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स्मार्टफोन आपकी एक-एक बात जानता है, आप कुछ कर भी नहीं सकते!

सच्चाई बहुत डराने वाली है.

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Your smartphone knows so much about you that it can be dangerous
आपके स्मार्टफोन को आपसे ज्यादा पता है. (image-memegenerator)
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सूर्यकांत मिश्रा
20 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 20 फ़रवरी 2023, 09:12 PM IST)
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स्मार्टफोन हमारी निजी जानकारी इकट्ठा करते (Smartphone Personal Data) हैं. ये बहुत आम बात है. सवाल है कि कितनी जानकारी? जवाब है, आपकी सोच से कहीं ज्यादा. स्मार्टफोन आपकी वो बातें भी जानता है, जो दोस्तों को छोड़िए, शायद आपने अपने आप को भी नहीं बताई होंगी. कमाल बात ये है कि इसके लिए आपको कई सारे ऐप ओपन करने की जरूरत भी नहीं है. बस वो फोन में हैं, तो डेटा चोरी होता रहता है. सबकुछ विस्तार से जानते हैं.

मैप को सब पता है

फोन में गूगल मैप होगा. होगा ही सही क्योंकि इंडिया में उसके बिना काम नहीं चलता. आप मैप खोलो या नहीं. उसके पास आपकी गाड़ी की स्पीड का रिकॉर्ड होता ही है. अगर मैप ओपन है तो फिर कोई बात ही नहीं क्योंकि वो तो बाकायदा स्क्रीन पर स्पीडमीटर दिखाता ही है. अगर ओपन नहीं है, तो भी एक्टिविटी रिकॉर्ड हो रही है. 

इसी तरह आपने मैप ओपन किया हो या नहीं, उसको सब पता है कि आप किधर गए और किससे मिले. आप कितना भी लोकेशन ऑफ रखो या हिस्ट्री क्लियर. सब आपके मन का भ्रम है. उनको सब मालूम है. 

हर पासवर्ड सेव

आपने पासवर्ड डाला नहीं, उधर वो सेव हुआ नहीं. भले आपने सेव पासवर्ड या रिमेम्बर पासवर्ड फॉर दिस साइट का ऑप्शन ओके किया हो या नहीं. कहने का मतलब, आपका हर पासवर्ड कंपनी के सर्वर पर सेव होता है. फिर भले वो इनक्रिप्टेड फॉर्मेट में क्यों ना हो. यकीन नहीं होता, तो जरा ध्यान से याद कीजिए. कितनी सारी वेबसाइट आपको एक तय समय पर पासवर्ड बदलने का मैसेज भेजती हैं. क्यों... आप समझदार हैं. दूसरा उदाहरण, जब भी किसी कंपनी के डेटा में सेंध लगती है तो वो क्यों अपने यूजर्स को पासवर्ड बदलने को कहती हैं. जवाब आपके पास है.

हर बातचीत का कच्चा चिट्ठा

माइक से लेकर चाहे जो कुछ भी ऑफ कर लीजिए. आपने किससे बात की, कब बात की, क्या बात की, और कितनी देर बात की. सब कुछ रिकॉर्ड हो रहा है. थोड़ा डीप में जाएंगे, तो आपको पता चलेगा कि कंपनियों में इसके लिए बाकायदा टीम होती है. कस्टमर एक्सपीरियंस एनहैंसमेंट जैसे फ़ैन्सी नाम के साथ. सब सुनते हैं और फिर उसके हिसाब से आपको विज्ञापन दिखाए जाते हैं. दिक्कत ये है कि आप कितने भी ऑप्शन बंद कर दो. स्क्रीन पर पॉपअप का फव्वारा फूटता ही है.

आपको लगेगा काहे फोकट में डरा रहे. हम आपको डरा नहीं रहे. डरा कर करेंगे भी क्या. क्योंकि ऑप्शन भी तो नहीं है. बस जानकारी है तो आपसे शेयर की. आपने घबराना नहीं है. 

वीडियो: गूगल मैप्स ने ऐसा क्या किया कि सबकी पर्सनल जानकारी बड़े ख़तरे में आ गई?

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