The Lallantop

भारत के नाम होगा सबसे ज्यादा रिकॉर्ड बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड

सबसे लंबे और गंदे नाखूनों से लेकर सबसे लंबी जुबान रखने वालों का वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत के आदमी के पास है. अब ऐसा दिन भी जल्दी ही आने वाला है.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop

रिकॉर्ड ए वर्ल्ड किसके नाम हो ये शोर तारी है अभी तक तेरी बारी थी अब आगे मेरी बारी है

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
इसी तरह कभी केला खाने का रिकॉर्ड बनता है कभी मूंगफली खाने का. कभी पानी पीने का बनता है कभी गन्ने का रस पीने का. कभी सबसे लंबी जबान बाहर निकालने का रिकॉर्ड बना जाता है कोई. और एक एक कर सारे रिकॉर्ड इंडिया की झोली में आए जाते हैं. सबसे बड़ी दाढ़ी मूछ से लेकर सबसे लंबे और वाहियात नाखूनों तक भारत में पाए जाते हैं. सबसे ज्यादा उम्र का आदमी यहां मिल जाएगा. मतलब जल्दी ही वो वक्त आएगा यहां विश्वविद्यालयों में स्टडी के लिए अलग से एक संकाय बनाना होगा. वर्ल्ड रिकॉर्ड संकाय. जिसमें वर्ल्ड बनाने के तरीकों, हरकतों और रिकॉर्ड बनाने वालों की जीवनी पर रिसर्च होगी. जिसका पहला चरण होगा:

गिनीज बुक में नाम दर्ज हो गया तो जिंदगी सफल है. नोबेल पुरस्कार को आज की डेट में कोई टक्कर दे सकता है तो यही वर्ल्ड रिकॉर्ड. इसीलिए हर आम खास के दिमाग में ये बात घूम रही है कि क्या सन्निपात वाला काम किया जाए जिससे नाम गिनीज बुक में दर्ज हो जाए. कल देखा एक बच्ची दिखा रहे थे टीवी पर. पैदा होते ही 6 किलो की थी. उसके नाम दुनिया की सबसे वजन न्यू बॉर्न बेबी होने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है. आज देखा कि कोई आदमी है जो 17 साल से रेत और पत्थर खाकर जिंदा है. कल एक और वीडियो देखा. उसमें हैदराबाद के एक अंकल बिजली की तेजी से लोगों को गले लगा रहे थे. एक मिनट में 79 आदमी गले लगा लिए. एक ऑस्ट्रेलियन औरत का रिकॉर्ड तोड़ दिया. एक और दादा जी दिखे. उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की सनक में अपने सारे दांत उखड़वा दिए. मुंह में ठूंस लिए नींबू पानी पीने वाले स्ट्रॉ. सबसे ज्यादा स्ट्रॉ ठूंसने का वर्ल्ड रिकॉर्ड उनके नाम. वर्ल्ड रिकॉर्ड दो प्रकार के होते हैं. 1: प्रकृति प्रदत्त वर्ल्ड रिकॉर्ड- ये हमें जन्मजात मिल जाते हैं. या अपने आप हमारी झोली में आ गिरते हैं. जैसे पूंछ के साथ पैदा होना, सबसे ज्यादा वजन लेकर पैदा होना. सबसे लंबा, नाटा, पतला, मोटा इत्यादि होने का रिकॉर्ड. इनके लिए कोई कोशिश करने की जरूरत नहीं पड़ती. न ही प्रैक्टिस करने की. 2: स्वयं की हरकतों से बनाए रिकॉर्ड- ये रिकॉर्ड बनाना थोड़ा टेढ़ा काम है. क्योंकि इनके लिए खुद प्रयास और प्रैक्टिस करनी पड़ती है. वैसे तो इसमें भी दो कैटेगरी हो सकती हैं. एक वो जिनके लिए प्रेरणा की जरूरत होती है. जैसे हिमालय पर चढ़ने का रिकॉर्ड. दूसरे वो जिनके लिए सनक की जरूरत होती है. जैसे दांत तोड़वाने, गले लगाने, नोट, सिक्के, डाक टिकट इकट्ठा करने, कान से ट्रेन खींचने, पैर से पुल गिराने के रिकॉर्ड. इन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वालों को ब्रांड एंबेसडर बनाना चाहिए. "सुसाइड हटाओ" स्कीम का. यहां आदमी खाली पीली बैठा रहता है. खाली दिमाग शैतान का घर. करने को कुछ नहीं है, चलो सुसाइड कर लें. जरा जरा सी बात पर सुसाइड कर लेते हैं लोग. एग्जाम में नंबर कम आए, बीवी से झगड़ा हो गया, बॉयफ्रेंड ने धोखा दे दिया, मन की जॉब नहीं लगी, टाइम नहीं कट रहा बस जाकर खुदकुशी कर ली. इन लोगों को ये वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले बचा सकते हैं. बस ऐड में ये दिखाना होगा
"मैं बहुत परेशान हो गया था. वेल्ला बैठा रहता था. कोई किसी काम के लायक नहीं समझता था. फिर मुझे दूर के रिश्तेदार ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के बारे में बताया. मुझे पता चला कि कुछ भी ऊल जुलूल करके फेमस हुआ जा सकता है. फिर मैंने बनाया पेड़ पर सबसे ज्यादा देर तक उल्टा लटकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड. नतीजा आप सबके सामने थे."
पीछे से विजुअल भी चलते रहें जिसमें वो पहले खलिहर बैठा मक्खी मारता दिखता हो. और बाद में पीपली लाइव के नत्था जैसा. जिसके मुंह में आठ-आठ ओबी वैन खड़ी हों मीडिया की. अगर हम और हमारी सरकार ऐसा करने में कामयाब हो जाते हैं तो भारत में कोई खाली नहीं रहेगा. कोई बेरोजगार नहीं रहेगा. कोई सुसाइड नहीं करेगा. बच्चे बच्चे के हाथ में गिनीज बुक का एक सर्टिफिकेट पड़ा होगा. और भारत के नाम होगा सबसे ज्यादा रिकॉर्ड बनाने वालों का वर्ल्ड रिकॉर्ड. सोचो उस वक्त का भारत कितना सुंदर होगा. वो जिसका सपना गांधी, पटेल और भगत सिंह ने देखा था.

Advertisement
Advertisement
Advertisement