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CM पद के चेहरे पर चन्नी बोले- मैं लोकप्रिय नेता, सिद्धू ने एकदम अलग बात बोल दी

पंजाब कांग्रेस में अब CM चेहरे को लेकर घमासान की स्थिति बनती दिख रही है

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पंजाब में सीएम पद के लिए कांग्रेस में खींचतान शुरू (फोटो: इंडिया टुडे)
पंजाब में विधानसभा चुनाव की तारीखों को ऐलान हो चुका है. इसी के साथ ये चर्चा भी शुरू हो गई है कि प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. कांग्रेस सीएम उम्मीदवार के नाम का ऐलान करने से बच रही है, लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Siddhu) और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) पार्टी पर सीएम के नाम की घोषणा करने का दबाव बना रहे हैं. दोनों नेता मीडिया में खुद को सीएम पद के दावेदार के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं. सीएम चन्नी ने तो मंगलवार, 11 जनवरी को यहां तक कह दिया कि जब-जब कांग्रेस बिना उम्मीदवार की घोषणा किये चुनाव लड़ती है, हर बार हारती है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक चुनाव से जुड़े मुद्दे पर सीएम चन्नी एक लोकल टीवी चैनल को इंटरव्यू दे रहे थे. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी को सीएम चेहरे की घोषणा करनी चाहिए.
"जब पार्टी ने 2017 चुनाव के दौरान सीएम उम्मीदवार को घोषणा की तो वह जीती थी. इससे पहले, जब पार्टी ने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की तो वह हारी है. जब-जब पार्टी ने सीएम उम्मीदवार घोषित नहीं किया, वह तब हारी है. इसलिए पार्टी को इसकी घोषणा करनी चाहिए." 
हालांकि, इस दौरान चन्नी ने इस बात का जवाब नहीं दिया कि किसे सीएम उम्मीदवार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसका फैसला पार्टी करेगी, लेकिन उन्होंने अपने नाम की ओर भी इशारा किया. चन्नी ने कहा कि वे एक लोकप्रिय नेता हैं और लोग उनकी ओर हाथ हिलाते हैं औऱ उनसे मुलाकात करने के लिए बैरिकेड तोड़कर आते हैं. पार्टी नहीं जनता तय करेगी सीएम: सिद्धू उधर, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने भी पार्टी को उमीदवार की घोषणा करने के लिए कहा है. हालांकि इस मामले में उनके विचार चन्नी से थोड़े अलग हैं. मंगलवार, 11 जनवरी को चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक पत्रकार ने सिद्धू से पूछा कि क्या पार्टी उन्हें अगला सीएम बनाने वाली है? इस पर सिद्धू भड़क गए. उन्होंने कहा,
"पंजाब किसी की निजी संपत्ति नहीं है. पार्टी या हाईकमान कौन होता है किसी को सीएम बनाने वाला. पंजाब की जनता ये तय करेगी कि कौन सीएम बनेगा. और जिसके पास जनता के लिए एजेंड़ा होगा, जनता उसे ही चुनेगी."
आपको बतादें कि जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धू ने ये बात कही वहां लगे कांग्रेस के बैनर पर ना तो सीएम चन्नी की फ़ोटो थी और ना ही पंजाब के दूसरे बड़े नेताओं की. इस पर सिर्फ नवजोत सिंह सिद्धू का ही फोटो था. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सिद्धू काफी दिनों तक पार्टी हाईकमान पर सीएम उम्मीदवार की घोषणा करने का दबाव बनाते रहे. बीते दिसंबर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा था कि उनके पास पंजाब के लिए एजेंडा और उसे लागू करने के लिए रोडमैप है. उनके मुताबिक आम आदमी पार्टी 2017 के चुनाव में हार गई थी, क्योंकि उनके पास सीएम उम्मीदवार नहीं था. टिकट बंटवारे को लेकर भी चन्नी और सिद्धू आमने-सामने पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच मनमुटाव की खबरें आती रही हैं. टिकट बंटवारे को लेकर भी दोनों के बीच कुछ सही नहीं चल रहा है. बीते हफ्ते ही सिद्धू के खिलाफ चन्नी सरकार के चार मंत्रियों ने दिल्ली में पार्टी आलाकमान से शिकायत की थी. पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा, भारत भूषण आशु, परगट सिंह और अमरिंदर सिंह वडिंग ने दिल्ली में पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर सिद्धू की बयानबाजी पर लगाम लगाने की मांग की थी. बैठक के बाद रंधावा ने यह भी बताया था कि पंजाब विधानसभा चुनाव कांग्रेस के नाम पर लड़ा जाएगा. पार्टी ही चुनाव प्रचार में चेहरा रहेगी.

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