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27 जिलों में कोरोना के मामले बढ़े, केंद्र ने कहा-जरूरत पड़े तो नाइट कर्फ्यू जैसे कदम उठाएं

केंद्र ने राज्यों को लिखा लेटर.

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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए राज्यों को लेटर लिखा है.
ओमिक्रॉन के खतरे के बीच देश के कई राज्यों में कोरोना के मामले भी बढ़ रहे हैं. इसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लेटर लिखा है. अधिक संक्रमण दर वाले 27 जिलों पर नजर बनाए रखने को कहा है. लेटर में कहा गया है कि जिन जिलों में संक्रमण दर बेकाबू है, उन इलाकों में कोरोना से बचाव के लिए कड़े कदम उठाने होंगे. जरूरत पड़ने पर नाइट कर्फ्यू, लोगों को जमा होने से रोकने, शादी या अन्य समारोह में भीड़ पर पाबंदी लगाने जैसे कदम उठाने होंगे.
आलम ये है कि 10 राज्यों के 27 जिलों में पिछले दो सप्ताह में संक्रमण की दर में एकाएक उछाल आया है. देश के 7 राज्यों के 19 जिले ऐसे हैं जहां संक्रमण की दर 5 से 10 प्रतिशत के बीच है. तीन राज्यों मिजोरम, केरल और सिक्कम के 8 जिलों में संक्रमण दर 10 प्रतिशत से ऊपर है. मिजोरम के हन्नाथियाल और सेरछिप जिले में संक्रमण दर क्रमश: 22.37 और 19.29 फीसदी है. इसके अलावा यहां के तीन अन्य जिलों में भी  संक्रमण की दर 10 प्रतिशत के ऊपर पहुंच गई है. केरल के दो और सिक्कम के एक जिले में भी संक्रमण की दर 10 प्रतिशत के ऊपर पहुंच चुका है.
केंद्र ने सलाह दी है कि संक्रमण को रोकने के लिए जिला स्तर पर कई सावधानियां बरतने की जरूरत है और टेस्टिंग के साथ-साथ कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर को सख्ती से पालने करने की भी जरूरत है.
 
केंद्र ने जारी किये नए दिशा निर्देश
               केंद्र ने जारी किये नए दिशा निर्देश

केंद्र ने राज्यों को निर्देश दिया है कि  RT-PCR जांच बढ़ाने पर ध्यान दिया जाए. विदेशों से आने वालों यात्रियों पर लगातार निगरानी रखी जाए. संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वालों की जांच व निगरानी में कोई लापरवाही ना की जाए. सभी राज्य कोविड सतर्कता नियमों का सख्ती से पालन करें.
वहीं शुक्रवार, 10 दिसंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया था कि पिछले 14 दिनों में 10,000 से कम कोरोना केस सामने आए हैं. केरल और महाराष्ट्र में एक्टिव केस की संख्या अधिक हैं. केरल में जहां 43 फीसदी एक्टिव केस हैं तो महाराष्ट्र में ये संख्या 10 फीसदी है. वहीं, ICMR के महानिदेशक बलराम भार्गव ने बताया था कि 50 फीसदी से अधिक पॉजिटिविटी होने पर जिला स्तरीय प्रतिबंध लागू होंगे. उन्होंने ये भी कहा था कि हमें डर का माहौल पैदा करने से रोकने के लिए मदद की जरूरत है.

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