स्मार्टफोन-लैपटॉप के दाम नहीं बढ़ेंगे? OpenAI ने RAM को 'नमस्ते' कर दिया है
OpenAI के सैमसंग और SK Hynix जैसी कंपनियों से RAM डील के बाद मार्केट में मानो आग लग गई. अगले तीन महीनों में 64GB DDR5 रैम का दाम 17,963 रुपये से बढ़कर 66,193 हो गया. लेकिन अब खबर है कि सैम बाबू ने SK Hynix का 71 बिलियन का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया है.

स्मार्टफोन और लैपटॉप खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है. कई महीनों के बाद RAM के दाम कम हुए हैं. क्योंकि OpenAI ने SKHynix के तकरीबन साढ़े छह लाख करोड़ के ऑर्डर को धप्पा मार दिया है. माने ग्राहक के तौर पर शायद हमारी जेब पर भार नहीं पड़ेगा, मगर रैम कंपनियों के लिए OpenAI का ये कदम बहुत बड़ी दिक्कत साबित होने वाला है. Sam Altman के अतिउत्साह ने दशक का सबसे बड़ा हार्डवेयर संकट पैदा कर दिया है. letters of intent को असली ऑर्डर समझना रैम कंपनियों से भारी मिसटेक जैसा हो गया है.
शायद आपको letters of intent, असली ऑर्डर जैसी बातें समझ नहीं आ रही होंगी. आपको और हमको तो छोड़िए, ये बातें तो बेचारी रैम सप्लाई करने वाली कंपनियों को भी समझ नहीं आईं. मगर अब बहुत कुछ समझ में आ रहा है. बताते कैसे.
RAM को 'नमस्ते'अक्टूबर 2025 को एक रोज OpenAI के सीईओ Sam Altman अमेरिका से उड़कर साउथ कोरिया की राजधानी Seoul पहुंचे. यहां उन्होंने रैम बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों Samsung और SK Hynix से महीने के 900,000 DRAM की डिमांड की. यह संख्या दुनिया में हर महीने की कुल रैम सप्लाई का तकरीबन 40 फीसदी है.
इस डील की खबर बाहर आते ही रैम के मार्केट में मानो आग लग गई. अगले तीन महीनों में 64GB DDR5 रैम का दाम 17,963 रुपये से बढ़कर 66,193 हो गया. गणित के हिसाब से 171 परसेंट का जंप. Open AI के बाद कई और AI कंपनियों ने दूसरी रैम बनाने वाली कंपनियों को ऐसे ही ऑर्डर दिए. नतीजतन, Hard Disk Drive (HDD) बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक Western Digital ने अगले एक साल के लिए रिटेल ऑर्डर ही कैंसिल कर दिए. लगा कि दुनिया की पूरी रैम AI लील जाएगा.
मगर अब खबर आई है कि सैम बाबू ने SK Hynix का 71 बिलियन का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया है. AI एक्सपर्ट आकाश गुप्ता के मुताबिक, कंपनी के Abilene, Texas डेटा सेंटर को विस्तार नहीं मिल पाना इसकी वजह बताया जा रहा है. ये कंपनी का वही डेटा सेंटर हैं जिसके लिए उसको रैम की जरूरत थी. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक 500 बिलियन (47 लाख करोड़) के प्रोजेक्ट के लिए Oracle ने पैसा देने से इनकार कर दिया.
थोड़ा विषय से अलग हो जाएगा, लेकिन अपने मस्क भईया को पहले से पता था कि OpenAI के पास इसके लिए पैसा नहीं है. 2025 का ट्वीट देख लीजिए. खैर वापस आते हैं SK Hynix पर. दरअसल Open AI ने कंपनी को पर्चेज ऑर्डर नहीं बल्कि letter of intent दिया था. मार्केट की भाषा में इसे LOI कहते हैं. ये एक किस्म की सहमति है कि हम आपके साथ ये बिजनेस करेंगे.

जहां पर्चेज ऑर्डर को कैंसिल करने के लिए कई शर्तों को मानना पड़ता है वहीं LOI में ऐसा कुछ होता नहीं. अब OpenAI ने तो कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर दिया. लेकिन उस इनवेस्टमेंट का क्या जो कंपनियों ने रैम प्रोडक्शन को बढ़ाने में लगा दिया. किसी ने चांदी की खदान खरीद ली तो किसी ने मशीनें. हमारी भाषा में कहें तो OpenAI का LOI तो कच्ची लोई निकला.
एक्सपर्ट कह रहे कि AI का फुग्गा फूट रहा है. हालांकि दूसरी टेक कंपनियों जैसे मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, Claude की तरफ से रैम की भारी डिमांड जारी है. देखते हैं क्या होता है.
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