सुशांत सिंह राजपूत, अब इस दुनिया में नहीं हैं. अगर आप उनके इंस्टाग्राम अकाउंट कोदेखेंगे तो आपको उनकी प्रोफाइल फोटो के नीचे Remembering लिखा मिलेगा. सुशांत कीमौत के बाद उनकी याद में इंस्टाग्राम ने उनके अकाउंट पर Remembering यानी 'यादमें' लिखा है. ये तो एक सेलिब्रिटी की बात हो गई, जिसके लाखों-करोड़ों फैन हैं.लेकिन क्या आपने कभी खुद के बारे में सोचा है कि आपकी मौत के बाद आपके सोशल मीडियाअकाउंट का क्या होगा?image courtesy : Instagramभले ही आपने ये ना सोचा हो, लेकिन सोशल मीडिया कंपनियों ने इसका पूरा इंतजाम कर रखाहै. आपका अकाउंट चाहे गूगल पर हो या फ़ेसबुक पर, आप तय कर सकते हैं कि आपके मरने केबाद उस अकाउंट का वारिस कौन बनेगा. लेकिन अगर आप ऐसा नहीं चाहते. आप चाहते हैं किआपकी मौत के बाद आपके अकाउंट को डिलीट कर दिया जाए तो इसका भी प्रोसेस है. इसस्टोरी में उस प्रोसेस को समझने की कोशिश करेंगे.फ़ेसबुक : फ़ेसबुक आपको अपने अकाउंट का वारिस बनाने या उस अकाउंट को हमेशा के लिएडिलीट करने का ऑप्शन देता है. वारिस से मतलब आपके प्रियजन जो आपकी जगह आपके अकाउंटको चला सकते हैं. आप डिलीट ऑप्शन भी चुन सकते हैं. ऑप्शन सलेक्ट करने के लिए आपकोफ़ेसबुक अकाउंट कि सेटिंग एंड प्राइवेसी में जाना होगा.सेटिंग में बहुत से ऑप्शन नजर आएंगे जिसमे से आपको personal account information परक्लिक करना है. जिसके अंदर सबसे आखिर में account ownership and control मिलेगा. account ownership and control में आपको Memorialisation सेटिंग में जाना है जहांपर आपको दो विकल्प फ़ेसबुक कि तरफ से दिए जाते हैं .पहला ऑप्शन है लिगेसी कॉन्टेक्ट और दूसरा डिलीट अकाउंट आफ्टर डेथ.पहला ऑप्शन आपको अपने किसी प्रियजन को आपका अकाउंट ऑपरेट करने के कई अधिकार देगा.जैसे कोई पोस्ट करना और पोस्ट को डिलीट करना. प्रोफाइल फोटो अपडेट करना या फिर आपकेअकाउंट को हटाने के लिए फ़ेसबुक को बोलना. एक बात आपके काम कि, जो भी लिगेसीकॉन्टेक्ट होगा उसके मुताबिक आपका वारिस सिर्फ उन्हीं पोस्ट को डिलीट या मैनेज करसकता है जो आपके मौत के बाद डाली जाएंगी.दूसरे ऑप्शन “डिलीट आफ्टर डेथ” को यदि आप चुनते हैं तो आपके मरने के बाद आपकेपरिवार का कोई सदस्य यदि फ़ेसबुक को आपकी मौत के बारे में इन्फॉर्म करता है तोफ़ेसबुक आपके अकाउंट को हमेशा के लिए डिलीट कर देगा. मौत से जुड़ी जानकारी जैसे डेथसर्टिफिकेट आपके परिवार को फ़ेसबुक को देना पड़ेगा. गूगल अकाउंट लिगेसी : फ़ेसबुक से अलग है गूगल अकाउंट लिगेसी जिसमें आप अपना वारिसखुद को बना सकते है मतलब गूगल अकाउंट लिगेसी में आप खुद तय कर सकते है कि आपकेमरने के बाद आपके अकाउंट को कब डिलीट किया जाए.गूगल अकाउंट लिगेसी को चालू करने के लिए आपको प्रोफाइल पिक्चर पर क्लिक करके मैनेजयोर अकाउंट में जाकर डेटा एंड प्राइवेसी पर आना होगा.डेटा एंड प्राइवेसी में मोर ऑप्शन में आपको “ मेक अ प्लान फॉर योर डिजिटल लिगेसी”दिख जाएगा.यहाँ पर क्लिक करते ही नई स्क्रीन खुल जाएगी और इनऐक्टिव अकाउंट मैनेजर प्रोसेसचालू हो जाएगा.स्टार्ट बटन दबाते ही सबसे पहले आपको अपनी जानकारी अपडेट करना होगीजैसे मोबाईल नंबर, रिकवरी मेल आदि.पहली शर्त जो आपको मानना पड़ेगी वो ये कि गूगल कब आपको इनएक्टिव मान ले. जैसे तीनमहीने या फिर अधिकतम 18 महीने . गूगल इस दौरान SMS और मेल से सूचित भी करता रहेगा.आप ये भी तय कर सकते हैं कि किसको और कितना किसको बताया जाए, लेकिन ये वैकल्पिक है.आप ऑटो रिप्लाई भी सेट कर सकते हैं जो हमें थोड़ा फनी लगा. मतलब मरने के बाद कोई मेलकरे तो उसको क्या रिप्लाय मिले कि भई अपन तो निकल लिए आपको ईमेल नहीं मिला क्या.सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आप चाहें तो ये तय भी कर सकते हैं कि कौन आपकाडेटा डाउनलोड कर सकता है.एक बार आपके इनएक्टिव रहने कि समय सीमा पूरी हो गई तो आपका गूगल अकॉउन्ट अपने आपहमेशा के लिए डिलीट हो जाएगा.इंस्टाग्राम : इंस्टाग्राम के आधिकारिक पेज पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक किसीइंसान के मरने पर उसके परिवार के सदस्य या दोस्त अकाउंट को Memorialize करा सकतेहैं. इंस्टाग्राम हेल्प सेंटर पर इसका लिंक उपलब्ध है जिस पर सभी जरूरी जानकारीजैसे डेट ऑफ बर्थ, डेथ सर्टिफिकेट सबमिट करके इस प्रोसेस को पूरा किया जा सकता है. तो इन प्रोसेस के तहत आप तय कर सकते हैं कि गूगल, फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट काक्या होगा. किसी को वारिस बनाना है या उसे हमेशा के लिए डिलीट करना है.