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10वीं-12वीं का रिजल्ट निकला था, कुछ ही घंटों में 11 छात्रों ने आत्महत्या कर ली!

रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना में जिन छात्रों ने आत्महत्या की उनमें से ज्यादातर साइंस स्ट्रीम के थे.

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तेलंगाना में सात छात्रों ने ली अपनी जान (सांकेतिक फोटो- पेक्सेल)

तेलंगाना स्टेट बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एजुकेशन TSBIE ने 24 अप्रैल को 11वीं-12वीं क्लास के रिजल्ट रिलीज किए थे (11 Suicides after School Result Announcement). इसके बाद से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सात छात्रों ने आत्महत्या कर ली. ये आंकड़ा रिजल्ट अनाउंस होने के 30 घंटे के अंदर का है. मध्य प्रदेश में भी खराब रिजल्ट के चलते चार छात्रों के आत्महत्या करने की जानकारी सामने आई है.

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पहला मामला मंचेरियल जिले से आया जहां 16 साल के एक छात्र ने अपने घर पर आत्महत्या कर ली. स्थानीय पुलिस के मुताबिक, वो पहले साल यानी 11वीं क्लास में चार सबजेक्ट्स में फेल हो गया था. बाकी जिन छात्रों ने आत्महत्या की वो एक या दो सबजेक्ट्स में फेल हुए थे. 2019 में इंटरमीडिएट रिजल्ट्स की घोषणा के बाद पूरे तेलंगाना में कम से कम 22 छात्रों ने आत्महत्या की थी.

टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी मामले पर रिपोर्ट तैयार की है. उसके मुताबिक, तेलंगाना में जिन छात्रों ने आत्महत्या की उनमें से ज्यादातर साइंस स्ट्रीम के थे. मेदक जिले से सामने आए एक मामले में छात्र दूसरी बार केमिस्ट्री के एग्जाम में फेल हो गया था. खम्मम में PCM का एक छात्र मैथ्स बी के पेपर में फेल हुआ. कोलूर में 17 साल के एक लड़के ने अपनी जान ले ली. राजेंद्रनगर में 16 साल के छात्र की आत्महत्या का मामला सामने आया. उसने कुछ साल पहले ही अपनी मां को खोया था. महबूबाबाद में 12वीं क्लास की छात्रा कॉमर्स का पेपर पास नहीं कर पाई थी.  

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हाल ही JEE मेन एग्जाम के नतीजे भी आए थे. तेलंगाना राज्य से सबसे ज्यादा JEE मेन टॉपर निकले थे. 100 फीसदी मार्क्स हासिल करने वाले 56 छात्रों में से 15 तेलंगाना से थे. पिछले तीन सालों से ही राज्य से सबसे ज्यादा JEE मेन के टॉपर्स निकलते हैं.

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इधर, मध्य प्रदेश में भी 10वीं, 11वीं और 12वीं के चार छात्रों ने अपनी जान ली है. वहां भी 24 अप्रैल को ही रिजल्ट की घोषणा की गई थी. आत्महत्या के केस ग्वालियर, सेहोर, बुरहानपुर और खारगोन से  सामने आए हैं. इनमें ज्यादातर छात्र मैथ्स में फेल हुए थे. इसके अलावा बेतुल में दसवीं क्लास के दो छात्र वेंटिलेटर पर हैं. उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की थी.

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राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक, 2022 में देशभर में 12,522 छात्र आत्महत्याओं के मामले सामने आए थे. तब महाराष्ट्र (13.5% या 1,764), तमिलनाडु (10.9% या 1,416) और मध्य प्रदेश (10.3% या 1,340) सबसे ज्यादा छात्र आत्महत्याओं के मामले में टॉप पर रहे. उस साल तेलंगाना 28 राज्यों में 11वें नबर पर था.

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