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चोरी-चोरी फोन की बैटरी चूसते हैं, गूगल ने इन ऐप्स का कर दिया इंतजाम, अब इनको भागना पड़ेगा

गूगल ने पिछले साल ही डेवलपर्स को इस बात की चेतावनी दी थी. साफ कहा था (play store battery warning) कि सुधर जाओ वरना पूरा कच्चा-चिट्ठा खोल दूंगा. इसी का नतीजा है कि अब प्ले स्टोर पर ऐप के साथ “This app may use more battery than expected due to high background activity" लिखा दिखेगा.

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6 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 09:42 AM IST)
play store battery warning
गूगल की बैटरी चूसने वाले ऐप्स को लताड़ (तस्वीर साभार: Tenor)
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Android स्मार्टफोन में बहुत कुछ सुधर गया है. बैटरी की क्षमता भी खूब बढ़ गई है मगर एक बात नहीं (play store battery warning) बदली. फोन में इंस्टाल ऐप्स का बिना इस्तेमाल के भी बैटरी चूसना. बैकग्राउन्ड ऐक्टिविटी के नाम पर कितने ही ऐप बिना मतलब के ऑन रहते हैं और बैटरी खाते रहते हैं. वैसे तो सेटिंग्स में ऐसे ऐप को पहचानने के कई ऑप्शन मिलते हैं मगर वहां तक जाता ही कौन है. कितना अच्छा होता जो ऐप डाउनलोड करने से पहले ही पता चल जाता कि फलां ऐप बैटरी चूसक है. चिंता नहीं क्योंकि अब ऐसा होने वाला है.

गूगल ने फालतू में बैटरी चूसने वाले ऐप्स को लताड़ना स्टार्ट किया है. प्ले स्टोर में ऐप से जुड़ी तमाम जानकारियों के साथ अब ये भी लिखा नजर आएगा कि ये वाला ऐप बैटरी खाता है. बताते कैसे.

गूगल का वादा

दरअसल गूगल ने पिछले साल ही डेवलपर्स को इस बात की चेतावनी दी थी. साफ कहा था कि सुधर जाओ वरना पूरा कच्चा-चिट्ठा खोल दूंगा. यूजर्स से वादा किया था कि एक्स्ट्रा बैटरी खाने वाले ऐप्स से निजात दिलाएगा. इसी का नतीजा है कि अब प्ले स्टोर पर ऐप के साथ “This app may use more battery than expected due to high background activity" लिखा दिखेगा.

Google’s Developers Blog
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जाहिर सी बात है कि इसके बाद यूजर्स ऐसे ऐप को डाउनलोड करने से बचेंगे. जाहिर सी बात है कि ऐसी चेतावनी के बाद डेवलपर्स को अपने ऐप को सही तरीके से ऑप्टिमाइज करना ही पड़ेगा. जब वो ऐसा करेंगे तब की तब देखेंगे मगर पहले ये जान लीजिए कि अभी ऐसे ऐप करते क्या हैं.

देसी से इतर अगर अंग्रेजी में कहें तो हायबरनेशन में रहने के लिए. टेक की भाषा में कहें तो Partial wake locks के लिए ऐप को बैटरी की जरूरत होती है. माने जब आप ऐप का इस्तेमाल नहीं कर रहे तो वो पूरी तरह से ऑफ नहीं होता. हल्का-हल्का सा जागता रहता है ताकि जब आप उसको फिर से इस्तेमाल करें तो वो तत्काल उठकर तैयार हो जाए.

ऐसा होना एक किस्म से अच्छा भी है क्योंकि अगर ऐप पूरी तरह सो गया तो फिर से उठने में टेम और इनर्जी, दोनों लगेगी. लेकिन इसी का फायदा कई ऐप्स बेकार में उठाते हैं. फोन के CPU को लगातार काम पर लगाए रहते हैं. नतीजतन बैटरी उड़ती रहती है. अब जो गूगल ने ऐसे ऐप्स को भरे बाजार शर्मिंदा करना शुरू किया है तो ऐप्स को सुधरना ही पड़ेगा.

वैसे इतने के बावजूद भी अगर नहीं सुधरे तो प्ले स्टोर से रुखसत भी होना पड़ सकता है. बोले तो गूगल बाबा डिलीट का बटन भी दबा देंगे.     

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