'बैटरी नई बोलने का, बोला न अपुन को बैटरी नई बोलने का...' अगर आप शाहरुख खान केमुरीद हैं तो आपने 'रईस' फिल्म का ये डायलॉग जरूर सुना होगा. आपको लगता होगा कि टेककी खबर में ये फिल्म कहां से घुसेड़ देते हो तो भैया...ऐसा है कि टेक तो बदलता रहताहै लेकिन फिल्में और उनके डायलॉग तो अमर हैं, जब चाहे चिपका दो. वैसे आपने अब तकअंदाजा लगा लिया होगा कि खबर बैटरी के बारे में हैं क्यूंकि आप लल्लनटॉप के पाठक जोठहरे. आपका अंदाजा सही है कि आज बात स्मार्टफोन कि बैटरी के स्वास्थ और उम्र केबारे में.बीते कुछ सालों में स्मार्टफोन टेक्नोलॉजी में तेजी से बदलाव देखने को मिला है.बोले तो सच में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं. हर तिमाही में सब कुछ इतना बदल रहा है कियाद रखने के लिए एक अलग से स्मार्टफोन खरीदना पड़ जाए. तकनीक तो बदली और उन्नत भीहुई लेकिन एक चीज है जो बेहतर तो हुई है लेकिन उससे उम्मीदें कहीं ज़्यादा हैं. हमबात कर रहे हैं स्मार्टफोन की बैटरी की. स्मार्टफोन कंपनी कितने ही दावे कर ले किफलां बैटरी इतनी चलेगी, लेकिन जमीनी हकीकत हमको पता है.हम ऐसे में क्या कर सकते हैं कि स्मार्टफोन की बैटरी ज्यादा चले और लंबी भी.परंपरागत तरीके जैसे कि बैकग्राउंड रिफ्रेश बंद करने से भी इतर कई तरीके हैं जोइसमें आपकी मदद कर सकते हैं. इन सबके बारे में आपको ये भी जान लेना चाहिए कि बैटरीक्या होती है? हमारे स्मार्टफोन में आमतौर पर लीथियम इयॉन (Li-ion) बैटरी यूज होतीहै. नेवार्क डॉट कॉम के मुताबिक, एक लीथियम इयॉन बैटरी की उम्र तकरीबन 300-500सायकल या फिर दो से तीन साल होती है फुल चार्ज सायकल पर. चार्ज सायकल से मतलब जीरोसे 100 प्रतिशत और फिर जीरो तक आने से होता है. ये तो हुई बैटरी के बारे में बेसिकजानकारी. अब बात आपकी बैटरी की सेहत बेहतर करने की. चार्जिंग की आदतें चार्जिंग कीआदतें अपने अंदर बहुत कुछ समेटे हुए है और बैटरी की ओवरऑल उम्र भी इसी पर टिकी होतीहै. स्लो चार्ज के अपने फायदे और फास्ट के अपने नुकसान. लॉन्ग टर्म में बैटरी कीसेहत के लिए स्लो चार्ज फायदेमंद है लेकिन आपको पसंद नहीं आएगा. स्मार्टफोन आजकलफास्ट चार्जिंग के साथ आते हैं तो उसका सही से उपयोग कीजिए. मतलब रात भर खोंस कर मतरखिए बल्कि जब जरूरत हो तब चार्ज कीजिए. चार्ज कब करना है वो तो हो गया, अब कितनाकरना है वो भी जान लीजिए. 20 प्रतिशत से 80 प्रतिशत के बीच. फोन की बैटरी के जीरोहोने तक का इंतजार मत कीजिए जब भी 20% के आसपास हो तब चार्ज कीजिए और सच में जरूरीन हो तो 80 प्रतिशत तक ही चार्ज कीजिए. ऊपर जो सायकल वाली बात बताई थी वो यहां कामआती है, ऐसा करने से बैटरी की सायकल आराम से पूरी होती है और उम्र भी बढ़ती है. कभीकभार जीरो से 100 प्रतिशत तक चार्ज करना बनता है.रीसेंट ऐप्स या ऐप्स किलर हम सभी ये करते है, वो ये कि उंगलियां चलाई और सारे ऐपबंद कर दिए. आपको लगा कि आपने होशियारी दिखाई तो ऐसा बिल्कुल नहीं है क्यूंकि ऐसाकरने से आप जब भी उस ऐप को खोलेगें तो वो फिर शुरू से स्टार्ट होगा. मतलब रैम,सीपीयू सब की ताकत लगेगी जो बैटरी पर असर डालेगा. बंद मत कीजिए क्यूंकि अबस्मार्टफोन इतने स्मार्ट हो गए हैं कि उनको पता है कि कौन सा ऐप यूज हो रहा है औरकौन सा नहीं.वालपेपर्स फोन खोलते ही सबसे पहले नजर आने वाला आपका प्यार कुत्ता या कोई और मनपसंदफ़ोटो सबसे बड़ी दुश्मन है बैटरी की. यदि हो सके तो ब्लैक वालपेपर रखिए और कमालदेखिए. यदि ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो कम से कम वो वालपेपर यूज कीजिए जिसमें ब्लैकरंग ज्यादा हो. आजकल के फोन की स्क्रीन उन एलईडी प्वाइंट्स को बंद कर देती है जहांजहां ब्लैक रंग यूज होता है. रिफ्रेश रेट जितनी ज्यादा रिफ्रेश रेट उतना मक्खनडिस्प्ले. 90, 120, 144 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट से लैस डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन आनेलगे हैं. क्या आपको पता है कि ये रिफ्रेश रेट बैटरी भी उतनी ही खाता है? अब करना येहै कि हर वक्त आपको हाई रिफ्रेश रेट की जरूरत नहीं तो उसको 60 हर्ट्ज पर रखिए और जबजरूरत हो तब ज्यादा, बैटरी पर असर साफ दिखेगा. आटो ब्राइटनेस ये कमाल का फीचर है,बस ऑटो मोड पर रखो और चिंता से मुक्ति, लेकिन यही ऑटो मोड बैटरी भी बहुत खा जाताहै. ऑटो मोड में जब भी आप धूप में होते हैं तो ब्राइटनेस फुल हो जाती है और अंदररहने पर कम. आप इसको बंद करके मैनुअली सेट कीजिए. आपका अपना फोन है तो आपको अंदाजहो जाता है कि कितनी ब्राइटनेस चाहिए.अनवांटेड ऐप्स स्मार्टफोन यूज कर रहे हैं तो पता नहीं कितने ऐप्स आपने इंस्टाल कररखे होंगे जो शायद एक बार से ज्यादा यूज न हुए हों. डिलीट कीजिए और यदि रखना है तोऐप हायबरनेशन फीचर यूज कीजिए. आजकल हर फोन में होता है, भले नाम कुछ भी हो. यहउपयोग न होने वाले ऐप को फोन से तो हटा देता है लेकिन आपकी जानकारी और डेटा रखताहै. जब जरूरत हो तब फिर इंस्टॉल कीजिए.गेमिंग मोड गेम खेलते वक्त सबसे ज्यादा बैटरी यूज होती है तो गेम खेलिए गेमिंग मोडके साथ. ये भी तकरीबन आजकल हर फोन का नेटिव फीचर है जो गेम खेलते समय नोटिफिकेशन औरबाकी एक्टिविटी बंद कर देता है जिसका सीधा असर बैटरी पर पड़ता है. तापमान बात ऐसी हैजनाब कि फोन की बैटरी और तापमान का सीधा रिश्ता है. आपके साथ शायद ऐसा हुआ हो कि आपअपना फोन खुली धूप में छोड़ आए हों और जब लौटे हों तब फोन बंद और स्क्रीन पर लिखाआया हो कि तापमान ज्यादा हो गया था. तापमान का ध्यान रखिए विशेषकर चार्ज करते समय.किचन जैसी जगह जहां कई बार तापमान बहुत बढ़ सकता है या कश्मीर की खुली बालकोनी जहांतापमान कम हो, दोनों जगह फोन चार्ज मत कीजिए. चार्जर और केबल एक नियम कि सिर्फ औरसिर्फ फोन के साथ आए चार्जर और केबल से फोन चार्ज कीजिए, किसी दूसरे चार्जर सेनहीं. यदि आपको दूसरे चार्जर की जरूरत है, जैसे कि आप ट्रेवल करते हैं तो उसी कंपनीका और आपके फोन का चार्जर ही खरीदिए. नेटवर्क और लोकेशन आपके साथ ऐसा हुआ होगा किजब आप रेल से सफर करते हैं तो फोन की Battery जल्दी बोल जाती है. इसमें रेल मंत्रीया रेल कर्मचारी का कोई हाथ नहीं है बल्कि ऐसा आपके फोन के लगातार नेटवर्क को खोजनेके कारण होता है. फोन खोजता है नेटवर्क और बैटरी जाती है बोल. क्या कीजिए, चाहे रेलमें हों या किसी ऐसी जगह जहां नेटवर्क मिलना मुश्किल हो वहां फ्लाइट मोड ऑन रखिए.लोकेशन बंद रखिए या फिर सेटिंग्स में जाकर सिर्फ उन ऐप के लिए इनेबल कीजिए जिनकेलिए सच में आपकी लोकेशन काम की है. मौसम जैस ऐप को आपके घर की लोकेशन से कोई फर्कनहीं पड़ता क्योंकि वो शहर का तापमान बताता है. लेकिन लोकेशन चालू होने से आपके फोनकी बैटरी जरूर खाता रहता है. पावर सेविंग मोड आप बोलो कि इतना ज्ञान पेल दिए लेकिनये तो हमको पता था. आप सही कह रहे, लेकिन हमारा कहना ये है कि आपको सिर्फ फोन केसाथ आने वाले नेटिव पावर सेविंग मोड को यूज करना है. थर्ड पार्टी ऐप्स के बारे मेंबिल्कुल नहीं सोचना है. एक बात जानिए कि फोन के सिस्टम को चलाने के लिए जो जरूरी हैवो फोन कंपनी साथ में देती है और बैटरी फोन के सिस्टम का हिस्सा है तो फोन केसॉफ्टवेयर के साथ आने वाला पावर सेविंग मोड इस्तेमाल कीजिए और इस काम के लिए थर्डपार्टी ऐप्स के बारे में सोचना भी मत.सॉफ्टवेयर अपडेट आपके फोन का सॉफ्टवेयर का सबसे नए वर्जन पर चलना बहुत जरूरी है. नएवर्जन से मतलब एंड्रॉयड के या आईओएस के नए वर्ज़न अपडेट से नहीं है, क्यूंकि वोआमतौर पर साल में एक बार आते हैं. अपडेट से मतलब स्मार्टफोन कंपनी टाइम टाइम परसिस्टम अपडेट देती है, आपको उसको नियमित अपडेट करते रहना है.ये सारे तरीके बैटरी का सही उपयोग करने में आपकी मदद करेंगे और उसकी उम्र भी बढ़ादेंगे फिर भी आपको दिक्कत हो तो आपके लिए एक ही उपाय है. साथ में हमेशा पावर बैंकरखिए. अब पूछेंगे कि कौन सा पावर बैंक लिया जाए? उसकी चर्चा फिर कभी और...