The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Technology
  • Soon India will ask phone and tablet Manufacturers to declare repairability score for their devices

आपका फोन खुद बताएगा कि वो रिपेयर हो सकता है नहीं, सरकार ने पूरा बंदोबस्त कर दिया है

जल्द ही आपको पहले से पता होगा कि आपके स्मार्टफोन या टैबलेट के ठीक होने के कितने चांस हैं. (OEMs) Original Equipment Manufacturers को अपने प्रोडक्ट को Repairability Index स्कोर देना होगा. बताते पूरी बात.

Advertisement
All phone and tablet manufacturers will be required to self-declare a Repairability Index for their products
स्मार्टफोन और टैबलेट के लिए Repairability Index
pic
सूर्यकांत मिश्रा
6 मई 2025 (अपडेटेड: 6 मई 2025, 08:13 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

आपके स्मार्टफोन या टैबलेट जब तक चलते रहते हैं, तब तक तो कोई दिक्कत होती नहीं है. असल दिक्कत तो तब होती है जब तो खराब हो जाते हैं. वैसे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट का खराब होना एक नॉर्मल प्रोसेस है. माने एक समय के बाद उसमें लगी कई चीजें थोड़ी कमजोर हो जाती हैं. यहां तक तो ठीक है. मगर उसे रिपेयर करवाना भी आसान काम तो नहीं होता. सर्विस सेंटर पर जाकर पता चलता है कि ये प्रोडक्ट तो रिपेयर हो ही नहीं सकता. कितना अच्छा होता, अगर पहले ही ये बात पता चल जाती. समय तो बचता.

चिंता मत कीजिए, जल्द ही ऐसा होगा. जल्द ही आपको पहले से पता होगा कि आपके स्मार्टफोन या टैबलेट के ठीक होने के कितने चांस हैं. (OEMs) Original Equipment Manufacturers को अपने प्रोडक्ट को Repairability Index स्कोर देना होगा. बताते पूरी बात.

Repairability Index

जल्द ही ऐसा होगा कि जब आप कोई नया स्मार्टफोन या टैबलेट खरीदेंगे तो बॉक्स पर आपको Repairability Index नाम से एक स्कोर दिखाई देगा. इसके लिए बॉक्स पर एक क्यूआर कोड लगा होगा जिसमें कई तरह की जानकारी निहित होगी. Department of Consumer Affairs ने इसके लिए एक कमेटी बनाई है, जिसे Additional Secretary Bharat Khera हेड कर रहे हैं.

स्मार्टफोन की सुस्ती को चुस्ती में बदलना है तो बस ये काम कर लें

इस QR कोड में डिवाइस से जुड़ी कई जानकारियां होंगी, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है रिपेयर की रेटिंग. माने कोई खराबी आने पर डिवाइस आसानी से ठीक होगा या बहुत दिक्कत होगी. इसका पता पहले ही चल जाएगा. प्रोडक्ट अगर ई-कॉमर्स पोर्टल पर लिस्ट है तो वहां क्यूआर कोड पहले से डिस्प्ले होगा. कमेटी ने डिवाइस के 11 स्पेयर पार्ट्स को हाइलाइट किया है जिनके खराब होने के चांस ज्यादा होते हैं.

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर 

इसमें बैटरी, कैमरा, चार्जिंग पोर्ट, माइक्रोफोन, स्पीकर्स शामिल हैं. इनको 6 पैरामीटर पर मापा जाएगा. जैसे डिवाइस को ओपन करना कितना आसान या मुश्किल है, स्पेयर पार्ट्स मिलेंगे या नहीं. सॉफ्टवेयर अपडेट कब मिलेगा. वगैरा-वगैरा. आसान भाषा में कहें तो ग्राहक के तौर पर आपको पहले ही सब पता होगा. आप तय कर सकेंगे कि भले प्रोडक्ट अच्छा है मगर रिपेयर महंगा और मुश्किल है तो छोड़ देते हैं.

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि National Consumer Helpline के डेटा के मुताबिक मोबाइल और टैबलेट के रिपेयर से जूड़ी शिकायतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है. 2022–2023 में जहां 19,057 शिकायतें दर्ज हुईं तो 2024–2025 में ये आंकड़ा 22,864 तक पहुंच गया. ऐसे में नई Repairability Index वाकई सुकून देने वाला होगा.  

वीडियो: एप्पल ने लॉन्च किया नया iPhone 16E, क्या है खासियत?

Advertisement

Advertisement

()