क्रिकेट. अगर आप इस गेम में अपने देश को रिप्रेसेंट करना चाहते हैं, तो आपको एक क्रोनोलाजी फॉलो करनी होगी. पहले डिस्ट्रिक्ट, फिर स्टेट लेवल और फिर नेशनल लेवल पर आपको अच्छा करना होगा. इतना करने के बाद, फिर कहीं जाकर आप CID के दया वाले अंदाज में टीम इंडिया का दरवाजा तोड़ पाएंगे.
जब इंडियन बैटर पर इंग्लैंड में लगा मोजे चुराने का आरोप!
'इसे वापस भारत भेज दो'


हां, और इसमें एक नोट ये है कि ये प्रोसीज़र गेम के सबसे लम्बे वाले फॉर्मेट के लिए है. यानि टेस्ट क्रिकेट के लिए. लिमिटेड ओवर में अब बीच में IPL भी आता है. जोकि पहले नहीं आता था.
और हम आपको पहले वाला ही एक क़िस्सा सुनाएंगे. जब एक बल्लेबाज ने नेशनल लेवल पर अच्छी पारियां खेलकर टीम इंडिया में एंट्री पाई थी. लेकिन उनका ये दौर ज्यादा लम्बे समय तक नहीं चल पाया था. उन्होंने इंडिया के लिए कुल तीन टेस्ट और दो वनडे मैच खेले. और इस बीच एक कॉन्ट्रोवर्सी से भी गुजरे. जिसमें उनके ऊपर चोरी का आरोप लगा. और इस कारण उनको कोर्ट के चक्कर भी काटने पड़े.
जी हां, ये सच है. और ये बात इंग्लैंड की है. साल 1974 में इंडियन टीम इंग्लैंड के दौरे पर गई थी. उनके साथ तीन टेस्ट और दो वनडे मैच की सीरीज़ खेलने के लिए. और वहां पर मुंबई के बल्लेबाज सुधीर नायक को डेब्यू करने का मौका मिला था. ये मौका उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 40.55 की एवरेज से 730 रन बनाकर कमाया था. इस बढ़िया प्रदर्शन के चलते उनको एजबेस्टन में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया.
लेकिन इस मौके से पहले ही सुधीर नायक के साथ काफी कुछ हो चुका था. क्रिकइंफो के अनुसार, सुधीर मैच से पहले मार्क्स एंड स्पेंसर के स्टोर गए थे. और वहां पर उनके ऊपर मोज़े चुराने का आरोप लगा था. सुधीर इस आरोप से इनकार करते रहे. लेकिन आजतक के अनुसार, टीम मैनेजर हेमू अधिकारी इस घटना को आगे बढ़ाने के बिल्कुल मूड में नहीं थे. और उन्होंने नायक को ये गलती मान लेने की सलाह दे दी.
क्रिकेट काउंटी के अनुसार, लंदन में बैठे इंडियन हाई कमिश्नर ने सुधीर को जाने के लिए कहा. इस बात से इंडियंस काफी खफ़ा हो गए. खैर, इन सबके बीच ये मामला ब्रिटिश मीडिया तक पहुंच गया. और इसके बाद सुधीर को कोर्ट में पेश होना पड़ा. और जुराबें चुराने के लिए उन पर फाइन लगा.
इन सब बवाल के बाद 4 जुलाई 1974 को सुधीर ने इंग्लैंड के एजबेस्टन में अपना डेब्यू किया. पहली पारी में उन्होंने चार और दूसरी पारी में 77 रन बनाए. और ये मैच टीम इंडिया ने एक इनिंग्स और 78 रन से हारा. और यही कहानी पूरी सीरीज़ की थी. इस मैच के अलावा, सुधीर ने इंडिया के लिए दो टेस्ट मैच और खेले. वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ घर पर उनके बल्ले से सिर्फ 60 रन निकले. साथ में दो वनडे मैच में उन्होंने 38 रन बनाए.
सुधीर का डॉमेस्टिक करियर उनके इंटरनेशनल करियर से काफी ज्यादा शानदार रहा. 85 फर्स्ट क्लास मैच में उन्होंने 35.29 की एवरेज से 4376 रन बनाए. और अपनी कप्तानी में 1970-71 में मुंबई को रणजी चैम्पियन भी बनाया. सुधीर नायक से जुड़ा ये क़िस्सा हमने आपको उनके जन्मदिन पर सुनाया है.
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