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रोहित को कप्तानी तो मिल गई, लेकिन नहीं सुधरे तो विंडीज़ जैसा होगा भारत का हाल!

पूर्व भारतीय कप्तान ने चेताया.

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कप्तानी करने का इंतजार करने के बाद आखिरकार कप्तानी मिल ही गई (फोटो – पीटीआई)
'रोहित शर्मा को T20 और वनडे का कप्तान बनाकर BCCI ने सही फैसला लिया है. रोहित लंबे वक्त से टीम इंडिया के लिए अच्छा कर रहे है. और कप्तानी करने का इंतजार भी कर रहे थे. मुझे लगता है कि ये एक अच्छा फैसला है.'
ऐसा मानना है भारतीय टीम के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसकर का. हालांकि, उनका ये भी मानना है कि टीम मैनेजमेंट को फ्यूचर कप्तान का सोचना होगा. उन्हें भविष्य के लिए किसी अन्य खिलाड़ी को तैयार करना होगा. बता दें कि 8 दिसंबर को BCCI ने रोहित शर्मा को वनडे टीम का कप्तान नियुक्त किया था. रोहित T20I की कप्तानी पहले ही ले चुके है. इस फैसले के बाद विराट कोहली सिर्फ टेस्ट टीम के कप्तान रह गए हैं. ऐसे में सभी खिलाड़ी अलग-अलग कप्तानों पर अपना पक्ष रख रहे हैं. इंडियन एक्सप्रेस में अपने कॉलम के जरिए दिलीप वेंगसकर ने भी इस मसले पर अपना पक्ष रखा है. वेंगसरकर का मानना है कि इस फैसले के बाद अब विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट पर फोकस कर सकते है. और रोहित शर्मा लिमिटेड ओवर फॉर्मेट पर, जिसमें वो अच्छा करते आए है. उन्होंने IPL में मुम्बई इंडियंस के लिए काफी खिताब जीते है. और जब भी भारतीय टीम की कप्तानी की है, अच्छा प्रदर्शन किया है. वेंगसरकर ने लिखा,
'विराट कोहली का भी लिमिटेड फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन रहा है. लेकिन अब उनके कंधों पर से इस फॉर्मेट में कप्तानी का भार उठ गया है. वो इस वक्त दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक है. वो सफल रहे है और उनकी कप्तानी के अंदर कई बढ़िया परफॉर्मेंस भी आई है. अब वो टेस्ट क्रिकेट में और ध्यान लगा पाएंगे, जो मुझे लगता है क्रिकेट का सबसे बढ़िया प्रारूप है.'
#टीम मैनेजमेंट को क्या करना है? टीम मैनेजमेंट को सलाह देते हुए दिलीप वेंगसकर ने कहा,
‘नेशनल सेलेक्शन कमिटी को अब ऐसा खिलाड़ी तैयार करना होगा, जो भविष्य में कप्तानी संभालेगा.और ये केवल कप्तानी तक ही सीमित नहीं है. ये खिलाड़ियों के लिए भी लागू होता है. बैक-अप खिलाड़ियों को तैयार करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इससे खिलाड़ियों को हर बार अपना बेस्ट देना होता है. सेलेक्टर का अब काम है कि वो नए खिलाड़ियों को तैयार करें, और पर्याप्त विकल्प और बेंच स्ट्रेंथ बनाए ताकि जब भी महान खिलाड़ी रिटायर हों तो टीम खाली ना हो जाएं. वेस्टइंडीज को देखिए, उन्होंने 15 साल विश्व क्रिकेट पर राज़ किया और फिर एक स्टेज में वो नंबर 1 से निचले क्रम की टीम में बन गए.'
अपना उदाहरण देते हुए वेंगसकर ने लिखा,
'सेलेक्शन कमिटी चेयरमैन के तौर पर मेरे कार्यकाल में, हमने अनिल कुंबले को कप्तान बनाया. और उसी समय एमएस धोनी और अन्य खिलाड़ियों को तैयार किया. मैंने ईशांत शर्मा को भी तैयार किया. उनको इंग्लैंड लेकर गया, ये जानते हुए कि उनको वहां खेलने का मौका नहीं मिलेगा. लेकिन मैं जानता था कि बाद में वो ऑस्ट्रेलिया में काफी प्रभावी साबित होंगे. इस चयन समिति के लिए खिलाड़ियों को तैयार करना सबसे अहम होगा. आप खिलाड़ियों को गहरे समुद्र में फेंक कर उनसे तैरने की उम्मीद नहीं कर सकते. मैं ऐसी बात में विश्वास नहीं करता.'
आपको बता दें कि फ्यूचर कप्तान तैयार करने की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि रोहित शर्मा 34 साल के है. कुछ सालों में उनके जाने के बाद टीम को नए कप्तान की जरूरत होगी.