The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Technology
  • Telegram Hacking by Random Links Photos of you when you were a child

सेफ नहीं है टेलीग्राम? ये नया फ्रॉड आया है, एक क्लिक में बन रहा ये चेन किसी बड़ी ठगी की शुरुआत तो नहीं?

Cyber Crime के मामलों में स्कैमर्स ब्रेनवॉश की तरकीब अपनाते हैं. यानी कि आपको ये भरोसा दिलाया जाता है कि सामने वाला जो कह रहा है, आपके लिए वो करना जरूरी है. ऐसे में इस तरह Telegram हैक होने और संदेशों के इस चेन से किसी के लिए घबरा जाना आम बात है. इससे स्कैमर्स के लिए अपनी बात मनवाना आसान हो जाता है.

Advertisement
Telegram Fraud
टेलीग्राम के जरिए अलग तरह का स्कैम सामने आया है.
pic
रवि सुमन
19 नवंबर 2024 (अपडेटेड: 19 नवंबर 2024, 04:48 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

मैसेंजर ऐप टेलीग्राम (Telegram) को अब मैसेज करने के अलावा कई और कारणों से ज्यादा जाना जाता है. उस पर बाद में बात करेंगे. फिलहाल ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें देखा गया है कि आपके टेलीग्राम से कोई और मैसेज कर रहा है. और आपको इसका अंदाजा भी नहीं है. हाल में साइबर ठगी के जितने भी मामले सामने आए हैं, उनकी प्रक्रियाओं में कई ऐसे मौके देखे गए जहां इस बात के क्लू थे कि ये संदेहास्पद है. इन मामलों की बड़े स्तर पर रिपोर्टिंग भी हुई. इसके बावजूद कई पढ़े-लिखे और इन मामलों पर ठीक-ठीक जानकारी रखने वाले सजग युवा भी इसमें फंस गए. कारण क्या है? क्या ये संदेशों का एक चेन भर है? या ये किसी बड़े फ्रॉड की तैयारी है?

‘किसी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना है. इससे ठगी होती है.' ये जानकारी कम से कम सोशल मीडिया पर सजग रहने वाले लोगों तक कभी न कभी, किसी न किसी माध्यम से पहुंची है. फिर भी मासूम मानव का ये जिज्ञासु मन, माने तो माने कैसे? लिंक क्लिक हो ही जाता है. और अगर मामला ऐसा हो कि लिंक आपके किसी भरोसेमंद व्यक्ति के टेलीग्राम से आया हो. जो ऐसे ठगों को लेकर बेहद सजग हैं. ऐसे में आप उस मैसेज पर संदेह नहीं करते और लिंक क्लिक कर देते हैं.

इस हैकिंग में फंसने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ा गया है. मसलन कि जो मैसेज भेजे जाते हैं वो आपके बेहद भरोसेमंद व्यक्ति के अकाउंट से बेहद रेलेवेंट होते हैं. जैसे, ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज हरिद्वार में BAMS की पढ़ाई कर रहे छात्र रतन गिरी के अकाउंट से उनके दोस्तों को कुछ इस तरह के मैसेज भेजे गए,

Embed

रतन के कुछ दोस्तों का कौतूहल मन मान नहीं पाया. उनके कुछ दोस्तों ने उनकी और उनकी प्रेमिका की तस्वीर देखने की अभिलाषा में लिंक पर क्लिक कर दिया. और मामला यहीं गड़बड़ा गया.

ये भी पढ़ें: 43 लाख के फ्रॉड की शिकायत से पकड़ा गया ऑनलाइन ठगी गिरोह, वॉट्सऐप-टेलीग्राम से लोगों को फंसाते थे

ऐसे ही महाराष्ट्र के एक प्रमुख राजीतिक दल के लिए काम करने वाली स्पंदन दूबे के अकाउंट से उनके परिचितों के पास बचपन की तस्वीरें दिखाने का मैसेज भेजा गया. और बिहार के छपरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके दिव्यांशु कुणाल के अकाउंट से भी कुछ ऐसा ही लिखा गया,

Embed

सवाल है कि इनके पास ये मैसेज कैसे आए और ये लोग इन संदेहास्पद लिंक्स की पहचान क्यों नहीं कर पाएं? इस पर स्पंदन कहती हैं,

Embed

देश के अलग-अलग हिस्सों में रहे स्पंदन, दिव्यांशु और रतन के साथ करीब-करीब एक जैसी ही घटना हुई. उन्हें भी उनके बेहद करीबी और भरोसेमंद व्यक्ति का मैसेज प्राप्त हुआ.

इसके बाद स्पंदन के दोस्तों ने उन्हें कॉल और मैसेज करके बताया कि उनके टेलीग्राम से संदेहास्पद मैसेज भेजे जा रहे हैं. और वो मैसेज उनके अकाउंट से ‘डिलीट फॉर मी’ कर दिए जा रहे थे. इसके कारण उनको भी इसकी खबर नहीं लग पा रही थी. स्पंदन ने टेलीग्राम के सारे एक्टिव सेशन को टर्मिनेट किया. टेलीग्राम को दिए सारे परमिशन कैंसिल किए और फिर टेलीग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया. और बाकी सोशल मीडिया के जरिए अपने परिचितों को बताया कि इन लिंक्स पर ध्यान ना दें. लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. स्पंदन के कई दोस्त इस चपेट में आ गए थे. दिव्यांशु और रतन ने भी जल्दी से अपनी समझ के अनुसार जरूरी कदम उठाया और करीब-करीब उनका मामला यहीं रूक गया.

लेकिन स्पंदन का मामला यहीं नहीं थमा. असली ठगी की कोशिश इसके बाद की गई. स्पंदन बताती हैं,

Embed

फोन नंबर ब्लॉक करने की धमकी देने के मामले पहले से आते रहे हैं. ऐसे भी बहुतेरे मामले आए हैं जिसमें फोन नंबर का ड्रग्स या मानव तस्करी या किसी बड़े अपराध में इस्तेमाल होने की बता कही जाती है. इसके बाद डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध को अंजाम दिया जाता है. ऐसे कई मामले आए हैं जिसमें कई पढ़े-लिखे या रिटायर्ड लोगों को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर करोड़ों की चपत लगाई गई है. बहरहाल, स्पंदन पुलिस थाने पहुंचती हैं.

ये भी पढ़ें: यूट्यूबर कामिया जानी के नाम से टेलीग्राम पर ठगी का खेल, Macbook के बहाने फ्रॉड

पुलिस इन मामलों को लेकर कितनी सजग है?

इसके बाद कानून की पढ़ाई कर चुके अपने एक सहयोगी के साथ पीड़िता अस्टी पुलिस थाना पहुंची. इसके बाद की कहानी वो बताती हैं,

Embed

साइबर क्राइम की वेबसाइट से कितना सहयोग मिला?

पीड़िता बताती हैं कि उन्होंने साइबर क्राइम की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की. उन्होंने कहा,

Embed

संदेशों का चेन क्यों बनाया गया?

साइबर क्राइम के मामलों में स्कैमर्स ब्रेनवॉश की तरकीब अपनाते हैं. यानी कि आपको ये भरोसा दिलाया जाता है कि सामने वाला जो कह रहा है, आपके लिए वो करना जरूरी है. ऐसे में इस तरह टेलीग्राम हैक होने और संदेशों के इस चेन से किसी के लिए घबरा जाना आम बात है. इससे स्कैमर्स के लिए अपनी बात मनवाना आसान हो जाता है. इन तीनों और इनसे जुड़े दर्जनों केस में लल्लनटॉप ने पाया कि ये सब युवा या तो पढ़ाई कर रहे हैं या एक-दो साल के भीतर ही नौकरी की शुरुआत की है. एक मामला ऐसा है जिसमें व्यक्ति दो साल से अधिक समय से नौकरी कर रहा है. ऐसे में ये भी संभव है कि संदेशों के इस चेन से और उनमें घबराहट पैदा करने से वो इस बात का अंदाजा लगा रहे हो कि सामने वाले को ठगना संभव है या नहीं? क्योंकि जितने रेलेवेंट मैसेज यूजर के अकाउंट से भेजे जाते हैं, उससे ये साफ होता है कि उनके पास यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी होती है. मसलन कि आपके कॉन्टेक्ट लिस्ट में ऐसा कौन है जिस पर आप ठीक-ठीक भरोसा करते हैं. या वो कौन हैं जो आप पर भरोसा करते हैं. फिर उन्हीं के हिसाब से मैसेज कस्टमाइज किए जाते हैं.

ये भी पढ़ें: टेलीग्राम पर जॉब ऑफर, वर्क फ्रॉम होम में काम और महिला से 28 लाख ठग लिए

टेलीग्राम से कितनी मदद मिलती है?

रतन गिरी ने इस मामले की शिकायत टेलीग्राम से की. हालांकि, खबर लिखे जाने तक टेलीग्राम का कोई जवाब नहीं आया है.

Telegram Hacked
टेलीग्राम को लिखी गई शिकायत.

पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल (PMCH) में पढ़ाई कर रहे एक छात्र भी इसके शिकार हुए. जब उन्होंने टेलीग्राम से एक्टिव सेशन्स को ट्रमिनेट किया तो उन्होंने इस पर गौर किया. उन्होंने पाया कि संयुक्त राज्य अमेरिका के नॉर्थ बर्गन शहर से किसी ने उनके टेलीग्राम को एक्सेस किया था.

Telegram Fraud
एक्टिव सेशन का नोटिफिकेशन.
बचना कैसे है?

पहला तरीका है- लिंक के स्ट्रक्चर पर ध्यान देना. मसलन कि काम के लिंक .com, .in, .gov से खत्म होते हैं. अगर किसी url के अंत में ऐसा नहीं है तो उसे बिल्कुल क्लिक नहीं करना चाहिए. और अगर ऐसा है तो भी उस पर क्लिक करने से बचना चाहिए. अगर मैसेज भेजने वाला आपका परिचित है तो उसे फोन करके इस बात को कंफर्म करें कि ये किस चीज का लिंक है? उसके बारे में कुछ काउंटर सवाल भी पूछें. और पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद भी अगर लिंक खोलने पर आपसे किसी तरह का OTP मांगा जाता है तो पीछे हट जाएं. क्योंकि आगे बढ़ने पर सिर्फ पैसों का ही नुकसान नहीं होता बल्कि आप मेंटल ट्रॉमा का भी शिकार हो सकते हैं.

ये भी पढ़ें: दिल्ली ब्लास्ट के पीछे खालिस्तानी आतंकियों का हाथ? इस टेलीग्राम चैनल से बड़े खुलासे हुए हैं

अब अगर किसी कारणवश लिंक क्लिक कर लिया और टेलीग्राम हैक हो गया तो क्या करें? सेटिंग में जाकर एक्टिव सेशन टर्मिनेट करें. लॉग आउट बिल्कुल भी ना करें. इससे अकाउंट सिर्फ आपके डिवाइस से लॉग आउट होगा और ठगों के लिए रास्ता और आसान हो जाएगा. टेलीग्राम को दिए सारे परमिशन कैंसिल करें. जैसे- कॉन्टेक्ट, गैलरी, फाइल्स, लोकेशन आदि. और अगर बहुत ज्यादा जरूरी ना हो तो कुछ समय के लिए टेलीग्राम अकाउंट डिलीट कर दें. याद रहे अकाउंट लॉग आउट करना, एक्टिव सेशन टर्मिनेट करना और अकाउंट डिलीट करना, ये तीनों अलग-अलग प्रक्रिया है. एक बार और याद दिला दूं कि लॉग आउट नहीं करना है.

और अगर बात इससे आगे बढ़ती है तो कुछ बेसिक बातें याद रखनी है. किसी को कोई OTP नहीं देना है बल्कि कोई भी व्यक्तिगत या बैंक संबंधित जानकारी नहीं देनी है. विदेशी नंबरों से आए कॉल अगर आपके परिचित के ना हो तो उसे उठाने से बचें. सबसे जरूरी बात, ये याद रखनी है कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ होता ही नहीं है. इन सब बातों को साइबर क्राइम की वेबसाइट पर जरूर रिपोर्ट करें. भले ही उसके लिए कई प्रयास करने पड़े. बाकी आप पुलिस से भी संपर्क करके देख सकते हैं.

वीडियो: लल्लनटॉप के पत्रकार का WhatsApp हैक हुआ, कैसे हुई Recovery?

Advertisement

Advertisement

()