ATM से पैसे निकालें या लैपटॉप पर पासवर्ड डालें, Shoulder Surfing की अनदेखी बहुत भारी पड़ सकती है
कंधे से कंधा मिलाकर होने वाली ठगी के बारे में कितना जानते हैं आप? लोगों की निजी जानकारी चुराने का कारगर देसी तरीका दंग कर देगा.

बचपन में आपने अपने भाई-बहन के स्कूल बैग में झांका होगा. पड़ोसी के दरवाजे पर भी ताक-झांक की होगी. स्कूल में इम्तिहान के समय अपने साथी की आंसर शीट पर चोरी से निगाह भी डाली होगी. वक्त के साथ समझ आ जाता है कि ये ताक-झांक गलत बात है. पैरेंट से लेकर टीचर भी इसी बात की सीख देते हैं. हमने तो सीख मान ली, लेकिन लगता है अपराधियों ने कुछ नहीं सीखा. ताक-झांक (Sneak Peek) को ही अपराध का जरिया बना लिया. अपराध के इस तरीके का नाम है शोल्डर सर्फिंग (Shoulder Surfing). आज इसी की बात.
कंधे से कंधे मिलाकर कांड कर रहेकंधे से कंधा मिलाना वैसे तो आपसी सहयोग का प्रतीक है. लेकिन अपराधी इसका उपयोग आपकी निजी जानकारी चुराने में कर रहे. ऑनलाइन अपराध जैसे फिशिंग लिंक और ओटीपी से बिल्कुल अलग. अपराध का मैनुअल तरीका. नजरों की कलाबाजी से आपकी संवेदनशील जानकारी चुराना. शोल्डर सर्फिंग के लिए सबसे मुफीद जगह है ATM, कॉफी शॉप, रेस्टोरेंट या ऐसी कोई भी खुली जगह जहां ताका-झांकी संभव हो. इन जगहों के साथ ऑफिस और घर भी अछूते नहीं हैं. जगह और तरीके के बाद अब चोरी क्या होता है वो जानते हैं.

सबसे ज्यादा ATM कार्ड डिटेल जैसे कार्ड नंबर, CVV और एक्सपायरी डेट को चोरी किया जाता है. इसके लिए ATM के अंदर कोई एक व्यक्ति पहले से मौजूद रहता है और पैसे निकालने या कोई और एक्टिविटी करने का अभिनय करता है. इस बीच अगर कोई दूसरा व्यक्ति किसी भी वजह से परेशान है. मसलन पैसे फंस गए या लेनदेन नहीं हुआ, जोकि ATM में होना बहुत कॉमन है, तो वहां पहले से मौजूद व्यक्ति इसी का फायदा उठाता है. मदद के बहाने ATM कार्ड लेना और फिर सारी जानकारी याद कर लेना या फोन के कैमरे में कैद कर लेना.
आपको लगेगा ऐसा कैसे संभव है. तो हम कहेंगे, आम आदमी के लिए नहीं लेकिन अपराधियों के लिए ये बाएं हाथ का काम है. अपराधी इसके लिए अक्सर ऐसे ATM चुनते हैं जहां गार्ड नहीं होता या जो सुनसान इलाके में होते हैं.
अपराधी इतने पर ही नहीं रुकते. कई बार ATM मशीन के साथ छेड़छाड़ करके उसमें कैमरा लगाने से लेकर ATM क्लोनिंग करने वाली घटनाएं भी देखी गई हैं. ATM से लेकर मेट्रो की लाइन, रेस्टोरेंट, मतलब भीड़भाड़ वाली कोई सी भी जगह इनके लिए मुफीद है. आप मजे से कॉफी की चुस्की लेते हुए कार्ड से ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं और इसी दरमियान आपने कार्ड टेबल पर या इधर-उधर रखा. इतने में खेल हो चुका होता है. बात करें ऑफिस की तो वहां भी ईमेल या लैपटॉप के पासवर्ड को टाइप करते वक्त चुरा जा सकता है.
अब ऐसा करके अपराधी क्या करते हैं वो हमने आपको दसियों बार बता दिया. इसलिए ध्यान इस बात का रखिए कि सुरक्षित कैसे रहना है. इसके लिए अपने आंख-कान और हाथ खुले रखें. मतलब सजग रहें और भीड़भाड़ वाली जगह पर कार्ड इस्तेमाल करते समय उसको ढक कर रखें. आपको लगेगा बस इतनी सी सावधानी, तो हां बस इतना ही करना है. एक शब्द में कहें तो लापरवाही से बचना है. इससे ज्यादा कुछ नहीं.
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