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दिल्ली के सिर सबसे प्रदूषित राजधानी का 'ताज' बरकरार, लेकिन सबसे प्रदूषित शहर भारत का ये इलाका

Delhi World Most Polluted Capital: स्विट्जरलैंड स्थित एयर क्वालिटी डेटाबेस से जुड़ी कंपनी IQAir ने अपनी रिपोर्ट में ये जानकारियां दी हैं. इसमें बीते साल दुनियाभर में प्रदूषण की स्थिति के बारे में बताया गया है. रिपोर्ट में भारत को दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों में पांचवां स्थान दिया गया है.

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दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बनी हुई है. (तस्वीर-इंडिया टुडे)

दिल्ली के सिर दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी होने का 'ताज' बना हुआ है. यहां PM 2.5 की औसत सघनता 91.8 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर (µg/m3) दर्ज की गई है. जो सुरक्षित स्तर (5 µg/m3) से कई गुना ज्यादा है. हालांकि दिल्ली सबसे प्रदूषित शहर नहीं है. लेकिन जो शहर सबसे प्रदूषित है, वो भी भारत में ही है. असम-मेघालय सीमा पर स्थित बर्नीहाट को सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर बताया गया है. दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 भारत में हैं. दिल्ली और बर्नीहाट के अलावा इनमें फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुड़गांव, ग्रेटर नोएडा, भिवाड़ी, नोएडा और मुजफ्फरनगर जैसे शहर शामिल हैं.

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स्विट्जरलैंड स्थित एयर क्वालिटी डेटाबेस से जुड़ी कंपनी IQAir ने अपनी रिपोर्ट में ये जानकारियां दी हैं. इसमें बीते साल दुनियाभर में प्रदूषण की स्थिति के बारे में बताया गया है. रिपोर्ट में भारत को दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों में पांचवां स्थान दिया गया है. जबकि साल 2023 में भारत तीसरे स्थान पर था. यानी पहले से दो स्थान नीचे आए हैं. साल 2024 में इसकी स्थिति पहले से थोड़ी बेहतर हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में भारत में PM 2.5 के स्तर में 7% की गिरावट देखी गई.

रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में भारत में PM 2.5 का स्तर औसतन 50.6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा. वहीं 2023 में यह 54.4 µg/m3 था. लेकिन इस सुधार के बाद भी दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से 6 भारत में हैं. जाहिर है वायु प्रदूषण के ये आंकड़े चिंताजनक हैं. रिपोर्ट कहती है कि इस कारण लोगों की औसत उम्र करीब 5.2 साल कम हो रही है. स्वच्छ हवा के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है.  

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IQAir की इस रिपोर्ट में 138 देशों में वायु प्रदूषण की स्थिति के बारे में बताया गया है. इसके लिए 8954 लोकेशन पर लगे 40 हजार से ज्यादा एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों के डेटा का इस्तेमाल किया गया है.

IQAir रिपोर्ट की बड़ी बातें

- दुनियाभर के सिर्फ 17% शहर ही WHO के वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हैं.

- 138 देशों में से 126 (91.3%) में PM2.5 का स्तर WHO के तय मानक 5 μg/m3 से ज्यादा है.

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- भारत का बर्नीहाट 2024 में दुनिया का सबसे प्रदूषित महानगरीय क्षेत्र रहा. जहां PM2.5 स्तर 128.2 μg/m3 था.

- दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से 6 भारत में हैं.

- अमेरिका का सबसे प्रदूषित प्रमुख शहर लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया है.

- अफ्रीका में प्रदूषण निगरानी स्टेशनों की भारी कमी है. हर 37 लाख लोगों पर सिर्फ 1 स्टेशन मौजूद है.

क्या है PM 2.5? 

PM 2.5 हवा में मौजूद 2.5 माइक्रॉन से छोटे सूक्ष्म कणों को कहते हैं. ये कण इतने छोटे होते हैं कि इन्हें देखने के लिए माइक्रोस्कोप का इस्तेमाल करना पड़ता है. ये कण सांस के जरिये फेफड़े और ब्लड में प्रवेश कर सकते हैं. इससे सांस लेने में तकलीफ, दिल की बीमारी और यहां तक कि कैंसर भी हो सकता है. PM 2.5 के फैले की सबसे बड़ी वजहों में गाड़ियों और उद्योगों से निकलने वाला धुआं, लकड़ी और फसलों के खरपतवार का जलना शामिल है.

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