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अब मास्क उतारना पड़ सकता है भारी, देश में ओमिक्रॉन के इतने केस हो गए हैं

आज ओमिक्रॉन के दिल्ली में 10 नए केस मिले हैं

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फोटो: PTI
कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद अगर आप भी मास्क लगाने और हाथ सैनिटाइज़ करने से बचने लगे हैं, तो अब सुधरने का समय आ गया है. कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन अब अपना रंग दिखाने लगा है. लगातार देश में लोगों को संक्रमित कर रहा है. राजधानी दिल्ली में आज 17 दिसंबर को 10 नए मामले सामने आए हैं. इन नए मामलों के साथ देश में अब ओमिक्रॉन से संक्रमित लोगों की संख्या 97 हो गई है. इससे पहले शनिवार 16 दिसंबर को कर्नाटक में 5 तो दिल्ली और तेलंगाना में 4-4 ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले सामने आए थे. कर्नाटक में आए नए मामलों की ट्रैवेल हिस्ट्री की जानकारी देते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने ट्विटर पर लिखा कि 5 में से दो लोग दिल्ली से लौटे हैं जबकि एक यूके, एक नाइजीरिया और एक शख्स दक्षिण अफ्रीका से लौट कर आया है. उधर, तेलंगाना में आए 4 नए मामलों में से तीन लोग केन्या से हैदराबाद लौट कर आए हैं. किस राज्य में कितने केस कोरोना के इस नए वेरिएंट ने सबसे ज्यादा महाराष्ट्र को परेशान कर रखा है. महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन वेरिएंट के अब तक 32 केस सामने आ चुके हैं. इसके अलावा ओमिक्रॉन वेरिएंट के राजस्थान में 17, दिल्ली में 20, कर्नाटक में 8, तेलंगाना में 6 और गुजरात और केरल में 5-5 मामले अब तक आमने आए हैं. इसके अलावा आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और चंडीगढ़ में भी ओमिक्रॉन का एक-एक केस मिला है. दिल्ली में बढ़ता कोरोना संकट दिल्ली में 10 मामलों के साथ अब ओमिक्रॉन संक्रमित मामलों की संख्या 20 पहुंच गई है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक गुरूवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने बताया था कि ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित 9 लोग दिल्ली के LNJP अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि एक संक्रमित शख्स ठीक होकर घर लौट चुका है. दिल्ली के LNJP अस्पताल में फिलहाल 40 कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हैं. यहां ओमिक्रॉन वॉर्ड भी बनाया गया है. इस वॉर्ड में बेड की संख्या पहले 40 थी, जिसे बढ़ाकर अब 100 कर दिया गया है. लेकिन, दिल्ली का संकट सिर्फ यहीं तक थमता नजर नहीं आ रहा है. दिल्ली में कल 16 दिसंबर को कोरोना के 85 नए केस सामने आए, जो 31 जुलाई के बाद से एक दिन में आए सबसे ज्यादा नए केस हैं. इसके अलावा पॉजिटिविटी रेट भी बढ़कर 0.15% हो गया, जो 28 जून के बाद से सबसे ज्यादा है. तो दिल्ली समेत देश के लगभग सभी राज्यों के लिए अब समय आ गया है कि कोरोना की पिछली लहर से सबक लेते हुए सारी सावधानियां जिम्मेदारी के साथ बरतीं जाएं. और खुद के साथ-साथ दूसरों को भी कोरोना से बचाने की भरसक कोशिश की जाए.

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