मारुति EV को लेकर जोश क्यों नहीं दिखा रही? पिछड़ गई है या कोई बड़ा प्लान है?
इलेक्टिक कारों की बिक्री में रिकॉर्ड उछाल (May Auto Sales: EV Penetration Hits New Highs) आया है. मई के महीने में 26,000 से भी ज्यादा इलेक्ट्रिक कारें बिकी हैं. टाटा और महिंद्रा सेल्स में टॉप पर रहीं तो मारुति ने भी 4,365 यूनिट्स की बिक्री की है. इसके बावजूद देश की सबसे बड़ी कार कंपनी Maruti Suzuki ने अपने ईवी प्लान का एस्केलेटर स्लो (Maruti Suzuki slows EV plan) कर लिया है.

देश में ईवी की सेल ने मई के महीने में खूब रफ्तार पकड़ी है. पिछले साल के मुकाबले इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में 79 फीसदी का उछाल आया है. मई के महीने में 26,000 से भी ज्यादा इलेक्ट्रिक कारें बिकी हैं. टाटा और महिंद्रा सेल्स में टॉप पर रहीं तो JSW MG Motor और Hyundai Motor ने भी सड़क पर ईवी का करेंट दौड़ाया है. मारुति ने भी 4,365 यूनिट्स की बिक्री की है.
पेट्रोल के दामों में 7 रुपये से ऊपर की बढ़ोतरी के बाद ईवी की बिक्री बढ़ना स्वाभाविक है, मगर खबर ये नहीं है. खबर तो ये है कि देश की सबसे बड़ी कार कंपनी Maruti Suzuki ने अपने ईवी प्लान का एस्केलेटर स्लो (Maruti Suzuki slows EV plan) कर लिया है.
इतना पढ़कर आपके मन में तीन सवाल आएंगे जैसे,
# सवाल 1: मारुति की इलेक्ट्रक भी आती है क्या? कब लॉन्च हुई?
# सवाल 2: जब बाकी कंपनियां ईवी पर फोकस कर रहीं तो मारुति क्यों ‘रिवर्स गियर’ लगा रही?
# सवाल 3: क्या मारुति दूसरी ईवी कंपनियों से पीछू हो गई है?
जवाब 1: मारुति की इलेक्ट्रिक आती है. उसने फरवरी 2026 में Maruti E Vitara को लॉन्च किया. Baas मॉडल के साथ इसका दाम 10.99 लाख से स्टार्ट होता है तो सीधे-सीधे इसके लिए 15 लाख कम से कम खर्च करने होंगे. Maruti Suzuki भारत में नई 7-सीटर इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करने की तैयारी कर रही है जिसका कोडनेम YMC है. हाल ही में पहली बार Maruti Suzuki YMC का प्रोटोटाइप देखा गया है.
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जवाब 2: मारुति ईवी के अपने प्लान को स्लो तो कर रही है. माने जहां टाटा और महिंद्रा इंडिया में ईवी के नए-नए मॉडल लगातार लॉन्च कर रहे हैं वहीं मारुति का एक ही प्रोडक्ट अभी सड़क पर है. देसी टाटा और महिंद्रा के साथ हाफ देसी ह्युंदई और विदेशी BYD और Vinfast भी कई मॉडल भारत में लॉन्च कर चुके हैं. लेकिन इस स्लो डाउन के पीछे का कारण उसकीं CNG कारों की बंपर डिमांड है.
कंपनी ने सोमवार को बताया कि उसके पास सीएनजी कारों के पुराने ऑर्डर हैं जिनको अभी डिलीवर करना है. कंपनी महीने की 2000 से ज्यादा ईवी नहीं बनाने वाली. वैसे इसमें कुछ नया नहीं है क्योंकि कंपनी जुलाई 2026 तक इतना ही प्रोडक्शन करने वाली थी. अब मामला सितंबर तक धकेल दिया गया है. एक बात और भी है. सीएनजी में उसका कोई मुकाबला है नहीं. टाटा और ह्युंदई भी हैं, मगर मार्केट पर कब्जा मारुति का है.
जवाब 3: अगर भारत के कार बाजार के हिसाब से देखें तो साफ दिखता है कि ईवी की रेस में मारुति पीछे तो है. टाटा ने ईवी का करंट सबसे पहले जान लिया था इसलिए वो आज नंबर वन है. महिंद्रा ने भी ईवी का मार्केट अच्छे से पकड़ा है. ईवी के लिए बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं होने के बाद भी इनकी बिक्री बढ़ी है. लेकिन अगर ग्लोबल लेवल पर देखें तो सड़क मारुति की तरफ मुड़ती दिखती है.
दुनिया भर की बड़ी कार कंपनियों ने ईवी के प्लान पर ब्रेक लगा दिए हैं. Honda, Ford, GM, Stellantis और Volkswagen ने अपने कुल साढ़े 6 लाख करोड़ रुपये के EV प्लान को राइट डाउन कर दिया है. Lamborghini ने ईवी बनाने का प्लान ही कैंसिल कर दिया तो जर्मन Porsche ने कमजोर डिमांड के चलते ईवी प्रोडक्शन को एकदम ही कम कर दिया है. मारुति की पास की कजिन टोयोटा तो पहले से ही ईवी में कोई फ्यूचर नहीं देखती है.
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