गूगल की बिना गोली वाली 'बंदूक', एक ही फायर में डेटा सिक्योरिटी पक्की
गूगल बढ़िया सिक्योरिटी फीचर लाया है, लेकिन खुद से उसको इनेबल नहीं कर सकता है.

फीचर में कुछ तो होगा जो खुद गूगल पॉपअप भेजकर मुनादी पीट रहा. कमाल बात ये कि ये कोई नया प्रोडक्ट नहीं है. ना कोई नया यूजर इंटेरफेस है. लेकिन गूगल इस फीचर के लिए काफी गंभीर है. मुमकिन है आपने पिछले कुछ दिनों में गूगल की सर्विसेस पर इसका नोटिफिकेशन देखा होगा. हम बात कर रहे हैं 'Enhanced Safe Browsing' फीचर की जिसका सीधा संबंध हमारी डेटा सिक्योरिटी से है. ये फीचर वैसे तो गूगल सेटिंग्स के अंदर कहीं घुसा पड़ा हुआ है, लेकिन टेक दिग्गज इसको इनेबल करने के लिए भरपल्ले जतन कर रहा. चलिए समझने की कोशिश करते हैं कि है आखिर क्या है इस फीचर में.
गूगल की बिना गोली वाली बंदूकवैसे तो गूगल अकाउंट की सेफ़्टी के लिए कई सारे टूल्स मुहैया करवाता है. उदाहरण के लिए 2-Step verification, Passkeys, वेरीफाइड ईमेल और रिकवरी फोन नंबर. लेकिन ये सारे टूल्स अकाउंट के लिए हैं. इंटरनेट पर ब्राउज़िंग करते समय, गूगल क्रोम या जीमेल पर काम करते समय सुरक्षा थोड़ी ढीली-ढाली होती है.
इसको थोड़ा और आसान करें तो ब्राउज़िंग के समय कभी भी स्क्रीन पर कुछ भी बिलबिलाने लगता है. कभी सस्ते में कार मिलने लगती है तो कभी चंद पैसों में हेयर ट्रांसप्लांट होने लगता है. आमतौर पर हम ऐसे पॉपअप को नजरअंदाज कर देते हैं, मगर कई बार लालच में या गलती से इन पर क्लिक हो ही जाता है.
गूगल ऐसे ही पॉपअप और दूसरे तरीके के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए 'Enhanced Safe Browsing' फीचर लाया है. कंपनी के मुताबिक नया फीचर आपके अकाउंट के रिस्क को समझने की कोशिश करेगा. URL से लेकर डाउनलोड, ब्राउजर एक्सटेंशन, सिस्टम इनफॉर्मेशन पर नजर रखेगा.
इतना जानकर आपको शायद बहुत खुशी हो रही होगी कि चलो कितना अच्छा हुआ. मगर ऐसा है नहीं, तभी तो फीचर अकाउंट के अंदर 'ऑफ' है. इतना शानदार-जबरदस्त-जिन्दाबाद टाइप का फीचर है तो सीधे इनेबल होना चाहिए था. मगर ऐसा है नहीं. आपको अपनी गूगल प्रोफ़ाइल के अंदर जाकर इसको इनेबल करना होगा.
# टैप करते ही ‘Manage Your Google Account’ नजर आएगा.
# भतेरे ऑप्शन स्क्रीन पर नजर आएंगे.
# आपने ‘Security’ का रुख करना है.
# यहां सर्र से नीचे आने पर ‘Enhanced Safe Browsing for your account’ नजर आएगा.
# आप ऑन करें या नहीं वो आपकी मर्जी.
ऐसा इसलिए है क्योंकि इस फीचर को इनेबल करते ही कई सारी वेबसाइट्स और URL पर गूगल की कड़ी नजर होगी. मुमकिन है वो आपके डिवाइस पर नजर ही न आएं. लेकिन गूगल ये तय नहीं करता कि आप इंटरनेट पर क्या खोजते और देखते हैं. वो सिर्फ सर्विस देने वाली एक कंपनी है. लेकिन गूगल को डेटा सिक्योरिटी की भी फिक्र है. इसलिए वो पॉपअप भेजकर निवेदन कर रहा है कि भियो इस फीचर को इनेबल कल्लो.
अब फीचर इनेबल करना या नहीं वो आपकी मर्जी. हां, इंटरनेट इस्तेमाल करते समय सावधानी हमेशा रखें.

.webp?width=60)

