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'ये लड़ाई रिजीम चेंज के लिए है', क्या प्रशांत भूषण ने सच में ऐसा कहा?

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने 15 अक्टूबर को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में कहा कि मौजूदा सरकार के रवैये के खिलाफ लड़ाई ‘Regime Change’ की भी है. बीजेपी ने इसे तख्तापलट की मंशा बताते हुए हमला बोला. इससे एक दिन पहले AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने बांग्लादेश के Gen-Z आंदोलन से प्रेरणा लेने की बात कही थी.

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भाजपा ने नेहा बोरा और प्रशांत भूषण के बयान पर पलटवार किया है (COURTSEY- ITG)

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  • प्रशांत भूषण ने 15 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र बचाने और रिजीम चेंज के लिए है, जिसे वे और अन्य संगठन अगुवाई कर रहे हैं।
  • प्रशांत भूषण का रिजीम चेंज का बयान आधा-आधा वायरल हुआ है, जिससे बीजेपी ने उन पर साजिश रचने का आरोप लगाया है और वीडियो का संपूर्ण क्रम विवादित है।
  • इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद गहराया है, जिससे सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर लंबी तकरार जारी रहने की संभावना है।

‘हम स्टूडेंट्स और यूथ ऑर्गेनाइजेशन्स को ये श्रेय देते हैं. उनकी अगुआई में ये लड़ाई लड़ी जाएगी. उनकी अगुआई में सारी सिविल सोसाइटी, पॉलिटिकाल पार्टियां, सब मिल कर हमारे लोकतंत्र को बचाने और रिजीम चेंज के लिए लड़ाई लड़ेंगी. ये बात मैं खुले तौर पर कह रहा हूं कि ये रिजीम चेंज की लड़ाई है, और हमलोग ये करा कर रहेंगे.’

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सुप्रीम कोर्ट के सीन‍ियर एडवोकेट और जाने-माने एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण का ये बयान जब से वायरल हुआ है. बीजेपी ने उन्हें निशाने पर लेना शुरू कर दिया. 15 अक्टूबर को प्रेस क्लब ऑफ इंडि‍या में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत भूषण ने रिजीम चेंज वाली बात कही थी. लेकिन इसमें एक ट्विस्ट है, सोशल मीडिया पर प्रशांत भूषण का जो वीडियो वायरल हो रहा है, वो आधा-अधूरा है. इसलिए पहले उनका पूरा बयान सुनते हैं. फिर बीजेपी की ओर से लग रहे आरोपों पर बात करेंगे. 

प्रशांत भूषण ने कहा था,

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‘अब ये सरकार कह रही है कि नहीं नहीं, ये तो रिजीम चेंज का ऑपरेशन है. विपक्ष रिजीम चेंज कराना चाहते हैं. अभी तो हमलोग चुनाव को ठीक करने का, हमारे चुनावी लोकतंत्र को वापस लेने की योजना बना रहे थे. लेकिन अगर सरकार की इस तरह की बर्बरता चलेगी, तो जरूर रिजीम चेंज होगा. हां हमलोग चाहते हैं कि रिजीम चेंज हो. हम सब चाहते हैं रिजीम चेंज हो. उसमें गलत क्या है.’ 

प्रशांत भूषण ने आगे कहा था,

'भाजपा ने बार-बार रिजीम चेंज के लिए आंदोलन किए हैं. और वो कहते हैं कि ये लोग रिजीम चेंज की साजिश कर रहे हैं. रिजीम चेंज कराना हर नागरिक का लोकतान्त्रिक अधिकार है. इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 'Sedition' का जो कानून अंग्रेजों के टाइम का बना हुआ है, वो गैर-संवैधानिक है. ये मैं खुले तौर पर कह रहा हूं कि यहां रिजीम चेंज की लड़ाई है.'

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नेहा बोरा ने भी की थी रिजीम चेंज पर बात

प्रशांत भूषण के बयान से एक दिन पहले यानी 14 अक्टूबर को नेहा बोरा ने भी कुछ इसी तरह की बात कही थी. सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट के छठे राष्ट्रीय सम्मेलन के मौके पर एक वीडियो में नेहा कह रही हैं कि बांग्लादेश ने उन्हें क्रांति का रास्ता दिखाया है. नेहा ने कहा था,

‘हम आपको लाल सलाम करते हैं. और हम जानते हैं कि इस देश में जहां भी हम Gen-Z आंदोलन देख रहे हैं, वो सबसे पहले बांग्लादेश में शुरू हुआ था. हमें राह दिखाने के लिए आपको बधाई. इस देश के युवाओं के साथ, एकजुटता दिखाने के लिए. हम जानते हैं कि बांग्लादेश में आंदोलन लोकतान्त्रिक और वोटर के अधिकारों के लिए शुरू हुआ था.’ 

नेहा बोरा आगे कहती हैं,

‘आज जिस आंदोलन में युवा हिस्सा ले रहे हैं और नेतृत्व कर रहे हैं, वो भी वोटिंग और लोकतान्त्रिक अधिकारों के लिए है. हम जानते हैं कि जिस धार्मिक कट्टरवाद के खिलाफ अपने देश में आपने जंग लड़ी, वही जंग आज इस देश की Gen-Z पीढ़ी लड़ रही है.’

BJP ने प्रशांत भूषण पर क्या आरोप लगाया?

प्रशांत भूषण के इस बयान को बीजेपी ने निशाने पर लेना शुरू कर दिया. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने नेहा बोरा, प्रशांत भूषण को गद्दार कहते हुए कहा,

‘जिस तरह से प्रशांत भूषण, नेहा बोरा और ध्रुव राठी ने प्रेस कांफ्रेंस की है, उसका जवाब दिया जा रहा है. प्रशांत भूषण का ये कहना कि ये लड़ाई रिजीम चेंज की है. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि ये देश किसी की मिल्कियत नहीं है… यह कहना कि हम रिजीम चेंज के लिए लड़ रहे हैं, सही नहीं है. भाजपा और देश के साधारण लोग कहते आ रहे हैं कि इनका मुद्दा SIR या बच्चों के लिए नहीं है. इनकी मंशा केवल देश में तख्तापलट करने की है.’

दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ये तय है कि सरकार और विपक्ष के बीच लंबे समय तक इस मुद्दे पर तकरार चलती रहेगी.

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