The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Technology
  • Truecaller will finally show live caller IDs on iPhones in real time, company CEO confirms

iPhone में Truecaller इस्तेमाल करने वालों, 16 सितंबर को गुड न्यूज आने वाली है

Truecaller आईफोन (Truecaller iPhones) में चलता तो है मगर ढंग से नहीं. लेकिन आगे ऐसा नहीं होगा. ठीक-ठीक कहें तो सितंबर 16, दिन है सोमवार. समय इंडिया के रात के 10.30 से. इस तारीख में रिलीज होगा Apple का iOS18 और फिर यहां भी सब मक्खन. इस बात का एलान खुद कंपनी ने ढोल बजाकर किया है.

Advertisement
Truecaller to work seamlessly on iPhones with iOS 18
iPhone में Truecaller के दिन फिरने वाले हैं (तस्वीर: बिजनेस टुडे)
pic
सूर्यकांत मिश्रा
13 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 13 सितंबर 2024, 11:33 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

एक होता है काम करना और एक होता है ढंग से काम करना. काम करना मतलब कर देते हैं ठीक है. वगैरा-वगैरा. फिर होता है काम करेंगे और ऐसे करेंगे कि मौज आ जाए. फोन में कॉल करने से लेकर स्पैम मैसेज की पहचान करने वाले Truecaller ऐप की भी यही कहानी है. एंड्रॉयड में क्या मक्खन जैसा चलता है. मजाल क्या कि कोई कॉल या मैसेज इससे बच पाता हो. मुफ़्त वाला ही काफी काम का है मगर जो आपने सब्सक्रिप्शन लिया हुआ है तो फीचर्स की भरमार. मगर iPhone में गरारी (Truecaller iPhones) फंसी हुई है. ढंग से नहीं चलता.

लेकिन आगे ऐसा नहीं होगा. ठीक-ठीक कहें तो सितंबर 16, दिन है सोमवार. समय इंडिया के रात के 10.30 से. इस तारीख में रिलीज होगा Apple का iOS18 और फिर यहां भी सब मक्खन. इस बात का एलान खुद कंपनी ने ढोल बजाकर किया है.

iOS18 से बदलेगा Truecaller

क्या बदलेगा उसके लिए ये जान लेते हैं कि अभी क्या होता है. आईफोन में Truecaller चलता है. मुफ़्त और सब्सक्रिप्शन, दोनों तरीके का जुगाड़ है. कुछ-कुछ जुगाड़ लगाकर कॉल रिकॉर्डिंग भी हो जाती है. हालांकि ऐसा करना सिरदर्द ही है मगर मरता क्या ना करता. मगर ऐप अपना असल काम ढंग से नहीं कर पाता. मतलब घंटी बजाने वाले की पहचान. हालांकि नंबर क्लिक करके या ऐप में जाकर पहचान सकते हैं. मगर वो भी बस नाम के लिए.

ये भी पढ़ें: Apple iPhone 16 खरीदें या Google Pixel 9? ये पढ़ने के बाद फैसला ले ही लेंगे

अब ऐसा नहीं होगा. एकदम एंड्रॉयड जैसे स्क्रीन पर कॉलर का नाम फड़फड़ाता नजर आएगा. नीला मतलब उठा लो और लाल मतलब कुछ तो गड़बड़ है दया. इस बात की पुष्टि सीईओ Alan Mamedi ने एक्स पर की है. उनकी पोस्ट के मुताबिक,

Image embed
Image embed

दरअसल Apple ने ऐप डेवलपर्स को उनके फोन ऐप में झांकने की अनुमति दे दी है. आसान भाषा में कहें तो अभी तक आईफोन के फोन ऐप का एक्सेस सिर्फ एप्पल के पास था. इसके बिना कॉलर की जानकारी रियल टाइम में निकालना मुश्किल था. 

Image embed

चूंकि अब ओके हो गया है तो ऐप का API (Application Programming Interface) आईफोन के फोन ऐप से गुलुगुलु करेगा. नतीजा स्पैम को पकड़ने में और मदद मिलेगी. 

वीडियो: क्या ED वाले खोल ही लेंगे अरविंद केजरीवाल का iPhone?

Advertisement

Advertisement

()