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फ्रांस के राष्ट्र्पति और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कोकीन ले रहे थे? रूस ने वीडियो दिखाकर किया दावा

Cocaine Party Fake Video: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, ये इस वीडियो में नज़र आ रहे हैं. क्या है वीडियो की सच्चाई?

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ब्रिटिश प्रधानमंत्री (बाएं) और फ्रांस के राष्ट्रपति (बीच में) | फ़ोटो - सोशल मीडिया

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) का यूक्रेन की ट्रेन यात्रा के दौरान का एक वीडियो ग़लत कारणों से वायरल है. वीडियो में उनके साथ जर्मनी के विपक्षी नेता फ्रेडरिक मर्ज़ (Friedrich Merz) और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर (Keir Starmer) भी नज़र आ रहे हैं.

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आरोप लगाया जा रहा है कि मैक्रौं ‘कोकीन की एक थैली’ छिपा रहे हैं. लेकिन फ्रांस के एक मीडिया आउटलेट ने इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि जब कीर स्टारमर कमरे में एंट्री लेते हैं, तो इमैनुएल मैक्रों और फ्रेडरिक मर्ज़ उनसे हाथ मिलाने के लिए उठते हैं. इसके बाद मैक्रों टेबल पर रखी कोई सफेद चीज़ वहां से हटा रहे हैं. इसी छोटी सी क्लिप ने ऑनलाइन अफवाहों की बाढ़ ला दी.

इस बवाल के बीच आग में घी डालने का काम किया एक रूसी अधिकारी ने, जिन्होंने इमैनुएल मैक्रों और अन्य यूरोपीय नेताओं पर ड्रग्स लेने का आरोप लगा दिया.

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बाद में इसका फ़्रांसीसी मीडिया आउटलेट 'लिब्रेशन' ने फ़ैक्ट चेक किया. वीडियो की जांच की और एक रिपोर्ट छापी. इस रिपोर्ट के मुताबिक़, एएफपी और एपी जैसी न्यूज़ एजेंसियों ने हाई क्वालिटी में इस वीडियो को पोस्ट किया है. इससे पता चला है कि कथित ‘सफेद पाउडर की थैली’ सिर्फ़ एक रूमाल थी. कीर स्टारमर के कमरे में एंट्री करने से पहले इसे लपेटकर टेबल पर रख दिया गया था.

रिपोर्ट में लिब्रेशन ने कहा,

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वीडियो के ज़रिए साज़िश के तहत आरोप लगाए जा रहे हैं कि पश्चिमी अभिजात वर्ग भ्रष्ट है और युद्ध के प्रति सीरियस नहीं है. लेकिन मामला ऐसा है ही नहीं. व्लादिमीर पुतिन के पक्ष में काम करने वाले कई इंटरनेट यूज़र्स फ़र्ज़ी दावा कर रहे हैं.

अफवाह के पीछे RUSSIA है?

तुर्किये टुडे की ख़बर के मुताबिक़, ये अफवाह तब शुरू हुई, जब रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने वीडियो के बारे में कॉमेंट किया. उन्होंने टेलीग्राम पर तीनों नेताओं को "एक फ्रांसीसी, एक अंग्रेज और एक जर्मन" के रूप में पेश किया. आरोप लगाया कि तीनों ने कोकीन का सेवन किया और पत्रकारों के आने से पहले सबूत हटाना भूल गए.

ज़खारोवा ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की भी आलोचना की. उन्हें कोकीन एडिक्ट बताया. ज़खारोवा ने ये भी दावा किया कि एक पश्चिमी डिप्लोमैट ने एक बार उनसे कहा था कि यूरोपीय नेताओं के बीच नशीली दवाओं का सेवन एक सामान्य बात मानी जाती है.

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