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काशी विश्वनाथ मंदिर में धोखाधड़ी की शिकायत PMO पहुंची, अधिकारी बोले- नौकरी खतरे में है

काशी विश्वनाथ मंदिर में दिल्ली के एक शख्स से पांच हजार रुपए ऐंठ लिए गए, जिसके बाद उन्होंने PMO में इसकी शिकायत कर दी है.

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काशी विश्वनाथ मंदिर(फोटो: आज तक)

काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करवाने के नाम पर ठगी का मामला तूल पकड़ रहा है. इस मामले में एक शिकायत जब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) पहुंची तो बवाल मच गया. बताया जा रहा है कि इसके बाद वाराणसी पुलिस और प्रशासन एक्शन मोड में आ गई है. वाराणसी पुलिस ने मंदिर के आसपास फूल और पूजा सामग्री की दुकान लगाने वालों को रेट लिस्ट तैयार करने के लिए कहा है.

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PM से शिकायत कर दी

बताया जा रहा है कि दिल्ली में रहने वाले एक 'ररूखदार' व्यक्ति ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में शिकायत की है कि, एक पंडे (पूजा कराने वाले) ने उनसे दर्शन करवाने के नाम पर पांच हजार रुपय ऐंठ लिए. दरअसल, दिल्ली से आए छः लोगों को एक फूल-माला दुकनदार की मदद से एक पंडा ने बिना टिकट के विश्वनाथ मंदिर के न सिर्फ दर्शन करवाएं बल्कि उन्हें शिवलिंग का स्पर्श भी करा दिया. जिसके बाद बाहर आकर पंडे ने उन लोगों से पांच हजार रुपये लिए. पुलिस के मुताबिक दिल्ली वापस आकर उन्होंने PMO में इस मामले की लिखित शिकायत कर दी. इसके बाद उन्होंने DG ऑफिस, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए इस मामले पर सोशल मीडिया पर भी लिखा.

वाराणसी पुलिस प्रशासन ने क्या एक्शन लिया?

वाराणसी में दशाश्वमेध के ACP अवधेश पांडेय की मौजूदगी में एक बैठक बुलाई गई जिसमें मंदिर के आसपास फूल-माला और प्रसाद की दुकान लगाने वालों को बुलाया गया. इसमें ACP ने दुकनदारों को बताया कि दिल्ली के एक शख्स ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत PMO में की थी जिसके बाद उनके पास PMO से लेटर आया है. आजतक की खबर के मुताबिक बातचीत में उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं बंद हों, 'क्योंकि मेरी नौकरी खतरे में है.'

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एसीपी ने दुकानदारों के साथ की बैठक (फोटो: आज तक) 

ACP ने दुकनदारों से कहा कि इस तरह की घटनाएं बंद होनी चाहिए. उन्होंने फूल की डलिया पर लोगों बनवाने और पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा पुलिस ने दुकनदारों को चेतावनी दी कि उनकी दुकानों पर अगर कोई बच्चा काम करता मिला तो बाल श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. 

(आपके लिए ये स्टोरी हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहे आर्यन ने लिखी है)

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