंद्रा थार में कंपनी से लगी हेडलाइट को ब्लैक कलर से पेंट करवाया. नई एलईडी DRL लाइट्स भी लगवाई. गाड़ी के हुड पर स्नोकर्ल भी लगवाए और गाड़ी पर मेट ऑलिव रंग में फिल्म भी लगवाई. एक्सीडेंट होने पर क्लेम के समय कंपनी ने कहा,

"गाड़ी का विवरण बीमा पॉलिसी में दिए गए विवरण से मेल नहीं खाता है. पॉलिसी जारी करते समय किए गए बदलावों की जानकारी नहीं दी गई थी."

बीमा अधिनियम की धारा 64VB के मुताबिक, महत्वपूर्ण बदलावों का खुलासा न करने पर पॉलिसी अमान्य हो जाएगी. माने गाड़ी में कोई भी ऐसा बदलाव जो फैक्ट्री फिट से अलग है, अगर उसकी जानकारी बीमा कंपनी को नहीं दी गई है तो फिर नुकसान ग्राहक को भरना पड़ेगा. ऐसे केस में कोर्ट भी आपकी अपील नहीं मानेगा.

क्लेम रिजेक्ट होने का कारण

हमने आपको ये केस इसलिए बताया क्योंकि देश में ज्यादातर गाड़ी मालिकों को पता ही नहीं है कि गाड़ी में किसी भी किस्म का मॉडिफिकेशन बीमा क्लेम को रिजेक्ट करवा सकता है. फिर बात बड़े वाले चक्के लगाने की हो या फिर बॉडी पर कलर वाली फिल्म लगवाने से. मॉडिफिकेशन करवाने में कोई बुराई नहीं है मगर इसकी जानकारी बीमा कंपनी को होनी चाहिए.

ये भी पढ़ें: E20 फ्यूल से पहले ये गलतियां आपकी गाड़ी का बीमा कैंसिल करवा देंगी

बीमा कंपनी इसके हिसाब से आपकी गाड़ी के डिटेल्स अपने सिस्टम में भरेगी और साथ में नया इन्श्योरेन्स प्रीमियम भी तय करेगी. अगर आपने ऐसा नहीं किया तो फिर गाड़ी का मॉडिफिकेशन रौला मारने की जगह आपको रुला देगा. इसलिए गाड़ी में नई एलईडी लाइट्स लगवाने या कलर चेंज करवाने से पहले सारी जरूरी परमिशन लीजिए और अपनी बीमा कंपनी को भी सूचित कीजिए. 

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