iPhone में मिला जासूसी करने वाला सरकारी WhatsApp, ऐप ने खुद दी यूजर्स को चेतावनी
फेक WhatsApp के जरिए iPhone में सरकारी जासूसी सॉफ्टवेयर (spyware) घुसेड़ने का मामला इटली से आया है. यहां कई सारे यूजर्स को फेक ऐप डाउनलोड करने की लिंक भेजी गई थी. ये नकली iOS क्लाइंट SIO द्वारा बनाया गया था, जो एक इतालवी जासूसी सॉफ्टवेयर निर्माता कंपनी है.

WhatsApp का फेक वर्जन बनाकर उसकी मदद से सरकारी जासूसी सॉफ्टवेयर (spyware) इंस्टाल करने का (Fake WhatsApp app distributing government-grade spyware) मामला सामने आया है. मेटा के मालिकाना हक वाले इंसटेंट मैसेजिंग ऐप ने खुद 200 से ज्यादा यूजर्स को चेतावनी भेजकर इसके बारे में आगाह किया है. व्हाट्सऐप ने तुरंत ही इसको रोकने के लिए जरूरी कादम उठाए हैं. कंपनी इस तरह की गतिविधि को रोकने के लिए औपचारिक कानूनी नोटिस भी भेजने वाली है.
इस अनौपचारिक एप्लिकेशन का इस्तेमाल गुपचुप तरीके से iPhones पर सरकारी स्तर का जासूसी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने के लिए किया गया था. WhatsApp ने लगभग 200 यूजर्स को सूचित किया है, जिनमें से ज़्यादातर इटली में रहते हैं.
iPhone पर सरकारी जासूसीफेक ऐप के जरिए सरकारी जासूसी सॉफ्टवेयर (spyware) आईफोन में घुसेड़ने का मामला इटली से आया है. यहां कई सारे यूजर्स को फेक ऐप डाउनलोड करने की लिंक भेजी गई थी. ये नकली iOS क्लाइंट SIO द्वारा बनाया गया था, जो एक इतालवी जासूसी सॉफ्टवेयर निर्माता कंपनी है और एनफोर्समेंट और इंटेलिजेंस एजेंसियों के लिए निगरानी उपकरण बनाती है.
SIO का ये कोई पहला कारनामा नहीं है. इसके पहले TechCrunch ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन के लिए भी इसी कंपनी का सॉफ्टवेयर पकड़ा था. जांच में इस मैलवेयर की पहचान "Spyrtacus" के रूप में की गई थी. एक बार इंस्टाल होने के बाद ये ऐप यूजर की जानकारी और सहमति के बिना एसएमएस से लेकर कॉन्टेक्ट, माइक्रोफोन और कैमरा का एक्सेस ले सकता है. ऐसे ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर या ऐप्पल ऐप स्टोर से नहीं बल्कि किसी दूसरे सोर्स से डाउनलोड करवाया जाता है. उदाहरण के लिए APK फाइल के जरिए.
व्हाट्सऐप ने दी चेतावनीस्पाइवेयर की पहचान होते ही, व्हाट्सऐप ने प्रभावित उपयोगकर्ताओं को तुरंत सूचित किया कि वे एक अनधिकृत ऐप का उपयोग कर रहे हैं. WABetaInfo के मुताबिक सावधानी बरतते हुए ऐप ने पहले ही पहचाने गए सभी यूजर्स को फर्जी एप्लिकेशन से लॉग आउट कर दिया है. इसी अलर्ट में, ऐप ने इन अपने यूजर्स को फर्जी ऐप को डिलीट करने और ऐप के आधिकारिक वर्जन को ही डाउनलोड करने के लिए कहा है.

WhatsApp की प्रवक्ता मार्गरीटा फ्रैंकलिन ने TechCrunch को बताया कि जिन लोगों को सूचित किया गया है, उनकी पहचान या प्रोफाइल (जैसे कि उनमें पत्रकार या नागरिक समाज के सदस्य शामिल हैं या नहीं) के बारे में इस समय कोई और जानकारी नहीं दी जा सकती. WhatsApp ने SIO को एक औपचारिक कानूनी नोटिस भेजने की बात भी कही है.
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