The Lallantop
Advertisement

डिजिटल पेमेंट का सिस्टम आज बदल गया, अब केवल OTP से काम नहीं चलने वाला

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिजिटल पेमेंट्स (Money rule changes from 1 April) को लेकर बनाए गए नए नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो गए हैं. पेमेंट करते समय टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन Two-factor authentication (2FA) अनिवार्य होगा.

Advertisement
pic
1 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 1 अप्रैल 2026, 11:43 AM IST)
Money rule changes from 1 April
डिजिटल पेमेंट का सिस्टम बदल गया
Quick AI Highlights
Click here to view more

आज यानी 1 अप्रैल, 2026 से आपके डिजिटल पेमेंट का तरीका (Money rule changes from 1 April) बदल गया है. ऑनलाइन पेमेंट अब एक की जगह दो स्टेप में होगा, लेकिन ऐसा होने से आपका पेमेंट पहले से सेफ होगा. बड़े अमाउंट वाले लेनदेन पर अतिरिक्त जांच होगी. सबसे अच्छी बात, अगर इन निर्देशों का पालन न करने की वजह से कोई आर्थिक नुकसान होता है तो इश्यूअर यानी बैंक को उसका पूरा मुआवजा ग्राहक को देना होगा.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिजिटल पेमेंट्स को लेकर बनाए गए नए नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो गए हैं. पेमेंट करते समय टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन Two-factor authentication (2FA) अनिवार्य होगा.

OTP से काम नहीं चलेगा बाबू

ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए अभी हम एसएमएस पर आने वाली OTP के सहारे चलते थे. लेकिन अब से यूजर को पासवर्ड, पासफ्रेज, (Passwords or passphrases), पिन (PINs), कार्ड हार्डवेयर (Hardware tokens or cards), सॉफ्टवेयर टोकन (Software-based authentication tokens), फिंगरप्रिंट या बायोमेट्रिक (Biometrics such as fingerprints or facial recognition) का भी इस्तेमाल करना होगा.

आसान भाषा में समझें तो एसएमएस पर आने वाली ओटीपी के साथ-साथ आपको अपने मोबाइल के पासवर्ड या दूसरे किसी और तरीके से उस लेनदेन को वेरीफाई करना होगा. माने अब सेफ्टी की एक और लेयर लगेगी. ऐसा होने से मोबाइल चोरी होने या SIM Swap से होने वाली ठगी पर लगाम लगेगी. अगर लेनदेन हाई वैल्यू वाला है तो बैंक इसके लिए एक्स्ट्रा सेफ्टी रखेगा. माने हो सकता है कि लेनदेन के दौरान सिस्टम आपसे कॉल करके पूछे कि ये पेमेंट आप ही कर रहे हो या नहीं.

RBI ने कहा है कि रिस्क मैनेजमेंट के लिहाज से वित्तीय संस्थान, इवैल्यूएशन के लिए लेनदेन की पहचान कर सकते हैं. ऐसा ट्रांजेक्शन की लोकेशन, यूजर के व्यवहार, डिवाइस की डिटेल और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री जैसे पहलुओं के बेसिस पर किया जा सकता है. माने आपके लेनदेन के तरीकों के हिसाब से सेफ्टी का स्टैंडर्ड सेट होगा.

नया सिस्टम का एक और फायदा है. रिजर्व बैंक ने कहा है कि अगर इन निर्देशों का पालन न करने की वजह से किसी ग्राहक को आर्थिक नुकसान होता है तो इश्यूअर यानी बैंक या संस्थान को उसका पूरा मुआवजा ग्राहक को देना होगा.

वीडियो: देहरादून में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत पर राहुल गांधी ने क्या कहा?

Advertisement

Advertisement

()