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वैष्णो देवी मंदिर हादसे के बाद 27 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

LG ने मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख अतिरिक्त मुआवजे का किया ऐलान.

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शनिवार को हादसे के बाद हजारों श्रद्धालुओं ने किए माता वैष्णो देवी के दर्शन. (साभार: पीटीआई )
जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के वैष्णो देवी मंदिर (Vaishno Devi Temple)  में शनिवार, 1 जनवरी की सुबह भगदड़ में 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. हादसे के बाद शनिवार को आम दिनों की तरह श्रद्धालु दर्शन के लिए लाइन में लगे दिखाई दिए. हालांकि इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ अनुशासित दिखी. हादसे के बाद सुरक्षाकर्मी भी चौकन्ने नजर आए.
सरकारी प्रवक्ता के बयान के मुताबिक शनिवार को करीब 27 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. शनिवार सुबह हुई भगदड़ के बाद माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, जिला प्रशासन, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के संयुक्त दल ने तुरंत राहत अभियान चलाया. इसके बाद से यात्रा सुचारू रूप से चल रही है.
आजतक के मुताबिक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) जो कि वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं, हादसे के बाद से ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, एलजी मनोज सिन्हा ने रविवार, 2 जनवरी को माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने भगदड़ में जान गंवाने वाले परिजनों को अतिरिक्त 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की. इससे पहले हादसे वाले दिन एलजी ने सभी मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और घायलों को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की थी. एलजी ने ट्वीट किया था,
नारायण सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में घायल तीर्थयात्रियों से मुलाकात की. डॉक्टरों का कहना है कि सभी घायलों का इलाज जारी है और मेडिकल स्टाफ उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. हादसे में 16 लोग घायल हो गए थे, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, इनमें से 9 को डिस्चार्ज कर दिया गया है. बाकी 7 का इलाज जारी है. इनके जल्दी ठीक होने के लिए मैं प्रार्थना करता हूं."
जांच के लिए बनी कमेटी आजतक के मुताबिक उप राजपाल ने इस हादसे की जांच के लिए प्रधान सचिव (गृह) शालीन काबरा के नेतृत्व में जांच समिति का गठन किया है. इसमें एडीजीपी मुकेश सिंह और जम्मू के संभागीय आयुक्त राजीव लंगर भी होंगे. सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जांच समिति ने भवन के गेट नं 3 के पास घटना स्थल का मुआयना किया और सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की भी जांच की. इसके साथ ही जांच समिति ने इस हादसे के बारे में मुख्य कार्यकारी अधिकारी एसएमवीडीएसबी, उपायुक्त रियासी, एसपी कटरा, कमांडिंग ऑफिसर सीआरपीएफ, अनुमंडल दंडाधिकारी भवन समेत कई और अधिकारी से पूछताछ भी की.
प्रवक्ता ने आगे बताया,
"हालांकि, प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि गेट नंबर 3 कुछ तीर्थयात्रियों के बीच किसी मामूली बात पर हाथापाई हो गई जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई. "
स्थिति को समय रहते काबू करने के लिए प्रवक्ता ने एडीजीपी और संभागीय आयुक्त ने श्राइन बोर्ड, जिला प्रशासन, पुलिस और सीआरपीएफ की फील्ड टीमों की सराहना भी की.
जम्मू स्थित वैष्णो देवी मंदिर
जम्मू स्थित वैष्णो देवी मंदिर
क्या हुआ था ? जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह के मुताबिक तड़के पौने तीन बजे तीर्थयात्रियों के बीच झगड़ा हो गया, जिसके बाद लोग एक दूसरे को धक्का देने लगे. वहीं इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर में उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया किया, जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई. इस भगदड़ में 12 लोगों की मौत हो गई और 16 लोग घायल हो गए. इस घटनाक्रम के संबंध में इंडिया टुडे ने कई श्रद्धालुओं और चश्मदीदों से बात की. उन्होंने बताया कि प्रशासन की तरफ से ढंग के इंतजाम नहीं किए गए थे.  इन श्रद्धालुओं और चश्मदीदों ने पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठाए थे.

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