BaaS मॉडल से EV वालों की मौज ही मौज? बैटरी के लाखों रुपये बचने का सच ये है
BaaS (Battery-as-a-Service) मॉडल में ग्राहक को गाड़ी की कम कीमत के बाद महीने और किलोमीटर के हिसाब से पैसा देना होता है. आपको गाड़ी वापस देने (Buy Back) का ऑप्शन भी मिलेगा. माने कुछ साल चलाकर आप गाड़ी वापस कर सकते हैं.

कुछ दिनों पहले TATA Punch EV का फेसलिफ्ट वर्जन 9.69 लाख रुपये में लॉन्च हुआ. लेकिन मजे की बात यह है कि आप इसी मॉडल को 6.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) में भी खरीद सकते हैं. Maruti Suzuki e Vitara के बेस मॉडल का दाम वैसे तो 15.99 लाख रुपये है, मगर आप इसको 10.99 लाख रुपये में भी खरीद सकते हैं. MG Windsor EV का बेस मॉडल 14 लाख में मिलता है, मगर आप इसको 9.99 रुपये में खरीद सकते हैं.
कनफूज होने की कोनऊ जरूरत नहीं, क्योंकि कम कीमत में ईवी खरीदने के इस जुगाड़ का नाम है BaaS. आज इसी का 'करंट' चेक करेंगे.
क्या है Battery-as-a-Service (BaaS)दो लाइन में कहें तो बिना बैटरी की कीमत के गाड़ी खरीदना. या फिर जितनी गाड़ी चलेगी उसके हिसाब से प्रति किलोमीटर अलग से भुगतान करना. ईवी में बैटरी सबसे महंगे कंपोनेन्ट में से एक है. गाड़ी का 30 से 40 फीसदी पकड़ लीजिए. माने 10 लाख की गाड़ी में बैटरी की कीमत 3-4 लाख रुपये तक हो सकती है. अब अगर इस कीमत को हटाकर गाड़ी सेल की जाए तो जाहिर सी बात है कि ग्राहक को पैसा कम देना होगा.
कैसे काम करता है BaaS मॉडल?BaaS मॉडल में ग्राहक को गाड़ी की कम कीमत के बाद महीने और किलोमीटर के हिसाब से पैसा देना होता है. उदाहरण के लिए, TATA Punch EV के लिए Smart 30 मॉडल को 6.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) पेमेंट करके एक्सीलेटर दबाया जा सकता है. इसके बाद आपको 2.6 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से हर महीने पैसा देना होता है.
Autocar के मुताबिक इस मॉडल में किलोमीटर का चार्ज हर कंपनी के हिसाब से अलग है. जैसे टाटा का 2.6 रुपये तो MG का 3.2. इस मॉडल में आपको बैटरी पर लाइफ टाइम जैसी वारंटी मिलती है, क्योंकि वो कंपनी की प्रॉपर्टी है तो उसका ख्याल रखेगी ही. आपको गाड़ी वापस देने (Buy Back) का ऑप्शन भी मिलेगा. माने कुछ साल चलाकर आप गाड़ी वापस कर सकते हैं. हालांकि कंपनी कितना पैसे देगी, वो पहले से तय होता है.
अब इतना पढ़कर आपको लगेगा कि वाह भाई मजा आ गया. अपनी तो महीने में 500 किलोमीटर ही चलती है तो 1300 रुपये महीने में बल्ले-बल्ले.
काश ऐसा होता तो क्या बात होती.
चार्ज प्रति किलोमीटर का है, मगर मिनिमम कुछ किलोमीटर का पैसा आपको देना ही होगा, भले गाड़ी उतनी चले या नहीं. टाटा ने अभी इसके बारे में नहीं बताया, मगर विंडसर में आपको 1500 किलोमीटर का पैसा देना ही होता है. टाटा का भी इतना पकड़ लें तो महीने का 3900 रुपये. इस पैसे या कहें दूसरी ईएमआई का भुगतान कार कंपनी के ऐप के जरिए होता है जो इंटरनेट से कनेक्ट होता है. माने हर किलोमीटर का हिसाब रखा जाता है. 3900 रुपये में चार्जिंग का पैसा अलग है. अगर आप सिर्फ घर पर ही चार्ज करेंगे तो 80 पैसे से 1 रुपये का खर्च और पकड़ लीजिए. 5000 रुपये महीना होगा मोटा-माटी.
5000 रुपये गाड़ी चलाने के और कम से कम 7 हजार रुपये पहली ईएमआई के. अरे भाई जो आपने 6.49 लाख रुपये का भुगतान किया है उसकी भी ईएमआई कटेगी. माने 11-12 हजार रुपये तो आपको लगेगा ही. अब 10 लाख रुपये वाली कोई पेट्रोल गाड़ी को 7 साल के लिए ईएमआई पर लेंगे तो भी 12-13 ईएमआई आएगी. माने बाहर से जो दिखता है वैसा है भी नहीं.
इस मॉडल में फाइनेंस के ऑप्शन भी कम हैं. बैंक की जगह NBFC, जैसे बजाज फाइनेंस, हीरो फिनकॉर्प, ecofy का ऑप्शन है. इस प्लान में गाड़ी को अगर सेल करना है तो भी मुश्किल. पहले पूरा पैसा चुकाना पड़ेगा.
BaaS मॉडल किसके लिए?दरअसल, ईवी पर पेट्रोल के मुकाबले अपफ्रन्ट कॉस्ट ज्यादा है, इसलिए यह सिस्टम लॉन्च किया गया है. माने जहां पेट्रोल गाड़ी 6.49 लाख में मिल जाएगी वहीं ईवी 9.69 लाख में आती है. ये तीन लाख आपको नहीं दिखें, इसलिए BaaS मॉडल आ गया. पैसा आपको उतना ही देना होगा तो ऐसे में इस मॉडल में गाड़ी तभी खरीदें जब आपको बहुत कम ड्राइव करना हो.
अभी तक इस सड़क पर MG ही चल रहा था, लेकिन अब टाटा और मारुति भी आ गए हैं तो शायद कुछ अच्छे ऑफर्स आगे देखने को मिलें.
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