Telegram-वॉट्सऐप नहीं, आतंक की साजिश अब Session App पर रची जा रही है! दिल्ली गवाह है
Session App में लॉगिन के लिए मोबाइल नंबर या ईमेल की जरूरत नहीं होती है. ऐप हर यूजर के लिए के यूनिक यूजर नेम बनाता है जिसके जरिए बातचीत होती है. चैट का मेटाडेटा सेव नहीं होता. मेटाडेटा से मतलब डिब्बा के अंदर डिब्बा वाला मामला समझ लीजिए.
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Session App का इस्तेमाल दिल्ली कार ब्लास्ट के आतंकी कर रहे थे
Story Summary
वीडियो: दिल्ली कार ब्लास्ट की तबाही का सबसे साफ़ मंज़र इस सीसीटीवी वीडियो में दिखा...

