कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अचानक इंडिया गेट पहुंच गए हैं. खबर है यहां वे अंकिता भंडारी के माता-पिता का समर्थन करने पहुंचे हैं. अंकिता भंडारी के माता-पिता अपनी मृत बेटी को न्याय दिलाने की मांग करते हुए इंडिया गेट पर धरना दे रहे हैं. इसी बीच राहुल गांधी के यहां पहुंचने से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया है. हालिया विरोध प्रदर्शनों के चलते इस इलाके में धारा 163 लगी हुई है.
अंकिता भंडारी के माता-पिता के सपोर्ट में आए राहुल गांधी, अचानक इंडिया गेट पहुंचे
Ankita bhandari murder case: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अंकिता भंडारी के माता-पिता का समर्थन करने इंडिया गेट पहुंचे. अंकिता भंडारी के माता-पिता उन्हें न्याय दिलाने की मांग करते हुए इंडिया गेट पर धरना दे रहे हैं.

इसे लेकर कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,
“नेता विपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अंकिता भंडारी के परिवार से इंडिया गेट पर मुलाकात की. साल 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में BJP के राष्ट्रीय महासचिव व उत्तराखंड प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम पर आरोप लगे थे. आरोप था कि अंकिता पर दुष्यंत गौतम को सर्विस देने का दबाव बनाया गया था. जब अंकिता ने मना किया तो उसकी हत्या कर दी गई.”
कांग्रेस ने कहा कि दुष्यंत गौतम पर आरोप लगे थे, लेकिन उन्हें सिक्किम का राज्यपाल बना दिया गया. अंकिता भंडारी को न्याय देने के बजाय पूरी BJP सरकार पीड़ित परिवार की आवाज दबाने पर तुली है.
उत्तराखंड के पूर्व सीएम और सीनियर कांग्रेस नेता हरीश रावत भी एक्स पर एक्टिव दिखे. उन्होंने पोस्ट कर लिखा,
"#AnkitaBhandari को न्याय मिले, वीआईपी न्याय के कटघरे में आए, यह हर उत्तराखंडवासी की नहीं, बल्कि जिसकी भी बेटी और बहन है, उन सबकी आकांक्षा है. आज अंकिता के निराश माता-पिता ने #IndiaGate पर पहुंचकर भारत मां के दरवाजे पर दस्तक दी है. इंडिया गेट का ये क्षेत्र भारत मां का हृदय स्थल है, वहां आज उन्होंने दस्तक दी है. एक निराश मां-बाप और क्या कर सकते हैं? जब देख रहे हैं कि सत्ता अहंकार में कह रही है लो हमने ये कर दिया और करो माफ़! #VIP को कटघरे में लाओ. सत्ता के दंभ के ख़िलाफ़ एक ग़रीब मां-बाप का ये करुण क्रंदन देश अवश्य सुनेगा.
हरीश रावत यहां जिस 'VIP' की ओर इशारा कर रहे हैं उसे अंकिता भंडारी के केस में दुष्यंत गौतम से जोड़ा जाता रहा है. दरअसल, सितंबर 2022 के दौरान अंकिता उत्तराखंड के जिस रिसॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट जॉब करती थीं, वहां के मैनेजमेंट ने उन्हें एक VIP को ‘खास सर्विस’ देने की बात कही थी. लेकिन अंकिता ने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई थी. उनका शव एक नहर के पास मिला था. बाद में अदालत ने रिसॉर्ट के संचालक पुलकित आर्य समेत तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.
इस पूरे केस के दौरान बार-बार आरोप लगा कि अंकिता को जिस VIP को स्पेशल सर्विस देने के लिए कहा गया था, वो कोई और नहीं बीजेपी के ताकतवर नेता और वक्त उत्तराखंड में बीजेपी के प्रभारी दुष्यंत गौतम हैं. उनका नाम लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने बार-बार बीजेपी को घेरने की कोशिशें की थीं.
हालांकि दुष्यंत गौतम ने इस आरोप को बार-बार सिरे से खारिज किया. बाद में वे इसके खिलाफ हाई कोर्ट चले गए. इसी साल जनवरी में दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी समेत अन्य लोगों को आदेश दिया कि वे सोशल मीडिया पर डाले गए उन पोस्ट्स को 24 घंटे के भीतर हटाएं, जिनमें बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ा गया है.
कोर्ट ने कहा कि गौतम के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया मानहानिकारक हैं और उन्होंने अंतरिम निषेधाज्ञा दिए जाने का पर्याप्त आधार दिखाया है. अदालत ने यह भी कहा था कि अगर यह कॉन्टेंट नहीं हटाया गया, तो गौतम की छवि को नुकसान होगा.
अब इन्हीं दुष्यंत गौतम को सिक्किम का गवर्नर बनाए जाने से अंकिता के माता-पिता नाराज हैं. वे इसका विरोध जताने के लिए इंडिया गेट पर धरना दे रहे हैं. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक धरने पर बैठे अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने साफ कहा,
"दुष्यंत कुमार को जेल में होना चाहिए. मैं माननीय राष्ट्रपति से अपील करता हूं कि सीबीआई की जांच पूरी होने तक दुष्यंत को बतौर गवर्नर अपॉइंट न करें."
वहीं अंकिता की मां सोनी देवी ने कहा,
“12 अक्टूबर को जैसे ही ये खबर मिली कि उन्हें (दुष्यंत गौतम) गवर्नर बना दिया गया है तो हम बहुत दुखी हो गए. मैं राष्ट्रपति से अपील करती हूं कि सीबीआई की जांच पूरी होने तक इस शख्स की नियुक्ति पर रोक लगाएं.”
सोनी देवी ने ये भी कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद महिला हैं और उनकी भावनाओं को समझेंगी.
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