ऐप्पल-सैमसंग छोड़िए, इस छोटे ब्रांड ने वीवो-ओप्पो को भी पानी पिला रखा है, खूब बिके फोन
ऑफलाइन मार्केट में अपनी तगड़ी पकड़ और किफायती 5G फोन्स की बदौलत Vivo India ने इंडिया के 19.3 फीसदी मार्केट पर कब्जा बनाया हुआ है. 13.1 फीसदी शेयर के साथ Oppo मार्केट में दूसरे नंबर पर है. इंडियन ऐप्पल खूब खा रहे इसलिए उसके पास मार्केट का 9.5 फीसदी हिस्सा है. लेकिन मार्केट में सबसे तेजी से बढ़ने वाला ब्रांड कोई और है.
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इंडिया के स्मार्टफोन मार्केट से जुड़े दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं. 2024 में नंबर वन रही कंपनी ने 2025 में भी अपना ताज बरकरार रखा है, लेकिन नंबर 2 पर खिलाड़ी बदल गया है. नंबर तीन वाली कंपनी के इस नंबर पर होने में उसका कोई खास हाथ नहीं है. एक बड़ी कंपनी की हालत खराब दिख रही. कभी नंबर वन रही कंपनी की वापसी की कोशिश कुछ असर डालती दिख रही. एक ब्रांड भारत के बाजार में लगातार सबसे तेजी से आगे तो बढ़ रहा मगर मार्केट में उसका शेयर वहीं का वहीं है. स्टोरी का मीटर सेट. अब बताते क्या हुआ है.
# Vivo नंबर वन बना हुआ है.
# Oppo दूसरे नंबर पर आ गया है
# Apple तीसरे नंबर पर बैठ गया है
# Xiaomi चौथे पायदान पर है
# छोटे-छोटे ब्रांड मिलकर सेल का 6.9 फीसदी हिस्सा अपने पास रखे हैं
# Nothing अभी भी सबसे तेजी से बढ़ता ब्रांड है
# आपको लग रहा होगा कि साउथ कोरियन सैमसंग किधर गया. यहीं कहीं है मगर पहले जरा बाकी कंपनियों की बात करते हैं. ऑफलाइन मार्केट में अपनी तगड़ी पकड़ और किफायती 5G फोन्स की बदौलत Vivo India ने इंडिया के 19.3 फीसदी मार्केट पर कब्जा बनाया हुआ है. इस बाजार में उसकी दूसरी कंपनी iQOO का हिस्सा अलग है. गेमिंग फोन में महारथ रखने वाली iQOO के पास बाजार का 3.6 फीसदी हिस्सा है.
# 13.1 फीसदी शेयर के साथ Oppo मार्केट में दूसरे नंबर पर है. वैसे उसका एक और ब्रांड realme भी बढ़िया कर रहा है. मार्केट में उसकी हिस्सेदारी 9.9 फीसदी है. हालांकि इसी परिवार के OnePlus की हालत एकदम खराब है. कभी यूजर्स से लेकर एक्सपर्ट के आंखों का तारा रही कंपनी अब बाजार से माइनस होकर 2.4 फीसदी पर आ गई है.
# चीनी कंपनियों के दबदबे को अमेरिकी Apple ने खूब चुनौती दी है. इंडियन ऐप्पल खूब खा रहे इसलिए उसके पास मार्केट का 9.5 फीसदी हिस्सा है. हालांकि इस सेल में सबसे बड़ा योगदान बैंक ऑफर्स और ईएमआई का है. ज्यादातर आईफोन सेल और ऑफर्स में ही खरीदे जाते हैं.
# सैमसंग के पास 14.1 फीसदी हिस्सेदारी है जिसकी बदौलत वो भी दूसरे नंबर पर है. ऐसा इसलिए क्योंकि Oppo ने वनप्लस और रियलमी को एक कंपनी बना दिया है तो उसका शेयर ज्यादा हो गया. सैमसंग भले दूसरे नंबर पर है लेकिन साफ दिख रहा है कि उसको चीन और अमेरिका से तगड़ी चुनौती मिल रही है.
# अब बात मार्केट में सबसे तेजी से बढ़ते ब्रांड की. लंदन बेस कंपनी Nothing इंडिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है. पिछले साल भी कंपनी की पोजीशन ऐसी ही थी. हालांकि इसके बावजूद भी उसके पास अभी भी कोई बड़ा हिस्सा नहीं है. छोटे-छोटे ब्रांड जिनके पास बाजार का 6.9 फीसदी हिस्सा है, उसी में कहीं Nothing भी है. कंपनी के लिए साल 2025 कुछ अच्छा नहीं रहा. Nothing Phone 3 से उसकी खूब किरकिरी हुई. देखते हैं इस साल कैसा रहता है.
# अब बात करते Xiaomi की. कई सालों तक कंपनी ने भारत के स्मार्टफोन मार्केट पर राज किया. लेकिन बीच के सालों में मामला एकदम बिगड़ गया. इंडिया से कारोबार समेटने की खबरें भी आ गईं. अब कंपनी फिर से कम बैक कर रही है. मार्केट में उसके पास 9 फीसदी बाजार है. Poco भी 4 फीसदी हिस्सा पकड़े हुए है. कंपनी फोन के साथ अपने दूसरे प्रोडक्ट जैसे टीवी, वैक्युम क्लीनर पर फोकस करके बाजार का बाहुबली बनने की कोशिश कर रही है. अच्छा है क्योंकि बाजार में वैसे भी ऑप्शन कम हैं. कई ब्रांड जैसे सोनी इंडिया में है नहीं और Honor वगैरा ने काम काज समेट ही रखा है.
आखिर में 8 फीसदी वाले मोटोरोला का जिक्र भी कर देते हैं जिसने 30 हजार वाले सेगमेंट में जबरदस्त पकड़ बना रखी है. जो भी हो, सैमसंग चीन और अमेरिका के बीच में फंस गया है.
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