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मुस्लिमों पर पूछा गया तीखा सवाल, निर्मला सीतारमण ऐसा जवाब दे देंगी सोचा नहीं होगा!

अमेरिका दौरे पर गईं वित्त मंत्री से पूछा गया सवाल.

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भारतीय मुस्लिमों को लेकर US में बोलीं निर्मला सीतारमण. (फोटो- इंडिया टुडे)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) अमेरिका के दौरे पर हैं. वहां उनसे भारत में मुसलमानों पर हो रही कथित हिंसा को लेकर सवाल पूछा गया. इसपर सीतारमण जवाब देते हुए बोलीं कि अगर भारत में मुसलमानों का जीवन मुश्किल बना दिया गया है, तो आजादी के बाद से मुस्लिम आबादी क्यों बढ़ रही है (Nirmala Sitharaman on Muslims in India). इसके बाद वित्त मंत्री ने पाकिस्तान का जिक्र किया. कहा कि पाकिस्तान के मुकाबले भारत मुसलमानों की स्थिति बेहतर है.  

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दरअसल, 9 अप्रैल को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष IMF और विश्व बैंक की मीटिंग में शामिल होने वित्त मंत्री वॉशिंगटन पहुंची थीं. इस दौरान वो पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकॉनमिक्स PIIE के एक कार्यक्रम में गईं. PIIE के अध्यक्ष एडम एस पोसेन के साथ उनकी बातचीत भी हुई. तभी उनसे भारत को लेकर कई सवाल पूछे गए.

पोसेन ने पूछा कि पश्चिमी मीडिया में भारत के विपक्षी दल के सांसदों की स्थिति और मुस्लिम अल्पसंख्यकों के हिंसा के बारे में रिपोर्टिंग हो रही है. इसपर निर्मला सीतारमण ने कहा,

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भारत में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी है. ये आबादी और बढ़ रही है. अगर ऐसी धारणा है कि भारत में मुसलमानों का जीवन मुश्किल बना दिया गया है तो 1947 से अब तक मुस्लिम आबादी में कोई बढ़ोतरी होती?

निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत में मुसलमानों की स्थिति पाकिस्तान में रहने वाले मुसलमानों से बेहतर हैं. उन्होंने कहा,

बंटवारे के वक्त पाकिस्तान ने खुद को इस्लामिक देश घोषित किया और कहा कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की जाएगी. लेकिन वहां हर अल्पसंख्यक की संख्या घट रही है. यहां तक ​​कि मुस्लिम संप्रदायों में से भी कुछ का सफाया कर दिया गया है. मुजाहिरों और शिया समेत हर अगले समूह के खिलाफ हिंसा होती है. 

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उन्होंने आगे कहा,

भारत में आप देखेंगे कि मुसलमानों का हर वर्ग अपना बिजनेस कर रहा है, उनके बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. उन्हें सरकार द्वारा फेलोशिप दी जा रही है.

भारत में निवेश या कैपिटल फ्लो को प्रभावित करने वाली धारणाओं को लेकर उठे सवाल के जवाब में सीतारमण ने कहा,

इस सवाल का जवाब उन निवेशकों के पास है जो भारत आते हैं. मैं यही कहूंगी कि आप भारत आकर देखें कि वहां क्या हो रहा है. उन लोगों की धारणाएं ना सुनें जो भारत आए बिना ही वहां की रिपोर्ट तैयार कर लेते हैं.

अपनी यात्रा के दौरान सीतारमण, अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन के साथ मीटिंग करेंगी और वहां की वाणिज्य मंत्री जीना रायमोंडो से भी मुलाकात करेंगी.

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