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रात में पानी नहीं पीते, फिर भी बार-बार आता है पेशाब, कहीं नोक्टूरिया तो नहीं?

रात में बार-बार पेशाब जाने की समस्या को नोक्टूरिया (Nocturia) कहते हैं. नोक्टूरिया दो कारण से हो सकता है- शारीरिक और पैथोलॉजिकल यानी इंफेक्शन.

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ऐसा देखा गया है कि नोक्टूरिया की समस्या ज्यादातर बुजुर्ग पुरुषों में ही होती है.

सेहत पर हमें गुरुग्राम से अंकित का मेल आया है. अंकित की उम्र 32 साल है. उनका कहना है कि करीब दो हफ्तों से उन्हें रात में 2 से 3 बार पेशाब जाना पड़ता है (Frequent urination at night). इस वजह से उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती. और फिर पूरे दिन थकान रहती है. पहले उन्हें लगा कि सोने से पहले पानी पीने से ऐसा हो रहा है. कुछ दिन उन्होंने सोने से पहले पानी नहीं पिया, पर फिर भी उनको पेशाब लगा. परेशान होकर अंकित डॉक्टर के पास गए. डॉक्टर ने उन्हें बताया कि इस समस्या को नोक्टूरिया (Nocturia) कहते हैं. फिर डॉक्टर ने उनके कुछ टेस्ट किए, जिससे पता चला कि उनकी पेशाब की थैली में इंफेक्शन हो गया है. चलिए डॉक्टर से जानते हैं कि नोक्टूरिया किन कारणों से होता है और इसका इलाज कैसे होता है.

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रात में बार-बार पेशाब क्यों आता है?
(डॉ. दीपांशु गुप्ता, एंड्रोलॉजिस्ट, सीनियर कंसल्टेंट, क्योरस्टोन गुरुग्राम)

- रात में बार-बार पेशाब जाने की समस्या को नोक्टूरिया (Nocturia) कहते हैं.

- नोक्टूरिया दो कारण से हो सकता है- शारीरिक और पैथोलॉजिकल यानी इंफेक्शन.

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शारीरिक कारण

- शारीरिक कारणों में सबसे पहली वजह है दिनभर में ज्यादा पानी पीना,

- या रात में सोने से पहले पानी पीना या दूध और लस्सी जैसी लिक्विड चीज ले रहे हैं, कुछ लोगों को सोने से पहले ऐल्कोहॉल लेने की आदत होती है.

- इस वजह से भी रात में बार-बार पेशाब जाना पड़ता है.

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- दूसरी वजह है जो लोग रात में काम करते हैं उनकी बॉडी साइकिल बिगड़ जाती है, इस वजह से बार-बार पेशाब जाना पड़ता है.

- तीसरी वजह है बॉडी में एंटी ड्यूरेटिक हार्मोन (ADH) की कमी होना.

- ये हार्मोन रात में किडनी को ज्यादा पेशाब बनाने से रोकता है, ताकि रात को बार-बार पेशाब न जाना पड़े और पूरे दिन में सामान्य रूप से पेशाब बनता रहे, ताकि रात की नींद खराब न हो.

- उम्र बढ़ने के साथ-साथ एंटी ड्यूरेटिक हार्मोन का लेवल कम होने लगता है, जिससे रात में पेशाब जाना पड़ता है.

पैथोलॉजिकल कारण

- अब बारी आती है पैथोलॉजिकल कारणों की, जिसमें ऐसा किसी बीमारी की वजह से होता है.

- डायबिटीज के मरीजों की बॉडी में सारे दिन ज्यादा पेशाब बनता है, जिस वजह से उन्हें बार-बार पेशाब जाना पड़ता है.

- दूसरी बीमारी है, पुरुषों में मौजूद प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ जाना, इस वजह से पेशाब की थैली पूरी तरह से खाली नहीं हो पाती, और रात में पेशाब जाना पड़ता है.

- तीसरी वजह है पेशाब की थैली में कोई समस्या आ जाना,

- जैसे ब्लैडर पूरी तरह से सिकुड़ नहीं पा रहा है, पेशाब की थैली की क्षमता कम हो गई है,

- या पेशाब की थैली में इंफेक्शन होना, या टीबी की बीमारी है, तब भी रात में बार-बार पेशाब जाना पड़ सकता है.

- जिन मरीजों को दिल, लिवर या किडनी की बीमारी है, दिनभर में उनके शरीर से पेशाब नहीं निकल पाता और जैसे ही वो सोने के लिए लेटते हैं, उन्हें पेशाब आना शुरू हो जाता है.

क्या ये समस्या सिर्फ पुरुषों को ही होती है?

- ऐसा देखा गया है कि नोक्टूरिया की समस्या ज्यादातर बुजुर्ग पुरुषों में ही होती है.

- इसकी वजह है प्रोस्टेट ग्रंथि के आकार का बढ़ जाना और एंटी ड्यूरेटिक हार्मोन की कमी.

- लेकिन ये समस्या महिलाओं को भी होती है, महिलाओं में ये समस्या पेशाब की थैली में इंफेक्शन, इसका आकार छोटा हो जाना.

- या पेशाब की थैली के ज्यादा एक्टिव हो जाने की वजह से भी महिलाओं को रात में पेशाब जाना पड़ता है.

क्या ये किसी बड़ी बीमारी का लक्षण है?

- 40 साल से कम उम्र का व्यक्ति रात में अगर एक बार पेशाब जाता है तो ये नॉर्मल है.

- 40 से 65 साल की उम्र का व्यक्ति रात में अगर एक बार पेशाब जाता है तो ये नॉर्मल है.

- 65 साल से ज्यादा उम्र का व्यक्ति अगर रात में दो बार पेशाब जाता हो तो ये नॉर्मल है.

- और अगर रात में दो से ज्यादा बार पेशाब जाना पड़ रहा है तो डॉक्टर को जरूर दिखा लें, ताकि समय रहते बीमारी का पता चल सके.

इलाज

- नोक्टूरिया की समस्या में यूरोलॉजिस्ट से मिलें, डॉक्टर कुछ टेस्ट कर के नोक्टूरिया क्यों हो रहा है इसका पता लगाएंगे.

- अगर प्रोस्टेट का आकार बढ़ गया है तो इसे दवाइयों और ऑपरेशन के जरिए ठीक किया जाता है.

- अगर पेशाब की थैली में इंफेक्शन है तो इसका इलाज एंटीबायोटिक के जरिए किया जाता है. अगर दिल से जुड़ी समस्या है तो उसका इलाज किया जाएगा.

- यानी नोक्टूरिया किस वजह से हो रहा है उसका पता करके इलाज किया जाएगा.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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