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सिर्फ कंप्यूटर की डिग्री नहीं, सॉफ्टवेयर बनाने के लिए क्या चाहिए? TCS ने बताया

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने दुनिया का पहला बड़े पैमाने पर एआई हैकाथॉन आयोजित किया है, जिसे विशेष रूप से उन छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है जिनका कोडिंग या इंजीनियरिंग का कोई बैकग्राउंड नहीं है.

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TCS AI hackathon
टीसीएम ने एआई हैकथॉन का आयोजन किया है. (india today)
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राघवेंद्र शुक्ला
13 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 07:00 PM IST)
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‘कोई भी सॉफ्टवेयर बनाने के लिए कंप्यूटर साइंस की डिग्री की जरूरत नहीं है. बस जिज्ञासा हो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की जानकारी हो तो कोई भी ऐसा कर सकता है.’ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के उपाध्यक्ष अशोक कृष्ण ने ये बातें दुनिया के पहले बड़े पैमाने पर आयोजित AI-हैकाथॉन में कही हैं. ये हैकथॉन खासतौर पर उन छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है जिनका कोडिंग या इंजीनियरिंग का कोई बैकग्राउंड नहीं है. 

अशोक कृष्ण ने आगे कहा कि ये हैकाथॉन किसी भी स्टडी बैकग्राउंड से आने वाले छात्रों को अपनी भाषा में कुछ रियल बनाने का मौका देता है और उन्हें यह भरोसा देता है कि वो ऐसा कर सकते हैं. स्किल में अंतर को ऐसे ही कम किया जा सकता है और काफी संख्या में डिजिटल उद्यमी तैयार किए जा सकते हैं. अशोक कृष्ण का कहना है कि इसी तरीके से भारत में एआई स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करके टीसीएस दुनिया की सबसे बड़ी एआई-आधारित टेक्नॉलजी सर्विस प्रोवाइडर कंपनी बन सकती है.

टीसीएस के इस हैकथॉन में भारत भर से 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों को प्रैक्टिकल एआई डिवेलपमेंट से जोड़ा गया है. टीसीएस ने गुरुवार, 12 फरवरी को एक बयान में कहा कि 6 हफ्ते से ज्यादा समय तक चले AI-हैकाथॉन के सेटेलाइट एडिशन में कला, कॉमर्स, नर्सिंग, एग्रीकल्चर, क्राइम साइंस और लॉ समेत कई विषयों के छात्रों ने 10 राज्यों के 22 कॉलेजों में हिस्सा लिया. 

टीसीएस ने बताया कि नौ भारतीय भाषाओं में उपलब्ध वॉयस-फर्स्ट एआई टूल्स का उपयोग करते हुए प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में वास्तविक चुनौतियों की पहचान की और प्रोटोटाइप विकसित किए, जिनमें से अधिकांश 90 से 120 मिनट के भीतर तैयार हो गए.

आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टीसीएस ने कहा कि ऐसे समय में जब विभिन्न उद्योगों में एआई स्किल की मांग बढ़ रही है, ये पहल डिजिटल रीच को बढ़ाने और गैर-तकनीकी छात्रों को एआई से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के टीसीएस के प्रयासों का हिस्सा है. ऐसे आयोजनों को आगे बढ़ाते हुए कंपनी इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में अपना प्रमुख टाटा भारत युवाआई हैकाथॉन आयोजित करेगी, जिसमें लगभग 2,000 छात्र भाग लेंगे. 

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